Best AQI Cities India: आबादी दिल्ली के बराबर लेकिन AQI में सबसे बेहतर, ये शहर हैं हमारे लिए मिसाल
Best AQI Cities India: जानिए उन बड़े शहरों की कहानी जिनकी आबादी दिल्ली जितनी विशाल है, लेकिन उनका AQI स्तर बेहद शानदार है. टोक्यो से लेकर इंदौर तक, समझें प्रदूषण नियंत्रण का यह सफल मॉडल

Best AQI Cities India: देश की राजधानी दिल्ली और पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में सर्दियों की आहट के साथ ही एक बार फिर दमघोंटू धुंध ने डेरा डाल दिया है. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के दैनिक बुलेटिन के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI 350 के स्तर को पार कर बेहद खराब श्रेणी में बना हुआ है. इस सीजन में प्रदूषण के इस रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बाद हर साल की तरह ग्रेप-2 की पाबंदियां और विंटर एक्शन प्लान लागू कर दिए गए हैं.
दिल्ली की इस दमघोंटू हवा के बीच यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या भारी आबादी वाले हर बड़े शहर की यही नियति है. लेकिन दुनिया और देश के कुछ ऐसे महानगर हैं जो हमारे लिए एक बेहतरीन मिसाल पेश करते हैं.
शहरी नियोजन और सार्वजनिक परिवहन की ताकत
घनी आबादी और बड़े महानगरों की सूची में जब हम दिल्ली की तुलना अन्य बड़े शहरों से करते हैं, तो दक्षिण भारत का बेंगलुरु एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आता है. हालांकि बेंगलुरु की आबादी दिल्ली जितनी विशाल नहीं है, फिर भी एक करोड़ से अधिक की आबादी होने के बावजूद वहां का औसत AQI दिल्ली और मुंबई की तुलना में काफी बेहतर रहता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, बेंगलुरु को इसकी भौगोलिक स्थिति, ऊंचे पठार पर होने, हरियाली और लगातार होने वाली मानसूनी बारिश का फायदा मिलता है. इसके अलावा, वहां का सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क, जैसे बीएमटीसी बसें और नम्मा मेट्रो, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को कम करने में बड़ी भूमिका निभाते हैं.
प्रदूषण नियंत्रण में अग्रणी रहने वाले बड़े शहर
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और पर्यावरण मंत्रालय के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के आंकड़ों को देखें, तो 10 लाख से अधिक की आबादी वाले बड़े शहरों में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ 198 अंकों के साथ शीर्ष स्थान पर रही है. इसके ठीक बाद मध्य प्रदेश का इंदौर और जबलपुर स्वच्छ हवा के मामले में देश के सबसे बेहतरीन बड़े शहरों के रूप में उभरे हैं.
इन शहरों में कचरा प्रबंधन, धूल नियंत्रण और सड़कों के किनारे बड़े पैमाने पर किया गया वृक्षारोपण वायु गुणवत्ता को सुधारने में बेहद कारगर साबित हुआ है. यह डेटा स्पष्ट रूप से दिखाता है कि घनी आबादी वाले शहर भी अगर सही कदम उठाएं, तो वे प्रदूषण के मामले में दिल्ली जैसी गंभीर स्थिति से बच सकते हैं.
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वैश्विक स्तर पर वायु प्रबंधन की मिसालें
अगर हम दुनिया के सबसे बड़े मेगा-सिटीज की बात करें, तो जापान की राजधानी टोक्यो दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला महानगरीय क्षेत्र है, जिसकी जनसंख्या 3.7 करोड़ से अधिक है. इतनी विशाल आबादी और उद्योगों का हब होने के बावजूद, टोक्यो का औसत AQI हमेशा बेहतर या संतोषजनक श्रेणी 0-50 के बीच में बना रहता है.
टोक्यो ने पिछले कुछ दशकों में डीजल वाहनों पर सख्त प्रतिबंध, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों को बड़े पैमाने पर बढ़ावा देकर और फैक्ट्रियों के धुएं के लिए बेहद कड़े नियम बनाकर अपनी हवा को पूरी तरह साफ कर लिया है. टोक्यो का यह सफल मॉडल दिल्ली जैसे मेगा-सिटी के लिए सबसे बड़ी सीख है.
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