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ट्रेन में कितना गोल्ड लेकर जा सकते हैं आप? जान लें RBI का नियम

How Much Gold Carry In Train: रेलवे और आरबीआई के नियमों के अनुसार ट्रेन में सोना सामान्य सामान की तरह माना जाता है. ऐसे में चलिए जाने लेते हैं कि आखिर ट्रेन में कोई कितना सोना ले जा सकता है.

अगर आप ट्रेन में यात्रा कर रहे हैं और सोना अपने साथ ले जाना चाहते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है. इसके लिए भारतीय रेलवे और आरबीआई (RBI) ने स्पष्ट नियम बनाए हैं. दरअसल, सोने को रेलवे की नजर में किसी विशेष वस्तु की तरह नहीं, बल्कि सामान्य सामान की तरह माना जाता है. इसका मतलब यह है कि जितना सामान आप अपने टिकट के अनुसार ले जा सकते हैं, उतना ही सोना भी आप अपने साथ रख सकते हैं. चलिए विस्तार से नियम जानें.

कितना सोना ले जाने की है अनुमति

भारतीय रेलवे ने अलग-अलग क्लास के यात्रियों के लिए सामान की लिमिट तय की है. फर्स्ट एसी के यात्रियों को 70 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति है. वहीं एसी 2-टियर के यात्रियों के लिए यह सीमा 50 किलो है. एसी 3-टियर और स्लीपर क्लास के यात्रियों को 40 किलो तक सामान ले जाने की अनुमति है. जनरल क्लास के यात्रियों के लिए यह सीमा 35 किलो है. यानी अगर आप सोना अपने साथ ले जा रहे हैं, तो यह सब लिमिट इसी सामान सीमा के अंदर होना चाहिए.

सामान की लिमिट में ही ले जा सकते हैं सोना

अगर कोई यात्री इस निर्धारित सीमा से अधिक सामान ले जाता है, तो रेलवे उस पर अतिरिक्त शुल्क और जुर्माना लगा सकता है. इसलिए यात्रा से पहले अपने सामान और सोने की मात्रा का सही अंदाजा लगाना बहुत जरूरी है. इससे आपको यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

ट्रेन में सोना ले जाएं तो कहां रखें

सोने के बारे में एक और महत्वपूर्ण टिप यह है कि अपने आभूषणों को हमेशा कैरी-ऑन बैग में रखें, चेक-इन बैग में नहीं रखें. चेक-इन बैग में रखे गए सामान में चोरी या खोने का खतरा अधिक होता है. कैरी-ऑन बैग में रखने से आप अपने कीमती आभूषणों पर अपनी नजर बनाए रख सकते हैं और उन्हें सुरक्षित रख सकते हैं. रेलवे के नियम यात्रियों की सुरक्षा और सामान की निगरानी के लिए बनाए गए हैं. ट्रेन में सोना ले जाना मुश्किल नहीं है, बस आपको अपने टिकट क्लास के हिसाब से निर्धारित वजन सीमा का पालन करना होगा. 

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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