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किसी को थप्पड़ मारने पर कितने साल की सजा, जानिए क्या कहता है कानून

भारत में किसी को थप्पड़ मारना कानूनी जुर्म है. आज हम आपको बताएंगे कि ऐसी घटना पर पुलिस आरोपी के खिलाफ क्या-क्या कार्रवाई कर सकती है और कितने साल की सजा मिलती है.

भारत में किसी को थप्पड़ मारना कानूनी जुर्म है. भारतीय नियमों के मुताबिक कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को थप्पड़ नहीं मार सकता है. इसको हिंसा माना जाता है. आज हम आपको बताएंगे कि भारत में किसी को थप्पड़ मारने पर आपके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकता है.  

थप्पड़ मारना

भारत में किसी भी व्यक्ति को थप्पड़ मारना एक जुर्म है, जिसके लिए सजा का प्रावधान है. अब सवाल है कि ताजा मामला क्या है? बता दें कि मंडी से सांसद चुनी गई फिल्म अभिनेत्री कंगना रानौत पर गुरुवार को चंडीगढ़ में सीआईएसएफ महिला सुरक्षाकर्मी द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप है. दरअसल ये घटना चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर कंगना के साथ महिला सुरक्षाकर्मी के बीच कुछ कहा-सुनी के बाद हुई है. 
थप्पड़ मारने पर कितने साल की जेल?

अब सवाल ये है कि किसी को थप्पड़ मारने की सजा क्या है. दरअसल इस तरह के मामलों में पुलिस इंडियन पीनल कोड (IPC) के सेक्शन 323 के तहत केस दर्ज करती है. वहीं IPC के सेक्शन 323 के तहत अगर कोई अपनी इच्छा से किसी को चोट या नुकसान पहुंचाता है, तो ऐसा करने पर उसे 1 साल की जेल हो सकती है. इसके अलावा 1 हजार रुपये का जुर्माना या दोनों की सजा हो सकती है. वहीं अगर ये बात साबित होती है कि घटना के समय किसी ने बदसलूकी करके और फिर ये घटना को अंजाम दिया है, तो अदालत सजा को बदल भी सकती है. 

हमला प्रतिकात्मक 

वहीं अगर कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति को भयभीत करने के लिए आपराधिक बल या प्रतीकात्मक हमला करता है, जिससे किसी भी प्रकार की क्षति नहीं होती है. लेकिन पीड़ित व्यक्ति घबराहट महसूस करता है, तब भी ऐसा करने वाला व्यक्ति भारतीय दंड संहिता की धारा 358 के अंतर्गत दोषी माना जाएगा.

जानकारी के मुताबिक पहले पुलिस थप्पड़-मुक्की की घटना में सीआरपीसी की दफा 107/51 के तहत निवारक कार्रवाई करती थी. इसके तहत आरोपी को डयूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया जाता था, जहा मौके पर ही एक साल तक नेक चाल-चलन की चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता था. लेकिन अब पुलिस आईपीसी की दफा 323 व 341 के तहत केस दर्ज करेगी. इन धाराओं के तहत केस दर्ज होने के बाद पुलिस के जांच अधिकारी सबूत एकत्रित करते हैं. वहीं केस कोर्ट में चलेगा और दोषी पाए जाने पर एक साल तक की सजा व जुर्माना भी हो सकता है. हालांकि ताजा मामला नवनिर्वाचित लोकसभा सदस्य कंगना रनौत और सरकारी ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी का है, पुलिस इस मामले में कई अन्य धाराओं में भी केस दर्ज कर सकती है. 

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