एक्सप्लोरर

Artificial Sun:आर्टिफिशियल सूरज कैसे बनाया जाता है, क्या है इसका फायदा और इससे निकलने वाली गर्मी से कैसे निपटेगा इंसान?

दुनियाभर के वैज्ञानिक लगातार आर्टिफिशियल सूरज बनाने पर फोकस कर रहे हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आर्टिफिशियल सूरज से क्या फायदा होगा और ये भविष्य में प्रकृति के लिए कितना अच्छा होगा?

कई देश के वैज्ञानिक लगातार आर्टिफिशियल सूरज पर काम कर रहे हैं. जैसे अभी हाल ही में दक्षिण कोरिया ने आर्टिफिशियल सूरज बनाया है, जो सूरज से 7 गुणा गर्मी पैदा करेगा. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आर्टिफिशियल सूरज कैसे बनता है और इससे क्या फायदा होगा. आज हम आपको बताएंगे कि इससे इंसानों को क्या फायदा होगा. 

आर्टिफिशियल सूरज

बता दें कि दक्षिण कोरिया के वैज्ञानिको ने न्यूक्लियर फ्यूजन टेक्नोलॉजी में एक अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है. दक्षिण कोरिया ने सबसे ज्यादा समय तक के लिए 10 करोड़ डिग्री सेल्सियस का तापमान बनाए रखने का एक नया विश्व रिकॉर्ड स्थापित किया है. बता दें कि यह तापमान सूर्य के कोर से सात गुना ज्यादा है. जानकारी के मुताबिक 48 सेकंड तक यह तापमान बनाकर रखा गया था. जानकारी के मुताबिक यह भविष्य के ऊर्जा स्रोत के विकास में एक महत्वपूर्ण प्रगति को दिखाता है. सवाल ये है कि आखिर कैसे आर्टिफिशियल सूरज बनता है. जानकारी के मुताबिक न्यूक्लियर फ्यूजन में दो परमाणु आपस में जुड़ते हैं और यह सूर्य और अन्य तारों के ऊर्जा की नकल करता है. 

कैसे बनता है आर्टिफिशियल सूरज? 

जानकारी के मुताबिक फ्यूजन एनर्जी पाने की कुंजी टोकामक में है, जो एक डोनट के आकार का रिएक्टर है. यह प्लाज्मा बनाने के लिए हाइड्रोजन वेरिएंट को गर्म करता है. वहीं प्लाज्मा पदार्थ की वह अवस्था है, जहां परमाणु नाभिक और इलेक्ट्रॉन अलग हो जाते हैं. कोरियाई इंस्टीट्यूट ऑफ फ्यूजन एनर्जी रिसर्च सेंटर के निदेशक सी-वू यून के मुताबिक भविष्य के परमाणु रिक्टरों की सफलता के लिए यह महत्वपूर्ण है. दिसंबर 2023 से 2024 तक के प्रयोग में 48 सेकंड का रिकॉर्ड बनाया गया है. 

क्यों बन रहा नकली सूरज 

जानकारी के मुताबिक वर्तमान में पारंपरिक न्यूक्लियर प्लांट विखंडन से ऊर्जा प्राप्त करते हैं. अर्थात परमाणुओं को तोड़कर चेन रिएक्शन को शुरू करने के लिए यूरेनियम का इस्तेमाल किया जाता है. इस तरह के प्लांट आधी सदी से ज्यादा समय से चल रहे हैं. 1954 में यूएसएसआर ने अपना पहला परमाणु प्लांट बिजली ग्रिड से जोड़ा था. लेकिन इसके खतरे हैं, जो चेरनोबिल आपदा में देखा गया है. परमाणु विखंडन की सबसे बड़ी समस्या इससे पैदा होने वाला कचरा है, जो सदियों तक खतरनाक रेडियोएक्टिव लेवल को बनाए रख सकता है. इसके विपरीत न्यूक्लियर फ्यूजन या नकली सूर्य सुरक्षित है और लगभग ये किसी भी तरह का कचरा नहीं फैलाता है. 

आर्टिफिशियल सूरज से क्या होगा फायदा

फ्यूजन रिएक्शन से न्यूनतम रेडियोएक्टिव कचरा निकलता है. वहीं असीमित ईंधन स्रोत होता है, जो इसे टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाता है. फ्यूजन रिएक्शन जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता को कम कर सकता है. इस कारण ऊर्जा से जुड़े जियोपॉलिटिकल तनाव कम हो सकते हैं. क्योंकि फ्यूजन में काम आने वाला ईंधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है. फ्यूजन एनर्जी ग्रीनहाउस गैस का उत्सर्जन नहीं करता है, इस कारण यह है कि जलवायु परिवर्तन से निपटने और वैश्विक कार्बन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण बन जाता है. वहीं अंतरिक्ष खोज में फ्यूजन एनर्जी महत्वपूर्ण हो सकती है. इससे मंगल ग्रह या उससे आगे के मिशन में ऊर्जा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. इससे दुनिया में गहराता ऊर्जा संकट खत्म हो सकता है और वैज्ञानिकों का लक्ष्य 2026 तक कम से कम 300 सेकंड के लिए प्लाज्मा का तापमान 10 करोड़ डिग्री तक बनाए रखना है.

 

ये भी पढ़ें:Electric Shock: किस वजह से आपको लगता है कुछ भी छूने पर करंट, आखिर क्या कहता है साइंस

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

Zewar Airport: ये हैं देश के टॉप-5 सबसे बड़े एयरपोर्ट, जानें किस नंबर पर आता है जेवर हवाई अड्डा?
ये हैं देश के टॉप-5 सबसे बड़े एयरपोर्ट, जानें किस नंबर पर आता है जेवर हवाई अड्डा?
NATO Funding: नाटो से बाहर आ जाए अमेरिका तो कितना कमजोर हो जाएगा संगठन, जानें इसमें US की कितनी फंडिंग?
नाटो से बाहर आ जाए अमेरिका तो कितना कमजोर हो जाएगा संगठन, जानें इसमें US की कितनी फंडिंग?
Noida International Airport: आईजीआई एयरपोर्ट से कितना छोटा या बड़ा है जेवर एयरपोर्ट? देख लें दोनों का कंपैरिजन
आईजीआई एयरपोर्ट से कितना छोटा या बड़ा है जेवर एयरपोर्ट? देख लें दोनों का कंपैरिजन
Largest banknote in the world: दुनिया के किस देश में चलता है सबसे बड़ा नोट, भारत में उससे क्या-क्या खरीद सकते हैं?
दुनिया के किस देश में चलता है सबसे बड़ा नोट, भारत में उससे क्या-क्या खरीद सकते हैं?

वीडियोज

Iran US Israel War: ईरान के हमलों से दहला Middle East, हर तरफ आग की चिंगारी | Iran israel War
महायुद्ध... आतंक का 'बारूद' !
बड़े 'धोखे' हैं ट्रंप की 'डील' में ?
Jaipur की सड़क पर लड़की का ताबड़तोड़ हमला! बुलेट भी नहीं बची
ईरानी सेना नहीं जनता से हार रहे ट्रंप!

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
केरल में कांग्रेस ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट, क्या शशि थरूर को सौंपी जिम्मेदारी?
केरल में कांग्रेस ने जारी की 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट, क्या शशि थरूर को सौंपी जिम्मेदारी?
JDU में बड़े बदलाव के संकेत! रोज-रोज पार्टी दफ्तर क्यों पहुंच रहे निशांत कुमार? सामने आई ये जानकारी
JDU में बड़े बदलाव के संकेत! रोज-रोज पार्टी दफ्तर क्यों पहुंच रहे निशांत कुमार? सामने आई ये जानकारी
LPG Crisis: घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई एलपीजी से जुड़ी हर बात
घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कितनी कमी? सरकार ने बताई LPG से जुड़ी हर बात
IPL 2026 के लिए बेंगलुरु पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, पार्किंग से लेकर एंट्री-एग्जिट तक जानें सारी डिटेल 
IPL 2026 के लिए बेंगलुरु पुलिस ने जारी की एडवाइजरी, जानें सारी डिटेल
Box Office: 'धुरंधर 2' की सुनामी में बंपर कमाई कर रही ये फिल्म, कमाई 100 करोड़ पहुंची
'धुरंधर 2' की सुनामी में बंपर कमाई कर रही ये फिल्म, कमाई 100 करोड़ पहुंची
ईरान युद्ध ने बढ़ाया हवाई किराया, एक अप्रैल से महंगी हो जाएगी फ्लाइट की टिकट! आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?
ईरान युद्ध ने बढ़ाया हवाई किराया, एक अप्रैल से महंगी हो जाएगी फ्लाइट की टिकट! आपकी जेब पर कितना पड़ेगा असर?
Isometric Exercise: क्या होती है आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह कितनी फायदेमंद?
क्या होती है आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज, हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह कितनी फायदेमंद?
Delhi rain viral video: दिल्ली की बारिश से नए संसद भवन में भीगे माननीय, वीडियो देख यूजर्स को याद आया पुराना संसद भवन
दिल्ली की बारिश से नए संसद भवन में भीगे माननीय, वीडियो देख यूजर्स को याद आया पुराना संसद भवन
Embed widget