Noida International Airport: आईजीआई एयरपोर्ट से कितना छोटा या बड़ा है जेवर एयरपोर्ट? देख लें दोनों का कंपैरिजन
Noida International Airport: पीएम मोदी 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद से ही यहां से यात्रियों को देश के प्रमुख शहरों तक सीधी उड़ानें शुरू हो जाएगी.

Noida International Airport: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा के जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का इंतजार अब खत्म हो गया है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल यानी 28 मार्च को जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन करेंगे. इस एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद से ही यहां से यात्रियों को देश के प्रमुख शहरों तक सीधी उड़ाने शुरू हो जाएगी. जिससे यात्रा और कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी. वहीं इस उद्घाटन समारोह के चलते गौतम बुद्ध नगर जिले में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए हैं.
बताया जा रहा है कि जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद कई यात्रियों को आईजीआई एयरपोर्ट का रुख नहीं करना पड़ेगा. वहीं इस एयरपोर्ट के उद्घाटन की खबरों के साथ ही आईजीआई और जेवर एयरपोर्ट को लेकर कंपैरिजन भी होने लगा है. लोगों के इन दोनों ही एयरपोर्ट को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आईजीआई एयरपोर्ट से जेवर एयरपोर्ट कितना छोटा या बड़ा है.
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आईजीआई एयरपोर्ट से कितना छोटा या बड़ा है जेवर एयरपोर्ट?
सबसे बड़ा एयरपोर्ट होने का मतलब सिर्फ क्षेत्रफल नहीं होता है बल्कि इसमें यात्री क्षमता, रनवे की संख्या और हर साल संभाले जाने वाले ट्रैफिक जैसे कई पैमाने शामिल होते हैं. वहीं मौजूदा समय में दिल्ली का इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का सबसे व्यस्त और बड़े ऑपरेशनल एयरपोर्ट में गिना जाता है. साल 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार यहां हर साल करीब 7.9 करोड़ यात्री सफर करते हैं. वहीं रोजाना 2 लाख से ज्यादा लोगों की आवाजाही यहां होती है. यहां कुल तीन टर्मिनल है और चार रनवे मौजूद हैं, जिससे यह देश का सबसे मजबूत एविएशन हब बना हुआ है.
कितना बड़ा है जेवर एयरपोर्ट?
जेवर एयरपोर्ट अभी अपने पहले चरण में शुरू हो रहा है. शुरुआती फेज में इसकी सालाना क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की रखी गई है. फिलहाल इसमें एक मुख्य टर्मिनल और दो रनवे होंगे, जबकि हर साल करीब 30,000 फ्लाइट ऑपरेशन का अनुमान है. यानी शुरुआत में यह आईजीआई एयरपोर्ट से काफी छोटा है. इसके अलावा जेवर एयरपोर्ट की सबसे बड़ी ताकत तो उसका भविष्य मान जा रहा है. दरअसल इसका कुल प्रस्तावित क्षेत्रफल करीब 7,200 एकड़ बताया जा रहा है जो इसे आने वाले समय में काफी बड़ा बना सकता है. योजना के अनुसार आगे चलकर यहां 6 रनवे बनाए जा सकते है और यात्री क्षमता 7 करोड़ से भी ज्यादा पहुंच सकती है. अगर यह प्लान पूरी तरह लागू होता है तो जेवर एयरपोर्ट न सिर्फ भारत बल्कि एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट में शामिल हो सकता है.
कनेक्टिविटी और सुविधाओं में भी अंतर
कनेक्टिविटी के मामले में जेवर एयरपोर्ट को खासतौर पर डिजाइन किया गया है. यमुना एक्सप्रेस वे और ईस्टर्न पेरिफेरल रोड से जुड़ाव इसे दिल्ली और आसपास के राज्यों से जोड़ता है. वहीं दूसरी तरफ आईजीआई एयरपोर्ट पहले से ही पूरी तरह विकसित नेटवर्क के साथ काम कर रहा है और देश-विदेश की उड़ानों का यह प्रमुख केंद्र बना हुआ है.
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Source: IOCL


























