दुनिया का सबसे महंगा फाइटर प्लेन कौन सा, अमेरिका-रूस या चीन कौन है नंबर वन?
दुनिया में लड़ाकू विमानों की कीमत तकनीक, स्टेल्थ क्षमता, रडार और हथियार सिस्टम पर निर्भर करती है. सबसे महंगे जेट की कीमत मिलियन डॉलर से ज्यादा तक जाती है. एयरफोर्स की ताकत में इनकी बड़ी भूमिका है.

द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से लड़ाकू विमान किसी भी देश की सैन्य ताकत का बड़ा आधार रहे हैं. आज अमेरिका, रूस, चीन और फ्रांस जैसे देश लगातार अपने फाइटर जेट को आधुनिक बना रहे हैं. पांचवीं पीढ़ी के जेट तैनात हो चुके हैं और कुछ देश छठी पीढ़ी के जेट पर काम कर रहे हैं. इसी क्रम में आइए जानें कि किस देश के पास दुनिया का सबसे महंगा फाइटर जेट है.
F-22 रैप्टर
कीमत के आधार पर देखें तो दुनिया का सबसे महंगा ऑपरेशनल फाइटर जेट अमेरिकी कंपनी Lockheed Martin का F-22 Raptor है. F-22 रैप्टर की प्रति विमान कीमत लगभग 143 मिलियन डॉलर बताई जाती है. इसे हवाई वर्चस्व यानी एयर सुपरियोरिटी के लिए डिजाइन किया गया था. इसमें स्टेल्थ तकनीक, सुपरक्रूज क्षमता और एडवांस सेंसर फ्यूजन सिस्टम है. इसकी खासियत है कि यह बिना आफ्टरबर्नर के भी लंबी दूरी तक तेज गति से उड़ सकता है. यह फिलहाल दुनिया का सबसे महंगा सक्रिय सेवा में मौजूद फाइटर जेट माना जाता है.
दूसरे नंबर पर राफेल
फ्रांस की कंपनी Dassault Aviation द्वारा बनाया गया Dassault Rafale लगभग 125 मिलियन डॉलर प्रति विमान की कीमत के साथ दूसरे स्थान पर है. यह मल्टीरोल फाइटर जेट है, जो एयर सुपरियोरिटी, ग्राउंड अटैक, रिकॉनिसेंस और न्यूक्लियर मिशन तक कर सकता है. इसमें एडवांस रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम और मजबूत एवियोनिक्स लगे हैं. भारत ने भी अपनी वायुसेना के लिए राफेल खरीदे हैं, इसलिए यह भारतीय जनता के लिए अहम है.
चीन का J-20
चीन का पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर जेट Chengdu J-20 लगभग 110 मिलियन डॉलर प्रति विमान की कीमत के साथ तीसरे स्थान पर है. इसे लंबी दूरी की इंटरसेप्शन और नेटवर्क आधारित युद्ध के लिए तैयार किया गया है. इसमें रडार से बचने वाली कोटिंग और स्वदेशी एवियोनिक्स सिस्टम हैं. चीन इसे अपनी वायुसेना की मुख्य ताकत के रूप में पेश करता है.
F-35 लाइटनिंग II
Lockheed Martin का ही F-35 Lightning II लगभग 109 मिलियन डॉलर प्रति विमान की लागत के साथ दुनिया के सबसे महंगे जेट में शामिल है. यह मल्टीरोल स्टेल्थ फाइटर है, जिसे अमेरिकी वायुसेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स के लिए विकसित किया गया। इसमें एडवांस डेटा फ्यूजन और स्टेल्थ तकनीक है.
F-15EX ईगल II
अमेरिका का Boeing F-15EX Eagle II करीब 97 मिलियन डॉलर प्रति विमान का है. यह स्टेल्थ जेट नहीं है, लेकिन इसकी पेलोड क्षमता ज्यादा है. यह हाइपरसोनिक मिसाइल जैसे भारी हथियार ले जाने में सक्षम है. इसमें आधुनिक रडार और डिजिटल सिस्टम लगाए गए हैं.
रूस का Su-35
रूस का Sukhoi Su-35 लगभग 85 मिलियन डॉलर का है. यह नॉन-स्टेल्थ फाइटर जेट है, लेकिन इसमें थ्रस्ट वेक्टरिंग इंजन और लंबी दूरी की शक्तिशाली रडार है. इसकी खासियत इसकी जबरदस्त मोड़ क्षमता है.
स्वीडन का ग्रिपेन
स्वीडन की कंपनी Saab का Saab JAS 39E/F Gripen भी लगभग 85 मिलियन डॉलर का है. यह हल्का और मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसमें नया इंजन और एडवांस रडार है.
E/A-18G ग्रोलर और FC-31
Boeing E/A-18G Growler की कीमत करीब 80 मिलियन डॉलर है. यह इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर के लिए खास तौर पर बनाया गया है.
चीन का Shenyang FC-31 लगभग 70 मिलियन डॉलर का है और अभी विकास के चरण में है. इसे निर्यात के लिए तैयार किया जा रहा है.
कौन है नंबर वन?
कीमत के आधार पर देखें तो अमेरिका का F-22 रैप्टर दुनिया का सबसे महंगा ऑपरेशनल फाइटर जेट है. इसके बाद फ्रांस का राफेल और चीन का J-20 आते हैं. अमेरिका अभी भी सबसे महंगे और तकनीकी रूप से उन्नत जेट बनाने में आगे है.
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Source: IOCL
























