6 दिन तक ना ले सांस और 1 साल तक ना खाए खाना फिर भी जिंदा रह सकता है ये जीव, जानिए ऐसा क्यों
कई रिपोर्ट के अनुसार बिच्छू एक ऐसा जीव है जो करीब 6 दिनों तक बिना सांस लिए जीवित रह सकता है. इसके पीछे इसकी खास श्वसन प्रक्रिया होती है, जिसे बुक लंग्स कहा जाता है.

दुनिया भर में ऐसे कई जीव-जंतु पाए जाते हैं, जिनकी खासियत इंसानों को हैरान कर देती है. वहीं आमतौर पर बिना सांस लिए कुछ मिनट भी जिंदा रह पाना इंसान के लिए नामुमकिन है, लेकिन प्रकृति ने कुछ जीवों को ऐसी क्षमता दी है जो हमारी कल्पना से परे हैं. इन्हीं में एक ऐसा जीव भी शामिल है जो न सिर्फ जहरीला होता है, सहनशक्ति के लिए भी जाना जाता है. यह जीव 6 दिन तक सांस ना ले और 1 साल तक खाना ना खाए फिर भी जिंदा रह सकता है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कौन सा ऐसा जीव है जो 6 दिन तक सांस ना और 1 साल तक खाना ना खाए फिर भी जिंदा रह सकता है.
6 दिन तक सांस रोक सकता है यह जीव
कई रिपोर्ट के अनुसार बिच्छू एक ऐसा जीव है जो करीब 6 दिनों तक बिना सांस लिए जीवित रह सकता है. इसके पीछे इसकी खास श्वसन प्रक्रिया होती है, जिसे बुक लंग्स कहा जाता है. बिच्छू के फेफड़े किताब के पन्नों की तरह मुड़े हुए प्लेटनुमा ढांचे से बने होते हैं. इनकी बनावट ऐसी होती है कि इनमें हवा संग्रहित रह सकती है. यही वजह है कि जब बिच्छू को कुछ समय तक ऑक्सीजन नहीं मिलती है, तब भी वह पहले से शरीर में मौजूद हवा के सहारे जिंदा रह सकता है.
1 साल बिना खाएं भी जिंदा रह सकता है बिच्छू
बिच्छू की ताकत सिर्फ सांस रोकने तक सीमित नहीं है, यह पूरे 1 साल तक बिना खाना खाएं भी जीवित रह सकता है. इसे बहुत कम पानी की जरूरत होती है और यह रेगिस्तान, जंगल या पथरीले इलाकों में भी खुद को ढाल सकता है. इसके शरीर की बनावट और धीमा मेटाबॉलिज्म इसे लंबे समय तक बिना भोजन के जीवित रहने में मदद करते हैं. इसके अलावा बिच्छू की एक और विशेषता यह है कि अल्ट्रावायलेट लाइट के संपर्क में आने से इसका शरीर चमकने लगता है. यही कारण है कि वैज्ञानिक अक्सर रात में यूवी लाइट की मदद से इन्हें आसानी से खोज लेते हैं.
इंडियन रेड स्कॉर्पियन होता है सबसे जहरीला
भारत में पाया जाने वाला इंडियन रेड स्कॉर्पियन दुनिया के सबसे खतरनाक बिच्छू में गिना जाता है. इसका डंक बहुत जहरीला होता है. यह भारत के अलावा पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश में भी पाया जाता है. गंभीर मामलों में इसके जहर का असर जानलेवा भी हो सकता है.
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Source: IOCL























