एक्सप्लोरर

Political GK: यहां जानिए कैसे बनती है नई राजनीतिक पार्टी और चुनाव चिन्ह आवंटन की पूरी प्रक्रिया!

Political Party Formation: भारत में राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए लोक प्रतिनधित्वय अधिनियम, 1951 का प्रावधान है. आइए जानते हैं राजनीतिक पार्टी बनाने के नियम और प्रोसेस को.

Political Party Formation: मतदान के वक्त चारों ओर राजनीतिक पार्टियों (Political Party) के पोस्टर बैनर आदि देख कर आपके मन में यह सवाल तो आता होगा कि आखिर ये राजनीतिक पार्टियां बनती कैसे हैं? पार्टियों को चुनाव चिन्ह कैसे दिया जाता है? इसके क्या नियम हैं और क्या प्रोसेस है? आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि किसी नई राजनीतिक पार्टी के बनने के लिए क्या नियम हैं, क्या प्रोसेस है और इनको चुनाव चिन्ह कैसे आवंटित होते हैं. पढ़िए पूरी खबर 

भारत में कितनी तरह की होती हैं पार्टी?

आपको बता दें कि भारत में तीन तरह की राजनैतिक पार्टियां हैं.

1. राष्ट्रीय पार्टी
2. राज्य स्तरीय पार्टी
3. गैर मान्यता प्राप्त (लेकिन चुनाव आयोग के पास पंजीकृत)

वर्तमान में अपने देश में कुल 7 राष्ट्रीय, 58 राज्यस्तरीय तथा 1786 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियाँ हैं. चुनाव में मिलने वाली वोट और सीटों की संख्या के आधार पर उन्हें राष्ट्रीय या राज्य की पार्टी का दर्जा मिलता है. बता दें कि इन पार्टियों की संख्या में समय समय पर बदलाव होता रहता है.

ऐसे होता है नई पार्टी का रजिस्ट्रेशन?
भारत में राजनीतिक पार्टी बनाने के लिए लोक प्रतिनधित्वय अधिनियम, 1951 का प्रावधान है. आइए जानते हैं राजनीतिक पार्टी बनाने के नियम और प्रोसेस को
•  चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर इसकी प्रोसेस बताई गई है. चुनाव आयोग द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, सबसे पहले पार्टी बनाने वाले व्यक्ति को साधारण प्रोसेस की तरह चुनाव आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध एक फॉर्म भरना होता है और इसे भरकर निर्वाचन आयोग को 30 दिन के भीतर भेजना होता है.

•   इसके लिए निर्वाचन आयोग को प्रोसेसिंग फीस के रुप में 10 हजार रुपये भी देने होते हैं, जो डीडी के माध्यम से जमा किए जाते हैं.

•  पार्टी संस्थापक को पार्टी का एक संविधान तैयार करवाना होता है, जिसमें पार्टी के नाम और पार्टी क्यों और किस तरह से काम करेगी इसकी जानकारी देनी होती है. इस संविधान में ही पार्टी के कई नियमों का उल्लेख होगा, जिसमें अध्यक्ष आदि का चुनाव और अन्य नियम शामिल होंगे. इस संविधान से यह साफ होना चाहिए कि पार्टी भारत के संविधान और समाजवाद, धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र के सिद्धान्तों के प्रति सच्ची श्रद्धा और निष्ठा रखेगी.

• पार्टी बनने से पूर्व ही अध्यक्ष आदि की जानकारी देनी होगी और संविधान की कॉपी पर उनके साइन, मुहर लगे होना भी अनिवार्य है. अगर पार्टी के नाम कोई बैंक अकाउंट है तो उसकी जानकारी भी देनी होगी.

•  पार्टी में न्यूनतम 100 सदस्य होने चाहिए और शर्त है कि वो किसी अन्य पार्टी न जुड़े हों. पदाधिकारी, कार्यकारी समिति, कार्यकारी परिषद आदि की जानकारी पहले ही देनी होगी. साथ ही पार्टी को एक हलफनामा भी देना होगा, जिसमें यह बताया जाएगा कि पार्टी का कोई भी सदस्य अन्य किसी दूसरी पार्टी से नहीं जुड़ा है.

ऐसे होता है चुनवा चिन्ह का आवंटन

भारत का चुनाव आयोग ही राजनीतिक पार्टियों को चुनाव चिह्न भी आवंटित करता है. संविधान के आर्टिकल 324 (रेप्रजेंटेशन ऑफ द पीपुल ऐक्ट, 1951 व कंडक्ट ऑफ इलेक्शंस रूल्स, 1961) के माध्यम से चुनाव आयोग को शक्ति प्रदान है. जिनका इस्तेमाल करके चुनाव आयोग ने चुनाव चिह्न (आरक्षण एवं आवंटन) आदेश, 1968 जारी किया. राजनीतिक पार्टियों और उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न इसी के तहत आवंटित किए जाते हैं.

चुनाव आयोग के पास बीते सालों में आवंटित हो चुके निशानों और ऐसे निशान जो किसी को भी आवंटित नहीं किए गए हैं की दो सूची होती हैं. चुनाव आयोग के पास हर समय कम से कम ऐसे 100 निशान होते हैं, जो अभी तक किसी को आवंटित नहीं हुए हैं. इन निशानों का चुनाव इस बात को ध्यान में रखकर किया जाता है कि मतदाताओं को वे आसानी से याद रहे और आसानी से वे उनको पहचान जाएं.

ये भी पढ़ें -

दुश्मन से लड़ा-भिड़ा और पाकिस्तान में जा गिरा, पढ़िए IAF के इस वीर पायलट की वतन वापसी की दिलचस्प कहानी!

Study Tips: सर्दियों में ऐसे करोगे पढ़ाई तो नहीं आएगी नींद, एग्जाम में भी मिलेंगे अच्छे नंबर!

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

LPG Consumers India: किस राज्य में सबसे ज्यादा LPG उपभोक्ता, जानें देश में कितने लोग उठा रहे PMUY का लाभ?
किस राज्य में सबसे ज्यादा LPG उपभोक्ता, जानें देश में कितने लोग उठा रहे PMUY का लाभ?
Banana Peel Slip: केले के छिलके पर क्यों फिसल जाता है पैर, किसी और पर क्यों नहीं?
केले के छिलके पर क्यों फिसल जाता है पैर, किसी और पर क्यों नहीं?
Shivalik LPG Ship: एक घंटे में कितना तेल पीता है 'शिवालिक जहाज', जो LPG लेकर आज पहुंचा भारत?
एक घंटे में कितना तेल पीता है 'शिवालिक जहाज', जो LPG लेकर आज पहुंचा भारत?
दिल्ली मेट्रो बना पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किंग, 2025 में इतने करोड़ यात्रियों की लाइफलाइन बन तोड़ा रिकॉर्ड
दिल्ली मेट्रो बना पब्लिक ट्रांसपोर्ट का किंग, 2025 में इतने करोड़ यात्रियों की लाइफलाइन बन तोड़ा रिकॉर्ड

वीडियोज

Iran- Israel War: 'डांसिंग डेथ का मारा इजरायल' ! | World War | Sansani |
Iran- Israel War: 7 हजार से ज्यादा ठिकानों पर हमले- Trump | World War | Breaking | Abp News
'इजरायल सभी मुस्लिम देशों का दुश्मन'- Iran
LPG की किल्लत से जनता परेशान?
चुनाव से पहले तबादलों के पीछे का 'असली सच' क्या?

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
RSS और RAW पर बैन की सिफारिश वाली अमेरिकी रिपोर्ट पर MEA ने लगाई लताड़, जानें क्या कहा?
RSS और RAW पर बैन की सिफारिश वाली अमेरिकी रिपोर्ट पर MEA ने लगाई लताड़, जानें क्या कहा?
राज्यसभा चुनाव रिजल्ट: बेटे निशांत ने पिता की जीत पर ऐसे दी बधाई, बोले- 'एक पुत्र के रूप में…'
राज्यसभा चुनाव रिजल्ट: बेटे निशांत ने पिता की जीत पर ऐसे दी बधाई, बोले- 'एक पुत्र के रूप में…'
एशिया में एक और जंग! पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर की एयरस्ट्राइक, काबुल में हुए 5 धमाके
एशिया में एक और जंग! पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर की एयरस्ट्राइक, काबुल में हुए 5 धमाके
CSK से RCB तक, IPL 2026 की सभी 10 टीमों का स्क्वाड; जानें किसने किसने कर दिया कप्तान का एलान
CSK से RCB तक, IPL 2026 की सभी 10 टीमों का स्क्वाड; जानें किसने किसने कर दिया कप्तान का एलान
'किसी को हंसाना बहुत मुश्किल है', कॉमेडी एक्टर्स को अवॉर्ड नहीं मिलने पर बोले अक्षय कुमार
'किसी को हंसाना बहुत मुश्किल है', कॉमेडी एक्टर्स को अवॉर्ड नहीं मिलने पर बोले अक्षय कुमार
'इजरायल पर परमाणु हमला करेगा PAK', कौन हैं मुज्तबा के सैन्य सलाहकार? दिया था बयान
'इजरायल पर परमाणु हमला करेगा PAK', कौन हैं मुज्तबा के सैन्य सलाहकार? दिया था बयान
मुरादाबाद से ISIS मॉड्यूल से जुड़ा संदिग्ध आतंकी हारिश अली गिरफ्तार, बीडीएस का है छात्र
मुरादाबाद से ISIS मॉड्यूल से जुड़ा संदिग्ध आतंकी हारिश अली गिरफ्तार, बीडीएस का है छात्र
CBSE का कड़ा फरमान: कॉपी जांच की जानकारी शेयर की तो खैर नहीं, evaluators पर होगी कार्रवाई
CBSE का कड़ा फरमान: कॉपी जांच की जानकारी शेयर की तो खैर नहीं, evaluators पर होगी कार्रवाई
Embed widget