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पश्चिम बंगाल, असम या तमिलनाडु... किस राज्य में विधायकों को मिलती है सबसे ज्यादा सैलरी?

पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु जैसे राज्यों में विधायकों को मिलने वाली सैलरी वहां की राज्य सरकारों द्वारा पारित विधेयकों पर निर्भर करती है. आइए जानें कि किस राज्य के विधायकों की सैलरी ज्यादा है.

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  • असम के विधायक सबसे अधिक वेतन पाते हैं, ₹1.60 लाख मिलते हैं.
  • पश्चिम बंगाल में विधायकों का मासिक वेतन ₹1.21 लाख हो गया है.
  • तमिलनाडु के विधायकों को ₹1.50 लाख तक का मासिक पैकेज मिलता है.
  • विधायकों का वेतन राज्य सरकारें 'वेतन भत्ते अधिनियम' से तय करती हैं.

हालिया विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देश की राजनीतिक दिशा तय कर दी है, लेकिन सत्ता के इस गलियारे में बैठने वाले माननीय विधायकों की सैलरी हमेशा चर्चा का विषय रहती है. क्या आप जानते हैं कि एक विधायक को महीने में कितनी तनख्वाह मिलती है? बंगाल से लेकर असम और तमिलनाडु तक, हर राज्य का अपना अलग गणित है. दिलचस्प बात यह है कि ये विधायक अपनी सैलरी खुद तय करते हैं. आइए जानते हैं कि सैलरी के इस मुकाबले में कौन सा राज्य सबसे आगे है और विधायकों को वेतन के अलावा और क्या-क्या सुख-सुविधाएं मुफ्त मिलती हैं.

सैलरी के मामले में यह राज्य सबसे आगे

विधायकों के वेतन की तुलना करें तो असम इस सूची में सबसे ऊपर नजर आता है. साल 2018 में असम सरकार ने अपने विधायकों की सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की थी. वर्तमान में असम के एक विधायक को हर महीने वेतन और भत्ते मिलाकर कुल 1.60 लाख रुपये प्राप्त होते हैं. पहले यह राशि 1.07 लाख रुपये हुआ करती थी. पूर्वोत्तर के इस राज्य में विधायकों की आय अन्य चुनावी राज्यों के मुकाबले काफी बेहतर स्थिति में है.

पश्चिम बंगाल में ममता सरकार की वेतन वृद्धि

पश्चिम बंगाल में विधायकों के वेतन को लेकर साल 2023 में बड़ा फैसला लिया गया था. तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने विधायकों के मासिक वेतन में 40 हजार रुपये की सीधी बढ़ोतरी करने की घोषणा की थी. इस इजाफे के बाद अब बंगाल में एक विधायक की कुल मासिक सैलरी 1.21 लाख रुपये हो गई है. बंगाल के चुनावी नतीजों के बीच विधायकों की यह कमाई वहां की राजनीति में एक अहम जानकारी मानी जाती है.

तमिलनाडु के विधायकों का कुल पैकेज

दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु में भी विधायकों को काफी सम्मानजनक वेतन मिलता है. यहां एक विधायक को मासिक वेतन और भत्तों के रूप में कुल 1,50,000 रुपये तक की राशि दी जाती है. इस पैकेज में मूल वेतन के तौर पर 1,05,000 रुपये निर्धारित हैं. इसके अलावा विधायकों को उनके निर्वाचन क्षेत्र में काम करने के लिए निर्वाचन क्षेत्र भत्ता, टेलीफोन खर्च और वाहन भत्ता भी अलग से प्रदान किया जाता है.

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केरल और पुडुचेरी की आर्थिक स्थिति

केरल देश के उन राज्यों में शुमार है जहां विधायकों का वेतन अपेक्षाकृत काफी कम रखा गया है. यहां एक विधायक को हर महीने केवल 70 हजार रुपये ही वेतन और भत्ते के तौर पर मिलते हैं. वहीं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की बात करें तो वहां के विधायकों की स्थिति केरल से बेहतर है. पुडुचेरी में विधायकों को प्रतिमाह 1 लाख 5 हजार रुपये मिलते हैं. इसके अलावा उन्हें बैठकों में शामिल होने के लिए 2,500 रुपये प्रतिदिन का भत्ता और कार्यकाल के बाद 31,000 रुपये की पेंशन का भी अधिकार है.

कैसे तय होती है विधायकों की सैलरी?

भारत में विधायकों का वेतन कोई केंद्रीय संस्था तय नहीं करती, बल्कि हर राज्य की सरकार इसे खुद निर्धारित करती है. इसके लिए विधानसभा में 'वेतन और भत्ते अधिनियम' में संशोधन का विधेयक पेश किया जाता है. आमतौर पर एक विशेष समिति महंगाई और अन्य खर्चों को देखते हुए वेतन बढ़ाने की सिफारिश करती है. इसी कानूनी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही विधायकों की सैलरी में बढ़ोतरी लागू की जाती है.

वेतन के अलावा मिलने वाली शाही सुविधाएं

विधायकों को मिलने वाला मूल वेतन तो केवल एक हिस्सा है, असली आकर्षण उन्हें मिलने वाली सुविधाएं हैं. विधायकों को निर्वाचन क्षेत्र के काम, सहायक रखने और टेलीफोन बिलों के लिए अलग से भत्ते मिलते हैं. इसके अलावा उन्हें रहने के लिए सरकारी आवास, पूरे देश में मुफ्त यात्रा की सुविधा, उच्च स्तरीय चिकित्सा सुविधाएं और नया वाहन खरीदने के लिए बेहद कम ब्याज पर लोन जैसी सुविधाएं भी सरकार की ओर से दी जाती हैं.

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About the author निधि पाल

निधि पाल एबीपी लाइव में कंटेंट राइटर हैं. ये यहां पर जीके सेक्शन की जिम्मेदारियां संभाल रही हैं. पिछले 7 साल से पत्रकारिता की दुनिया में कार्यरत निधि पाल ने इससे पहले अमर उजाला डिजिटल, न्यूज 24, ईटीवी भारत हैदराबाद जैसे बड़े संस्थानों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है.

पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो उन्होंने आईआईएस ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन लखनऊ से जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल की है.

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