एक्सप्लोरर

Buried Treasure: पुराने समय में जमीन के नीचे क्यों दबाकर रखा जाता था खजाना, जानें कहां से हुई थी इसकी शुरुआत?

Buried Treasure: पुराने जमाने में लोग जमीन के नीचे अपने खजाने को दबाकर रखते थे. आइए जानते हैं क्या है इसकी वजह और कहां से हुई इसकी शुरुआत.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • बैंक न होने पर लोग संपत्ति जमीन में सुरक्षित रखते थे।
  • युद्ध, चोरी और अचानक मौत से कई खजाने भूमिगत ही रह गए।
  • प्राचीन सभ्यताओं व धातु के सिक्कों से यह प्रथा और बढ़ी।

Buried Treasure: जमीन के नीचे दबे खजाने की कहानियों ने सदियों से लोगों को काफी ज्यादा आकर्षित किया है. प्राचीन साम्राज्यों से लेकर समुद्री लुटेरों की कहानियों तक जमीन में दबा सोना रहस्य और रोमांच का प्रतीक बन चुका है. हालांकि यह प्रथा सिर्फ अंधविश्वास पर आधारित नहीं थी. प्राचीन समय में जमीन के नीचे अपने धन को दबाना कीमती सामान की सुरक्षा का सबसे सुरक्षित तरीका था. ऐसा इसलिए क्योंकि उस वक्त बैंक, लॉकर या फिर आधुनिक सुरक्षा प्रणालियां नहीं थीं. युद्ध, आक्रमण और अचानक मौत की वजह से अक्सर यह छिपे हुए खजाने पीढ़ियों तक बिना खोजे रह जाते हैं.

जमीन सबसे सुरक्षित तिजोरी 

प्राचीन सभ्यता में कोई भी बैंकिंग संस्थान या फिर सुरक्षित सरकारी तिजोरी नहीं थी जहां लोग अपना धन जमा कर सकें. राजा, व्यापारी और अमीर परिवार अक्सर अपने सोने के सिक्के, गहने और कीमती धातु मिट्टी के बर्तन या फिर लकड़ी के संदूक में रखकर जमीन के नीचे दबा देते थे. बाग, खेत, भूमिगत कक्ष और यहां तक कि कुएं जैसी छिपी हुई जगह को आमतौर पर चुना जाता था. ऐसा इसलिए क्योंकि वहां चोरों के आने की संभावना काफी कम होती थी.

युद्ध और विदेशी आक्रमणों का डर 

प्राचीन साम्राज्य को अक्सर प्रतिद्वंद्वी शासन और आक्रमणकारी सेना के हमले का सामना करना पड़ता था. जब भी युद्ध की आशंका होती थी तो परिवार जल्दी से अपना कीमती सामान जमीन के नीचे दबा देते थे. ऐसा इसलिए ताकि संघर्ष खत्म होने के बाद भी उसे वापस ले सकें. दुर्भाग्य से कई लोग जंग में मारे जाते थे या फिर वापस आने से पहले ही विस्थापित हो जाते थे. इस वजह से खजाना सदियों तक दबा रह जाता था.

यह भी पढ़ेंः किस देश के चंगुल से आजाद हुआ था अमेरिका? जानिए कैसे चढ़ा सुपर पावर बनने की सीढ़ी

चोरी और डकैती से सुरक्षा 

घरों के अंदर बड़ी मात्रा में सोना या फिर चांदी रखना काफी ज्यादा जोखिम भरा था. व्यापारी, साहूकार और शासकों के पास अक्सर काफी धन होता था. क्योंकि संगठित पुलिसिंग आधुनिक सुरक्षा उपाय मौजूद नहीं थे इस वजह से घरों के अंदर रखने की तुलना में जमीन के नीचे कीमती सामान दबाने से बेहतर सुरक्षा मिलती थी. 

अचानक हुई मौतों ने खजाने को हमेशा के लिए छिपा दिया

कई मामलों में जिस व्यक्ति ने खजाना दबाया था उसकी मौत युद्ध, बीमारी या फिर प्राकृतिक वजह से अचानक हो जाती थी. इससे पहले कि वह उसका स्थान बता पता उससे पहले ही मृत्यु हो जाती थी. यही वजह है कि अनगिनत छिपे हुए भंडार जमीन के नीचे भुला दिए गए. माना जाता है कि आज पुरातत्वविदों द्वारा खोजे गए कई खजाने जानबूझकर छोड़े जाने के बजाय ऐसी ही परिस्थितियों में खो गए थे.

कहां से शुरू हुई यह परंपरा?

कीमती वस्तुओं को दबाने की प्रथा दुनिया की कुछ शुरुआती सभ्यताओं से चली आ रही है. प्राचीन मिस्रवासी, मेसोपोटामिया के लोग और साथ ही सिंधु घाटी सभ्यता के लोग मरने के बाद के जीवन में विश्वास करते थे. वे राजा और अमीर लोगों को सोने, गहनों और कीमती चीजों के साथ मकबरों में दफनाते थे. ऐसा इसलिए क्योंकि उनका मानना था कि ये चीजें मरने के बाद भी उनके साथ रहेंगी. 

धातु के सिक्के ने खजाने जमा करने की आदत को और आम बना दिया 

लगभग छठी सदी ईसा पूर्व से धातु के सिक्कों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से धन को जमीन में दबाकर रखने की प्रथा बढ़ गई. प्राचीन ग्रीस, रोमन साम्राज्य और भारत में लोग जमीन के नीचे छिपाने से पहले सिक्कों को मिट्टी के बर्तन में जमा करने लगे थे.

यह भी पढ़ेंः औरंगजेब टोपियां बेचकर कितनी कमाई करता था, कितने में बिकती थी उसकी बुनी एक टोपी?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Buried Treasure: पुराने समय में जमीन के नीचे क्यों दबाकर रखा जाता था खजाना, जानें कहां से हुई थी इसकी शुरुआत?
पुराने समय में जमीन के नीचे क्यों दबाकर रखा जाता था खजाना, जानें कहां से हुई थी इसकी शुरुआत?
US Independence Day: 2 जुलाई को आजाद हुआ था अमेरिका, फिर 4 जुलाई को क्यों मनाया जाता है उसका स्वतंत्रता दिवस
2 जुलाई को आजाद हुआ था अमेरिका, फिर 4 जुलाई को क्यों मनाया जाता है उसका स्वतंत्रता दिवस
मुगल काल में कैसे भरते थे टैक्स? जानिए बादशाह के खजाने में कहां से आता था पैसा
मुगल काल में कैसे भरते थे टैक्स? जानिए बादशाह के खजाने में कहां से आता था पैसा
America Independence Day: किस देश के चंगुल से आजाद हुआ था अमेरिका? जानिए कैसे चढ़ा सुपर पावर बनने की सीढ़ी
किस देश के चंगुल से आजाद हुआ था अमेरिका? जानिए कैसे चढ़ा सुपर पावर बनने की सीढ़ी
Advertisement

वीडियोज

Ketan Murder Case : मंगेतर Siya Goyal का सबसे बड़ा झूठ पकड़ा गया || Chetan Chaudhary | ABP Report
Bollywood News: 5 जुलाई को गौरी स्प्रैट संग शादी करेंगे आमिर खान, खास होगी नई शुरुआत (03.07.26)
Chitra Tripathi : चढ़ावा चोरी में राम मंदिर ट्रस्ट पर 'जीरो ट्रस्ट'! | Champat Rai | SIT
Ram Mandir Theft : Champat Rai और Anil Mishra पर संगीन आरोप, क्या जेल जाएंगे आरोपी? | Ayodhya | RSS
Sairaab: Ishaan का सच्चा प्यार! Nayanika ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, क्या बदलेगी कहानी?
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
बलूचिस्तान में सुसाइड अटैक, ग्वादर में मार गिराए पाकिस्तान पैरामिलिट्री के 30 जवान, BLA का बड़ा दावा
बलूचिस्तान में सुसाइड अटैक, ग्वादर में मार गिराए PAK पैरामिलिट्री के 30 जवान, BLA का बड़ा दावा
'आपके चचा आपके ही...', ओम प्रकाश राजभर ने शिवपाल यादव का जिक्र कर अखिलेश को बताई अंदर की बात?
'आपके चचा आपके ही...', ओम प्रकाश राजभर ने शिवपाल यादव का जिक्र कर अखिलेश को बताई अंदर की बात?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: RSS के बयान पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का रिएक्शन, जानें क्या कहा?
राम मंदिर चढ़ावा चोरी: RSS के बयान पर कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी का रिएक्शन, जानें क्या कहा?
Welcome To The Jungle BO Day 8: 'अल्फा' के आते ही घटी ‘वेलकम टू द जंगल’ की कमाई, लेकिन 2 करोड़ और कमाते ही बना देगी ये बड़ा रिकॉर्ड
8वें दिन घटी ‘वेलकम टू द जंगल’ की कमाई, लेकिन बनाने वाली है ये बड़ा रिकॉर्ड
अफगानिस्तान में शपगीजा क्रिकेट लीग के मैच के दौरान मैदान में घुसा फैन, रहमनुल्लाह गुरबाज के सिर से कैप लेकर भाग गया
अफगानिस्तान में शपगीजा क्रिकेट लीग के मैच के दौरान मैदान में घुसा फैन, रहमनुल्लाह गुरबाज के सिर से कैप लेकर भाग गया
संभल सरकारी जमीन घोटाले मामले में पुलिस का एक्शन, तत्कालीन SDM-तहसीलदार समेत 19 के खिलाफ FIR
संभल सरकारी जमीन घोटाले मामले में पुलिस का एक्शन, तत्कालीन SDM-तहसीलदार समेत 19 के खिलाफ FIR
धान किसानों की चमकेगी किस्मत, अब धान बेचने पर भी मिलेगा इस सरकारी योजना का फायदा
धान किसानों की चमकेगी किस्मत, अब धान बेचने पर भी मिलेगा इस सरकारी योजना का फायदा
Oral Cancer Treatment: अल्ट्रासाउंड से हो सकता है ओरल कैंसर सेल्स का खात्मा, इस स्टडी ने जगाई उम्मीद
अल्ट्रासाउंड से हो सकता है ओरल कैंसर सेल्स का खात्मा, इस स्टडी ने जगाई उम्मीद
Embed widget