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बैन लगने के कितनी देर बाद बंद हो जाते हैं OTT प्लेटफॉर्म और वेबसाइट, क्या इन्हें 'शट डॉउन' करने का कोई बटन होता है?

OTT Platforms Banned: बीते दिन सरकार ने ओटीटी एप्स पर कार्रवाई करते हुए 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म को बंद कर दिया है. चलिए जानें कि ओटीटी प्लेटफॉर्म बैन होने के कितने दिन बाद बंद होते हैं.

केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 25 ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बैन लगा दिया है. इन प्लेटफॉर्म पर आरोप है कि ये अश्लील कंटेंट प्रसारित करते थे. बैन लगाने के बाद इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया गया है कि अब ये वेबसाइट पब्लिक के लिए उपलब्ध न हों. सरकार के कहना है कि इस पर बैन लगाने का सीधा उद्देश्य बच्चों और किशोरों को पोर्नोग्राफी कंटेंट की पहुंच से रोकना और डिजिटल कंटेंट को कानूनी और नैतिक मानकों के अनुरूप बनाना है. लेकिन क्या बैन लगाने के बाद ये ओटीटी प्लेटफॉर्म तुरंत बंद हो जाते हैं, या फिर कुछ वक्त लगता है. 

पहले भी ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हो चुकी है कार्रवाई

हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब ओटीटी प्लेटफॉम्स पर कार्रवाई की गई है. इससे पहले पिछले साल भी करीब 18 ओटीटी प्लेटफार्म बंद किए जा चुके हैं. बीते दिन जो ओटीटी प्लेटफॉर्म बंद किए गए हैं, गूगल प्ले स्टोर पर 1 करोड़ से ज्यादा डाउनलोड किए जा चुके थे, जबकि कई के 50 लाख से ज्यादा डाउनलोड थे. सोशल मीडिया के जरिए ये प्लेटफॉर्म छोटे क्लिप्स, ट्रेलर और लिंक शेयर करके यूजर्स तक पहुंच बनाते थे. इनको मिलाकर 32 लाख से ज्यादा फॉलोवर्स थे. अब सरकार ने साफ आदेश दे दिया है कि डिजिटल कंटेंट अगर कानून और नागरिकता के दायरे के बाहर जाएंगे तो कड़ी कार्रवाई होगी.

कितने दिन में बंद होता है ओटीटी 

किसी भी वेबसाइट या फिर ओटीटी पर प्रतिबंध लगाने के बाद उसके बंद होने में थोड़ा समय लगता है. यह समय उस वेबसाइट के प्रकार, प्रतिबंध के कारण और वेबसाइट के व्यवस्थापक द्वारा की गई कार्रवाई पर निर्भर करता है. कुछ मामलों में वेबसाइट को तुरंत बंद कर दिया जाता है, जबकि कई मामलों में इसे बंद करने में कुछ घंटे या दिन भी लग सकते हैं. यदि वेबसाइट किसी गंभीर अपराध या सुरक्षा खतरे में शामिल है, तो इसे तुरंत बंद कर दिया जा सकता है. 

कुछ वेबसाइट घंटों में ही हो जाती है बंद

वहीं कुछ वेबसाइट या फिर ओटीटी प्लेटफॉर्म कानून या नियम का उल्लंघन कर रही है, तो इसे कुछ घंटों के अंदर ही बंद कर दिया जाता है. यदि किसी वेबसाइट किसी नियम का उल्लंघन को दोहराया जा रहा है तो इसे कुछ दिनों के अंदर बंद किया जा सकता है. यदि कोई वेबसाइट को किसी उल्लंघन के लिए संदिग्ध माना जाता है, तो इसकी समीक्षा की जा सकती है फिर इसे बंद किया जा सकता है. 

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About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

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