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दिनभर चलने वाले एक एसी से बढ़ जाती है इतनी गर्मी, ये बात जानकर हैरान रह जाएंगे आप

धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है. ग्लेशियर पिघल रहे हैं. नदियां सूख रही हैं और वजह है- एयर कंडीशनर्स. दिनभर एसी चलने के कारण इससे क्लोरोफ्लोरोकार्बन व हाइड्रो-क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसी गैसे निकलती हैं.

मई का महीना खत्म हो रहा है और गर्मी बढ़ती जा रही है. दिल्ली-एनसीआर समेत देश भर के कई राज्यों में तापमान 40 डिग्री के पार है, ऐसे में भीषण गर्मी से बचने के लिए लोगों को एयर कंडीशनर्स (AC) ही याद आ रहे हैं. एसी का चलन इतना बढ़ गया है कि अब हर घर में एक से दो एसी तो होते ही हैं. सही मायनों में कहा जाए तो AC अब इंसान की जरूरत बन चुके हैं. 

पिछले कुछ सालों में धरती के तापमान में लगातार वृद्धि हो रही है. हर साल औसत तापमान भी एक से दो प्रतिशत बढ़ जाता है, जिस कारण उमस भरी भीषण गर्मी में लोगों को जीना मुहाल हो चुका है. आलम यह है कि पंखा और कूलर काम करना बंद कर चुके हैं और गर्मी से बचने का एक मात्र तरीका एसी ही है. भले ही एसी के सामने लेटने से हमें गर्मी से तुरंत राहत मिलती हो, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक एसी को दिनभर चलाने से कितनी गर्मी बढ़ जाती है? 

ग्लोबल वार्मिंग का कारण बन रहे एयर कंडीशनर्स

धरती का तापमान लगातार बढ़ रहा है. ग्लेशियर पिघल रहे हैं. नदियां सूख रही हैं और गर्मी बढ़ती जा रही है. वजह है- एयर कंडीशनर्स. वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग की सबसे बड़ी वजह एयर कंडीशनर्स ही हैं. इनसे निकलने वाली गैस के कारण पर्यावरण और वायुमंडल की ओजोन लेयर को नुकसान पहुंच रहा है. इसके बावजूद दुनियाभर में एसी की संख्या बढ़ती जा रही है. 2021 में यूनाइटेड नेशंस की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि दुनिया में करीब 5.6 अरब एयर कंडीशनर्स यूनिट चल रहे थे, जिनकी संख्या 2050 तक चार गुना होने का अनुमान है. 

एक एसी से कितना बढ़ता है तापमान

आपने महसूस किया होगा कि शहरी इलाकों में हमें ज्यादा गर्मी महसूस होती है, जबकि जैसे ही हम शहर से थोड़ा बाहर जाते हैं तापमान में काफी अंतर देखने को मिलता है. इसका कारण एयर कंडीशनर्स ही होते हैं. दरअसल, शहरों के ज्यादातर घरों में दिनभर एसी चलने के कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन व हाइड्रो-क्लोरोफ्लोरोकार्बन जैसी गैसे निकलती हैं. ये गैसें पर्यावरण में गर्मी पैदा करती हैं. इसके अलावा AC चलाने से उसकी एग्जॉस्ट एयर भी कमरे के बाहर के तापमान को गर्म करने का काम करती है. अगर एक एसी की बात करें तो इसके कारण बाहर का तापमान एक से दो डिग्री तक बढ़ जाता है. 

यह भी पढ़ें: गांव के मुकाबले शहरों में आंधी-बारिश में ज्यादा पेड़ क्यों गिर जाते हैं? ये है वजह

प्रांजुल श्रीवास्तव एबीपी न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. फिलहाल फीचर डेस्क पर काम कर रहे प्रांजुल को पत्रकारिता में 9 साल तजुर्बा है. खबरों के साइड एंगल से लेकर पॉलिटिकल खबरें और एक्सप्लेनर पर उनकी पकड़ बेहतरीन है. लखनऊ के बाबा साहब भीम राव आंबेडकर विश्वविद्यालय से पत्रकारिता का 'क, ख, ग़' सीखने के बाद उन्होंने कई शहरों में रहकर रिपोर्टिंग की बारीकियों को समझा और अब मीडिया के डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए हैं. प्रांजुल का मानना है कि पाठक को बासी खबरों और बासी न्यूज एंगल से एलर्जी होती है, इसलिए जब तक उसे ताजातरीन खबरें और रोचक एंगल की खुराक न मिले, वह संतुष्ट नहीं होता. इसलिए हर खबर में नवाचार बेहद जरूरी है.

प्रांजुल श्रीवास्तव काम में परफेक्शन पर भरोसा रखते हैं. उनका मानना है कि पत्रकारिता सिर्फ सूचनाओं को पहुंचाने का काम नहीं है, यह भी जरूरी है कि पाठक तक सही और सटीक खबर पहुंचे. इसलिए वह अपने हर टास्क को जिम्मेदारी के साथ शुरू और खत्म करते हैं. 

अलग अलग संस्थानों में काम कर चुके प्रांजुल को खाली समय में किताबें पढ़ने, कविताएं लिखने, घूमने और कुकिंग का भी शौक है. जब वह दफ्तर में नहीं होते तो वह किसी खूबसूरत लोकेशन पर किताबों और चाय के प्याले के साथ आपसे टकरा सकते हैं.

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