MLA Salary in India: विधायकों को किस दिन से मिलती है सैलरी, MLA बनते ही या सरकार बनने के बाद?
MLA Salary in India: किसी भी उम्मीदवार को सिर्फ चुनाव जीतने भर से विधायक की सैलरी नहीं मिलने लगती. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उम्मीदवार को विजय प्रमाण पत्र जरूर मिल जाता है.

MLA Salary in India: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य में पहली बार भाजपा सरकार की शुरुआत कर दी. कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे.
इसी बीच लोगों के सवाल उठने लगे कि आखिर चुनाव जीतने वाले विधायकों को सैलरी कब से मिलनी शुरू होती है. क्या रिजल्ट आते ही विधायक वेतन और सरकारी सुविधाओं के हकदार हो जाते हैं या इसके लिए कोई तय प्रक्रिया होती है. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि विधायकों को किस दिन से सैलरी मिलती है.
विधायकों को किस दिन से मिलती है सैलरी?
दरअसल किसी भी उम्मीदवार को सिर्फ चुनाव जीतने भर से विधायक की सैलरी नहीं मिलने लगती. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद उम्मीदवार को विजय प्रमाण पत्र जरूर मिल जाता है. वह तब तक आधिकारिक तौर पर विधायक नहीं माना जाता है, जब तक वह विधानसभा में शपथ नहीं लेता. यानी विधायक के वेतन और भत्तों की शुरुआत उस तारीख से मानी जाती है, जिस दिन वह विधिवत शपथ लेकर पदभार संभालता है. शपथ ग्रहण के बाद ही विधायकों को अधिकार, सुविधा और सैलरी मिलनी शुरू होती है.
शपथ से पहले क्या होती है स्थिति?
चुनाव जीतने और शपथ लेने के बीच का समय एक तरह का ट्रांजीशन पीरियड माना जाता है. इस दौरान निर्वाचित उम्मीदवार को विधायक का संवैधानिक अधिकार नहीं मिलता. वह सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकता और न ही उसे वेतन या दूसरी सरकारी सुविधाएं मिलती है. आमतौर पर विधानसभा के गठन के बाद प्रोटेम स्पीकर या नियुक्त अधिकारी सभी निर्वाचित विधायकों को शपथ दिलाते हैं. इसी प्रक्रिया को पूरा करने के बाद सैलरी का मीटर शुरू होता है.
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हर राज्य में अलग होती है एमएलए की सैलरी
भारत में विधायकों का वेतन और भत्ते अलग-अलग राज्यों की विधानसभा तय करती है. इसलिए हर राज्य में एमएलए की सैलरी अलग होती है. पश्चिम बंगाल में साल 2023 में विधायकों की सैलरी में बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद यहां विधायकों को करीब 1.21 लाख रुपये प्रतिमाह सैलेरी और भत्ते मिलते हैं. वहीं असम में विधायकों को 1.60 लाख रुपये प्रतिमाह मिलते हैं, जबकि तमिलनाडु में यह राशि 1.50 लाख रुपये तक पहुंचती है.
सैलरी के अलावा भी विधायकों को मिलती है कई सुविधाएं
विधायक बनने के बाद सिर्फ महीने की सैलरी ही नहीं मिलती, बल्कि कई अन्य सुविधाएं भी दी जाती है. इनमें सरकारी आवास, यात्रा भत्ता, कार्यालय खर्च, स्टाफ रखने की सुविधा, मेडिकल सुविधा और कई राज्यों में मुफ्त यात्रा जैसे सुविधा शामिल होती है. इसके अलावा अपने क्षेत्र के लोगों से जुड़े कामों और दौरे के लिए भी अलग-अलग भत्ते दिए जाते हैं. कई राज्यों में वाहन भत्ता और टेलीफोन खर्च भी सरकार की ओर से दिया जाता है.
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Source: IOCL




























