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Submerged Cities: दुनिया के पांच शहर जहां कभी रहती थी आबादी, लेकिन अब पानी में समा चुके हैं ये इलाके

Submerged Cities: दुनिया में कुछ ऐसे भी शहर है जो कभी हरे-भरे और आबाद हुआ करते थे लेकिन आज पानी के अंदर डूब चुके हैं. आइए जानते हैं कौन से हैं वे शहर.

Submerged Cities: इतिहास ऐसे शहरों से भरा पड़ा है जो महानता की ऊंचाई पर पहुंचे. लेकिन प्रकृति के कहर की वजह से कई ऐसे शहर गायब हो गए. भूकंप, ज्वालामुखी, बाढ़ और विकास परियोजनाओं ने पूरी बस्तियों को झील और समुद्र के नीचे धकेल दिया. आज ये जगह सिर्फ खंडहर के रूप में मौजूद हैं. इसी बीच आइए जानते हैं उन शहरों के बारे में जहां पर कभी आबादी रहती थी लेकिन अब वह शहर पानी में समा चुके हैं.

वह रोमन शहर जो धीरे-धीरे डूब गया 

बायिया कभी रोमन साम्राज्य के सबसे शानदार रिसॉर्ट शहरों में से एक था. नेपल्स के पास बसा यह शहर अपने गर्म झरनों, हल्के मौसम और शानदार विला के लिए प्रसिद्ध था. जूलियस सीजर, नीरो और सम्राट हैड्रियन के साथ रोमन कुलीन लोग यहां अपना खाली समय बिताते थे. हालांकि बायिया कैम्पी फ्लेग्रेई नाम की ज्वालामुखी सक्रिय क्षेत्र में बसा था. सदियों से ब्रैडीसिज्म नाम की घटना की वजह से जमीन धीरे-धीरे धंस गई. आज बायिया का ज्यादातर हिस्सा भूमध्य सागर में कई मीटर पानी के नीचे डूबा हुआ है. 

थोनिस हेराक्लियन, मिस्त्र

सदियों तक थोनिस हेराक्लियन केवल प्राचीन ग्रंथों में ही मौजूद था. ऐसा माना जाता था कि यह वह शहर था जहां हेराक्लेस पहली बार मिस्त्र आए थे और जहां पेरिस और हेलेन ट्रोजन युद्ध से पहले रुके थे. कभी नील नदी के मुहाने पर एक बड़ा व्यापारिक बंदरगाह रहा यह शहर ग्रीस और मिस्त्र के बीच एक कड़ी के रूप में फला फूला. समय के साथ भूकंप, बढ़ते समुद्री स्तर और मिट्टी के द्रवीकरण के संयोजन की वजह से शहर भूमध्य सागर में डूब गया. 

पानी के लिए बलिदान किया गया गांव 

प्राकृतिक आपदाओं की वजह से खोए हुए कई डूबे शहरों के उलट डेरवेंट, इंग्लैंड को जानबूझकर इंसानी योजना के तहत डुबोया गया था. इस गांव को लेडीबावर जलाशय बनाने के लिए डुबो दिया गया था. जैसे-जैसे 20वीं सदी में डर्बी, शेफील्ड, नॉटिंघम और लीसेस्टर जैसे औद्योगिक शहर फैले, पानी की उनकी मांग बढ़ने लगी. इस शहर को आखिरकार तब बलिदान कर दिया गया जब योजनाकारों को एहसास हुआ कि दो जलाशय काफी नहीं हैं.

विला एपेक्यूएन, अर्जेंटीना 

यह एक लोकप्रिय झील के किनारे वाला रिजॉर्ट शहर था जिसे 1920 में एपेक्यूएन  झील के किनारे बनाया गया था. यह एक खारे पानी की झील थी जिसके बारे में ऐसा माना जाता था कि इसमें औषधीय गुण है. दशकों तक झील का पानी स्वाभाविक रूप से ऊपर नीचे होता रहा. हालांकि सालों तक भारी बारिश के बाद पानी का स्तर खतरनाक तरीके से बढ़ गया. 1985 में एक तूफान की वजह से सुरक्षा खत्म हो गई, जिस वजह से शहर 10 मीटर खारे पानी में डूब गया.

पोर्ट रॉयल, जमैका

17वीं सदी में यह नई दुनिया के सबसे अमीर और सबसे बदनाम शहरों में से एक था. समुद्री डाकुओं के गढ़ के रूप में जाना जाने वाला यह व्यापार अपराध और धन का एक फलता फूलता सेंटर था. 1692 को एक आपदा आई. एक बड़े भूकंप के बाद सुनामी आ गई जिस वजह से इस शहर के नीचे की जमीन तरल हो गई. सभी इमारतें तुरंत समुद्र में डूब गई. ऐसा कहा जाता है कि एक ही दिन में लगभग 2000 लोग मारे गए थे.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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