Time in Space: क्या हर ग्रह पर अलग तरीके से बीतता है समय, जानें कौन-सा ग्रह पृथ्वी के समय से सबसे करीब?
Time in Space: सौरमंडल के सभी ग्रहों पर समय अलग-अलग तरीके से बीतता है. आइए जानते हैं क्या है इसके पीछे की वजह.

- हर ग्रह का घूर्णन और सूर्य की परिक्रमा गति अलग होती है।
- मंगल का दिन पृथ्वी के लगभग 24 घंटे के करीब होता है।
- बृहस्पति का दिन सबसे छोटा, करीब 10 घंटे का होता है।
- शुक्र का एक दिन उसके वर्ष से भी लंबा होता है।
Time in Space: हर ग्रह पर समय एक ही तरह से नहीं बीतता है. असल में सौरमंडल के हर ग्रह पर दिन, रात और साल का अपना एक अनोखा पैटर्न होता है. वैज्ञानिक बताते हैं कि यह अंतर इस वजह से होता है क्योंकि हर ग्रह अलग-अलग रफ्तार से घूमता है और उसकी गुरुत्वाकर्षण शक्ति भी अलग होती है. सौरमंडल के सभी ग्रहों में जब दिन की लंबाई की बात आती है तो मंगल ग्रह को पृथ्वी के सबसे करीब माना जाता है.
हर ग्रह पर समय अलग क्यों होता है?
वैज्ञानिक समय को दो मुख्य तरीकों से मापते हैं. पहला है कॉस्मिक समय, जिसमें किसी ग्रह पर दिन और साल की लंबाई शामिल होती है. दूसरा होता है परमाणु समय. यह उस असल रफ्तार को बताता है जिससे गुरुत्वाकर्षण और भौतिकी की वजह से समय बहता है. क्योंकि हर ग्रह अलग तरह से घूमता है और सूर्य के चारों तरफ अलग-अलग रफ्तार से चक्कर लगाता है इस वजह से पूरे सौरमंडल में समय का व्यवहार स्वाभाविक रूप से अलग-अलग होता है.
मंगल ग्रह पर दिन की लंबाई पृथ्वी के सबसे करीब
मंगल ग्रह पर एक दिन जिसे सोल भी कहा जाता है लगभग 24 घंटे और 37 मिनट का होता है. यह पृथ्वी के 24 घंटे के दिन के काफी करीब है. इस वजह से मंगल ग्रह सौरमंडल का एक ऐसा ग्रह बन जाता है जिसका दैनिक समय चक्र पृथ्वी जैसा ही है. हालांकि मंगल ग्रह पर 1 साल काफी लंबा होता है. क्योंकि मंगल ग्रह सूर्य से ज्यादा दूर है इस वजह से उसे सूर्य के चारों तरफ एक चक्कर पूरा करने में पृथ्वी के 687 दिन लगते हैं.
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बृहस्पति पर दिन सबसे छोटा होता है
बृहस्पति पृथ्वी की तुलना में काफी तेजी से घूमता है. इस तेज घुमाव की वजह से बृहस्पति पर एक दिन सिर्फ लगभग 10 घंटे का होता है. इस वजह से यह सौरमंडल के सभी ग्रहों में सबसे छोटा दिन वाला ग्रह बन जाता है.
शुक्र ग्रह का समय अजीब
शुक्र ग्रह का समय तंत्र सबसे अनोखे समय तंत्रों में से एक है. शुक्र ग्रह पर एक दिन लगभग 243 पृथ्वी दिनों का होता है. अनोखी बात यह है कि यह उसके अपने एक साल से भी ज्यादा लंबा होता है. शुक्र ग्रह सूर्य के चारों ओर एक चक्कर लगभग 225 पृथ्वी दिनों में पूरा करता है. इसका मतलब है कि शुक्र ग्रह पर एक दिन वहां के एक साल से भी ज्यादा लंबा होता है.
क्या कहता है आइंस्टीन का सिद्धांत?
आइंस्टीन के जनरल थ्योरी ऑफ रिलेटिविटी के मुताबिक ज्यादा मजबूत गुरुत्वाकर्षण समय को धीमा कर देता है. इस प्रभाव को टाइम डाइल्यूशन कहा जाता है. ज्यादा गुरुत्वाकर्षण शक्ति वाले ग्रहों पर घड़ियां कम गुरुत्वाकर्षण वाले ग्रहों की तुलना में ज्यादा धीरे चलती हैं.
वैज्ञानिकों और नासा के डेटा से यह पता चलता है कि मंगल ग्रह पर गुरुत्वाकर्षण पृथ्वी की तुलना में कमजोर है. इस वजह से मंगल ग्रह पर समय पृथ्वी के समय से हर दिन कुछ माइक्रोसेकंड तेजी से चलता है.
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