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Delhi Malviya Nagar Fire: बीएनबी और होटल में क्या होता है फर्क? दिल्ली में हुए अग्निकांड के बीच जान लें जवाब

Delhi Malviya Nagar Fire: हाल ही में दिल्ली के मालवीय नगर में एक बेड एंड ब्रेकफास्ट स्टे में आग लग गई. इसी बीच आइए जानते हैं कि बेड एंड ब्रेकफास्ट और होटल के बीच क्या फर्क होता है.

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  • दिल्ली मालवीय नगर आग में 21 की मौत, 17 विदेशी थे।
  • होटलों के अग्नि सुरक्षा नियम बेड एंड ब्रेकफास्ट से सख्त होते हैं।
  • बेड एंड ब्रेकफास्ट रिहायशी होते, मालवीय नगर में हुआ नियम उल्लंघन।

Delhi Malviya Nagar Fire: बुधवार सुबह दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टे B&B में लगी आग में 21 लोगों की जान चली गई. बताया जा रहा है कि इन 21 लोगों में से 17 विदेशी नागरिक थे. साथ ही दिल्ली फायर सर्विस की शुरुआती जांच से यह पता चला है कि ग्राउंड फ्लोर पर सीढ़ियों के पास रखे सामान की वजह से ही शायद आग लगी. इसी बीच आइए जानते हैं कि बेड एंड ब्रेकफास्ट और होटल के बीच क्या फर्क होता है.

बेड एंड ब्रेकफास्ट किस मॉडल पर काम करते हैं? 

बेड एंड ब्रेकफास्ट आमतौर पर किसी रिहायशी जगह से चलाया जाता है. यहां घर के मालिक मेहमानों को कुछ ही कमरे किराए पर देते हैं. इस कॉन्सेप्ट का मकसद यात्रियों को घर जैसा माहौल और खास मेहमाननवाजी देना है. दिल्ली सरकार के बेड एंड ब्रेकफास्ट नियमों के तहत चलाने वालों को आमतौर पर ज्यादा से ज्यादा 6 कमरे चलाने की इजाजत होती है. ऐसा इसलिए ताकि वह जगह रिहायशी बनी रहे. रिपोर्ट के मुताबिक मालवीय नगर में जिस जगह पर आग लगी उसके पास 6 कमरों का लाइसेंस था. आरोप है कि वहां करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे. दूसरी तरफ होटल खासतौर पर बड़े पैमाने पर मेहमाननवाजी के लिए बनाए गए कमर्शियल ठिकाने होते हैं. उनमें दर्जनों या फिर सैकड़ों कमरे हो सकते हैं और उन्हें सिर्फ बड़े पैमाने पर काम करने के लिए ही डिजाइन किया गया है.

होटल के लिए नियम कहीं ज्यादा सख्त

बेड एंड ब्रेकफास्ट और होटल के बीच सबसे बड़ा अंतर आग से सुरक्षा से जुड़े नियमों में होता है. होटल को आग से सुरक्षा से जुड़े कई सख्त नियमों का पालन करना होता है और उन्हें फायर डिपार्टमेंट से फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट लेना जरूरी होता है. ऐसी मंजूरी पाने के लिए होटल में आमतौर पर इमरजेंसी में बाहर निकालने के रास्ते, फायर अलार्म, स्प्रिंकल सिस्टम, स्मोक डिटेकटर और आग से सुरक्षा के जरूरी इंतजाम होने चाहिए.  बेड एंड ब्रेकफास्ट आमतौर पर ज्यादा ढीले नियमों के तहत काम करते हैं. क्योंकि उन्हें छोटी रिहायशी जगह माना जाता है. 

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रिहायशी बनाम कमर्शियल दर्जा

ब्रेड एंड ब्रेकफास्ट आमतौर पर रिहायशी जगह की कैटेगरी में रजिस्टर्ड होते हैं. इससे मालिकों को कमर्शियल जगह पर लगने वाले ज्यादा टैक्स और बिजली पानी के ज्यादा बिलों से बचने में मदद मिलती है. होटल पूरी तरह से कमर्शियल नियमों के तहत काम करते हैं और उन पर कमर्शियल प्रॉपर्टी टैक्स, बिजनेस लाइसेंस और ज्यादा यूटिलिटी टैरिफ लागू होते हैं. उन्हें ऑपरेशनल और सुरक्षा मानकों की एक बड़ी रेंज का भी पालन करना होता है.

सेवा और मेहमान के अनुभव में अंतर 

बेड एंड ब्रेकफास्ट में रुकने वाले मेहमानों को अक्सर ज्यादा पर्सनल और पारिवारिक माहौल मिलता है. सेवा सीधे घर के मालिक या फिर एक छोटे सपोर्ट स्टाफ द्वारा दी जा सकती है. इसी के साथ नाश्ता आमतौर पर रुकने के पैकेज में शामिल होता है. होटल काफी ज्यादा बड़ी रेंज की प्रोफेशनल सेवा देता है. इनमें 24 घंटे रिसेप्शन, रूम सर्विस, रेस्टोरेंट, ‌ कॉन्फ्रेंस की सुविधा, ‌ हाउसकीपिंग टीम, ‌ लाउंज और डेडीकेटेड मैनेजमेंट स्टाफ शामिल हो सकते हैं.

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स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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