क्या पाकिस्तानी लड़की से शादी नहीं कर सकते सेना के जवान? क्या कहता है नियम
पाकिस्तानी लड़की से शादी करने वाले सीआरपीएफ के जवान मुनीर अहमद को बर्खास्त कर दिया गया है. आरोप है कि उन्होंने पाकिस्तानी लड़की से शादी करने के लिए अपने विभाग से इजाजत नहीं ली थी.

पाकिस्तानी लड़की से शादी करने वाले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(CRPF) के जवान मुनीर अहमद पर बड़ी कार्रवाई हुई है. सीआरपीएफ ने मुनीर अहमद को बर्खास्त कर दिया है और उनकी सेवाएं तत्काल प्रभाव से खत्म कर दी गई हैं. मुनीर अहमद सीआरपीएफ की 41वीं बटालियन में तैनात थे. सीआरपीएफ ने पाकिस्तानी लड़की से शादी करने और वीजा वैधता खत्म होने के बाद भी उसे भारत में शरण देने के मामले को सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन माना है.
दरअसल, यह पूरा मामला तब सामने आया जब पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने देश में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों के वीजा रद्द कर दिए और उन्हें वापस जाने का आदेश दे दिया. यह समय सीमा अब खत्म हो चुकी है. इस बीच सामने आया कि सीआरपीएफ के जवान मुनीर अहमद ने पाकिस्तानी लड़की मेनल खान से निकाह किया था. मामला सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों के कान खड़े हो गए और जांच शुरू हो गई. अब सवाल यह है कि क्या सेना के जवानों को पाकिस्तानी लड़कियों से शादी करने की इजाजत नहीं है? इस मामले में क्या नियम है, जानते हैं...
मुनीर अहमद के मामले में क्या हुआ?
सीआरपीएफ के जवान मुनीर अहमद ने पिछले साल 2024 में पाकिस्तान की रहने वाली मेनल खान से वीडियो कॉल के जरिए निकाह किया था. इसके बाद मेनल खान शॉर्ट टर्म वीजा पर भारत आई थीं, जो 22 मार्च को खत्म हो गया था. मेनल खान इसके बाद भी भारत में ही रहीं. सामने आया है कि सीआरपीएफ के जवान मुनीर अहमद ने ये दोनों बातें अपने विभाग से छिपाईं, जिसके बाद उनपर एक्शन लिया गया है. सीआरपीएफ ने कहा है कि मुनीर अहमद ने पाकिस्तानी लड़की से शादी करने के लिए विभाग से अनुमति नहीं ली थी और वीजा समाप्त होने के बाद भी पत्नी मीनल खान को भारत में रखने की बात भी छिपाई.
क्या है सेना के जवानों के लिए नियम?
ऐसा नहीं है कि सेना के जवान पाकिस्तान की किसी लड़की से शादी नहीं कर सकते. भारतीय कानून के मुताबिक, हर नागरिक को अपनी मर्जी से शादी करने की इजाजत है. हालांकि, जहां तक सेना या पैरा मिलिट्री फोर्स का मामला है तो राष्ट्रीय सुरक्षा को देखते हुए यह मामला गंभीर हो जाता है. ऐसे में नियम है कि सेना के जवानों को पाकिस्तानी लड़की से शादी करने से पहले विभाग और भारत सरकार को जानकारी देनी होती है. विभाग की ओर से इस मामले में पूरी जांच के बाद ही शादी के लिए NOC दी जाती है. अगर अनुमति नहीं मिलती है तो सेना के जवान को शादी की इजाजत नहीं होगी. शादी के बाद पाकिस्तानी या विदेशी लड़की को वहां की नागरिकता त्यागकर भारत की नागरिकता लेनी होती है.
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