एक्सप्लोरर

भारतीय वायुसेना में Air Marshal से ऊपर कौन सी रैंक, पूरी रैंक लिस्ट समझें?

भारतीय वायुसेना में एयर मार्शल के ऊपर केवल दो रैंक एयर चीफ मार्शल और मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स होती हैं. आइए वायुसेना में पूरी रैंक लिस्ट और इसके बारे में आपको विस्तार से बताते हैं.

Show Quick Read
Key points generated by AI, verified by newsroom
  • उन्हें 39 साल के सैन्य अनुभव के कारण चुना गया है।

पूर्व फाइटर पायलट रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ बनाया गया है. अपने 39 साल से अधिक के लंबे सैन्य करियर में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर और ऑपरेशन सफेद सागर जैसी महत्वपूर्ण सैन्य कार्रवाइयों में अग्रिम भूमिका निभाई है. राम मंदिर में चढ़ावे और वित्तीय प्रबंधन को लेकर उपजे विवाद के बाद उन्हें यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है. वायुसेना में उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव को देखते हुए आइए जानते हैं कि वायुसेना में एयर मार्शल से ऊपर कौन-सी रैंक होती है और अधिकारियों का पूरा पदानुक्रम क्या है.

फ्लाइंग ऑफिसर

फ्लाइंग ऑफिसर भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त अधिकारियों की सबसे शुरुआती रैंक होती है, जिसकी वर्दी पर एक पट्टी होती है. प्रशिक्षण अकादमी से पास आउट होने के बाद युवा अधिकारी इसी पद पर तैनात किए जाते हैं. इनका प्राथमिक दायित्व लड़ाकू या परिवहन विमान उड़ाना अथवा तकनीकी और प्रशासनिक विभागों में शुरुआती जिम्मेदारियां संभालना होता है.

फ्लाइट लेफ्टिनेंट

दो स्ट्राइप वाली यह रैंक फ्लाइंग ऑफिसर पद पर कुछ वर्षों की संतोषजनक सेवा के बाद मिलने वाला पहला प्रमोशन है. इस पद पर तैनात अधिकारी फ्लाइंग ऑफिसर की तुलना में अधिक परिपक्व और अनुभवी माने जाते हैं. इन्हें उड़ान अभियानों के दौरान छोटी टीमों के संचालन और महत्वपूर्ण जमीनी जिम्मेदारियों की देखरेख सौंपी जाती है.

यह भी पढ़ें: मंदिर ट्रस्ट क्या होता है, कैसे चलता है देश के बड़े मंदिरों का मैनेजमेंट?


भारतीय वायुसेना में Air Marshal से ऊपर कौन सी रैंक, पूरी रैंक लिस्ट समझें?

स्क्वाड्रन लीडर

तीन पट्टियों वाली यह रैंक वायुसेना के मध्य-स्तरीय प्रबंधन की शुरुआत को दर्शाती है. स्क्वाड्रन लीडर अपनी संबंधित शाखा में परिचालन, तकनीकी और प्रशासनिक कार्यों के प्रभारी होते हैं. यह अधिकारी स्क्वाड्रन के भीतर विभिन्न फ्लाइट्स और तकनीकी शाखाओं के बीच सामंजस्य बनाकर रोजाना के कामकाज को सुचारू रूप से चलाते हैं.

विंग कमांडर

विंग कमांडर भारतीय वायुसेना में एक बेहद महत्वपूर्ण और वरिष्ठ ऑपरेशनल पद होता है. आमतौर पर इन्हीं अधिकारियों को वायुसेना की मुख्य युद्धक इकाई यानी पूरी स्क्वाड्रन की कमान सौंपी जाती है. हवाई सुरक्षा की रणनीति बनाने, सामरिक उड़ानों की योजना तैयार करने और अपने अधीन जवानों के अनुशासन की सीधी जिम्मेदारी इन्हीं पर होती है.

ग्रुप कैप्टन

ग्रुप कैप्टन वायुसेना की वरिष्ठ अधिकारी श्रेणी में आते हैं और इन्हें बड़े अभियानों के संचालन का अनुभव होता है. इस रैंक के अधिकारी आमतौर पर किसी प्रमुख एयर बेस या स्टेशन की कमान संभालते हैं. युद्ध अभ्यास, लड़ाकू विमानों की तैनाती और स्टेशन की समग्र सुरक्षा से जुड़े फैसले इन्हीं के स्तर पर लिए जाते हैं.

एयर कमोडोर

यह भारतीय वायुसेना में एयर ऑफिसर श्रेणी का पहला यानी 1-स्टार रैंक पद होता है. एयर कमोडोर स्तर के अधिकारी बहुत बड़े और संवेदनशील हवाई ठिकानों के कमांडर बनाए जाते हैं. इसके अलावा नई दिल्ली स्थित एयर हेडक्वार्टर में विभिन्न महत्वपूर्ण निदेशालयों का नेतृत्व करना भी इनकी मुख्य कार्यप्रणाली में शामिल होता है.

एयर वाइस मार्शल

एयर वाइस मार्शल 2-स्टार रैंक के फ्लैग ऑफिसर होते हैं, जो नीतिगत निर्णयों में अहम भूमिका निभाते हैं. यह अधिकारी वायुसेना की अलग-अलग क्षेत्रीय कमानों में सीनियर एयर स्टाफ ऑफिसर का पद संभालते हैं. साथ ही मुख्यालय में बड़े और महत्वपूर्ण विभागों के प्रमुख के रूप में पूरी व्यवस्था की निगरानी करते हैं.

एयर मार्शल

यह 3-स्टार रैंक का पद है, जिस पर रिटायर्ड अधिकारी जितेंद्र मिश्रा अपनी सेवाएं दे चुके हैं. एयर मार्शल आमतौर पर वायुसेना की 7 मुख्य कमानों (जैसे पश्चिमी या ट्रेनिंग कमान) के कमान अधिकारी (AOC-in-C) होते हैं. वायुसेना के उप-प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ द एयर स्टाफ) भी इसी उच्च रैंक के अधिकारी होते हैं.


भारतीय वायुसेना में Air Marshal से ऊपर कौन सी रैंक, पूरी रैंक लिस्ट समझें?

एयर चीफ मार्शल

यह 4-स्टार रैंक भारतीय वायुसेना का सबसे बड़ा सक्रिय और ऑपरेशनल पद होता है. इस पद पर आसीन अधिकारी को चीफ ऑफ द एयर स्टाफ या वायुसेना प्रमुख कहा जाता है. देश की संपूर्ण हवाई सुरक्षा की रणनीति तय करना, रक्षा संबंधी मामलों में केंद्र सरकार को परामर्श देना और पूरे संगठन का नेतृत्व करना इनकी जिम्मेदारी होती है.

मार्शल ऑफ द इंडियन एयर फोर्स

यह 5-स्टार रैंक वायुसेना का सर्वोच्च और मानद (अवैतनिक) पद है, जो केवल युद्धकाल की असाधारण सेवाओं के लिए दिया जाता है. इस पद पर मनोनीत अधिकारी कभी सेवानिवृत्त नहीं होता. भारतीय इतिहास में केवल दिवंगत अर्जन सिंह को ही वर्ष 2002 में इस ऐतिहासिक 5-स्टार सम्मान से सम्मानित किया गया था.

यह भी पढ़ें: पूरी दुनिया में अब कितना तेल बचा, कितने साल तक होगी सप्लाई?

About the author निधि पाल

निधि पाल को पत्रकारिता में छह साल का तजुर्बा है. लखनऊ से जर्नलिज्म की पढ़ाई पूरी करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता की शुरुआत भी नवाबों के शहर से की थी. लखनऊ में करीब एक साल तक लिखने की कला सीखने के बाद ये हैदराबाद के ईटीवी भारत संस्थान में पहुंचीं, जहां पर दो साल से ज्यादा वक्त तक काम करने के बाद नोएडा के अमर उजाला संस्थान में आ गईं. यहां पर मनोरंजन बीट पर खबरों की खिलाड़ी बनीं. खुद भी फिल्मों की शौकीन होने की वजह से ये अपने पाठकों को नई कहानियों से रूबरू कराती थीं.

अमर उजाला के साथ जुड़े होने के दौरान इनको एक्सचेंज फॉर मीडिया द्वारा 40 अंडर 40 अवॉर्ड भी मिल चुका है. अमर उजाला के बाद इन्होंने ज्वाइन किया न्यूज 24. न्यूज 24 में अपना दमखम दिखाने के बाद अब ये एबीपी न्यूज से जुड़ी हुई हैं. यहां पर वे जीके के सेक्शन में नित नई और हैरान करने वाली जानकारी देते हुए खबरें लिखती हैं. इनको न्यूज, मनोरंजन और जीके की खबरें लिखने का अनुभव है. न्यूज में डेली अपडेट रहने की वजह से ये जीके के लिए अगल एंगल्स की खोज करती हैं और अपने पाठकों को उससे रूबरू कराती हैं.

खबरों में रंग भरने के साथ-साथ निधि को किताबें पढ़ना, घूमना, पेंटिंग और अलग-अलग तरह का खाना बनाना बहुत पसंद है. जब ये कीबोर्ड पर उंगलियां नहीं चला रही होती हैं, तब ज्यादातर समय अपने शौक पूरे करने में ही बिताती हैं. निधि सोशल मीडिया पर भी अपडेट रहती हैं और हर दिन कुछ नया सीखने, जानने की कोशिश में लगी रहती हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

भारत में फांसी के लिए कितनी पेंडेंसी? देखें आंकड़े
भारत में फांसी के लिए कितनी पेंडेंसी? देखें आंकड़े
भारत में जंतर-मंतर, तो अमेरिका-ब्रिटेन समेत दूसरे देशों में कहां होते हैं बड़े प्रदर्शन?
भारत में जंतर-मंतर, तो अमेरिका-ब्रिटेन समेत दूसरे देशों में कहां होते हैं बड़े प्रदर्शन?
मदर ऑफ ऑल बम..कितना ताकतवर है, कौन से शहर पलक झपकते हो जाएंगे स्वाहा?
मदर ऑफ ऑल बम..कितना ताकतवर है, कौन से शहर पलक झपकते हो जाएंगे स्वाहा?
जब तक मुस्कान के साथ जेल में रहेगी छोटी बेटी, क्या तब तक फांसी भी नहीं होगी?
जब तक मुस्कान के साथ जेल में रहेगी छोटी बेटी, क्या तब तक फांसी भी नहीं होगी?
Advertisement

वीडियोज

'इच्छाधारी बीवी' को सजा-ए-मौत!
विदेश से 'मंतर' अराजक 'जंतर'
संविधान नहीं..सड़कतंत्र पर भरोसा ?
CEC पर दिल्ली में NON-STOP बवाल...तख्तापलट का ट्रेलर?
Bollywood News: 'रामायण' का हॉलीवुड में डंका, 3 घंटे 15 मिनट की होगी महागाथा! (16.10.26)
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
अभिजीत दीपके की हिरासत पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
अभिजीत दीपके को हिरासत में लेने पर शशि थरूर का रिएक्शन, 'दिल्ली पुलिस आपको...'
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
CBI अधिकारियों से मिले अंकिता भंडारी के माता-पिता, निष्पक्ष जांच का मिला भरोसा
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
प्रशांत भूषण के रिजीम चेंज वाले बयान पर बोले योगेंद्र यादव बोले- 'ये भारत का...'
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
पैनिक अटैक, शराब की लत, 26 दिन रिहैब सेंटर...तलाक के बाद बुरी तरह टूट गए थे युजवेंद्र चहल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
शमी-भुवी फिर नजरअंदाज, हार्दिक गायब; NZ दौर के लिए टीम इंडिया के चयन पर सवाल
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
'सपा जॉइन कई लेहला का...', सच होगा रवि किशन का तंज? अखिलेश से मिले BJP पार्षद
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
JEE Mains के लिए कब से शुरू हो रहे रजिस्ट्रेशन? ये डॉक्यूमेंट्स रखें तैयार
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
मेकअप टिप्स; इंडियन स्किन टोन के लिए ऐसे चुनें सही फाउंडेशन और ब्लश
Embed widget