शैंपेन की बोतलों पर ऐसा क्या चिपका था, जिससे स्विस बार में लगी थी भयंकर आग?
स्विट्जरलैंड के एक बार में नए साल की पार्टी के दौरान लगी भीषण आग को लेकर चौंकाने वाला दावा सामने आया है. बताया जा रहा है कि शैंपेन की बोतलों पर लगी फुलझड़ियों या फ्लेयर्स की चिंगारी से आग भड़की.

नया साल 2026 की शुरुआत की खुशी पूरी दुनिया में देखी गई, लेकिन स्विट्जरलैंड में यह खुशी मातम में बदल गई, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया. नए साल के जश्न के दौरान स्विट्जरलैंड के क्रैन्स-मोंटाना स्थित स्विस अल्पाइन रिसॉर्ट के एक बार में भीषण आग लग गई. पार्टी के दौरान लगी इस आग में करीब 40 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 115 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह घटना 31 दिसंबर की रात को हुई, जब बार में करीब 200 लोग नए साल का जश्न मना रहे थे.
यह हादसा स्विट्जरलैंड के लिए किसी बड़े सदमे से कम नहीं है. साल की शुरुआत में ही इस तरह की भीषण घटना ने पूरे देश को गहरे दुख में डाल दिया है. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे. स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन ने इस घटना पर शोक व्यक्त किया है. हादसे में जान गंवाने वाले लोगों और घायलों की याद में देश में पांच दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की गई है. राष्ट्रपति ने इसे देश के इतिहास की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक बताया.
आग लगने की वजह क्या रही?
जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बार में आग लगने की सबसे बड़ी वजह शैम्पेन की बोतलों में लगी फुलझड़ियां या फ्लेयर्स मानी जा रही हैं. बताया जा रहा है कि शैम्पेन की बोतलों पर लगी स्पार्कल्स की चिंगारी बार की छत पर लगे साउंडप्रूफिंग फोम तक पहुंच गई, जिसके बाद अचानक आग भड़क उठी. पुलिस फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि हादसे के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है ताकि सही वजह सामने आ सके. इस घटना के बाद पूरे स्विट्जरलैंड में गमगीन माहौल है. चर्चों और सार्वजनिक स्थानों पर लोग एकत्र होकर मृतकों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं. पोप लियो ने भी पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई है.
The fire incident at the Ski Resort in Switzerland is a grim reminder of how far we’ve drifted in the smartphone era. A painful reminder of how smartphones and social media have rewired us.
— WiII 🏝️ (@PEC_Concepts) January 3, 2026
I never imagined I’ll live in a time when the urge to record obvious life threatening… pic.twitter.com/o1kn27Jve1
डीएनए से हो रही शवों की पहचान
पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया था, लेकिन कई शव पूरी तरह झुलस चुके हैं. इसी वजह से शवों की पहचान करने में दिक्कत आ रही है और डीएनए के जरिए पहचान की जा रही है.
चश्मदीदों ने बताई घटना की भयावह स्थिति
इस भीषण अग्निकांड को लेकर कई लोगों ने मीडिया और पुलिस को अहम जानकारी दी है. उन्होंने बताया कि घटनास्थल पर मौजूद लोग बुरी तरह डरे हुए थे. लोग एक जगह से दूसरी जगह भाग रहे थे और लगातार चिल्ला रहे थे. पुलिस और आपातकालीन गाड़ियां पूरे इलाके में फैली हुई थीं और बचाव कार्य में जुटी हुई थीं. आसमान में हेलीकॉप्टर उड़ते हुए देखे गए. पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें सायरन की आवाजें सुनाई दे रही थीं, जिससे वे सभी डर गए थे. पूरे इलाके में पुलिस और आपातकालीन सेवाओं की गाड़ियां मौजूद थीं और बचाव कार्य कई घंटों तक चलता रहा.
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Source: IOCL





















