दाऊद इब्राहिम को पकड़ने का बड़ा मौका, जानें पाकिस्तान के अलावा किन देशों में छिप सकता अंडरवर्ल्ड डॉन
Dawood Ibrahim Left Pakistan: भारत और पाकिस्तान तनाव के बीच यह खबर आ रही है कि अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान छोड़कर भाग गया है. ऐसे में यह जानना जरूरी है कि वह कहां छिप सकता है.

Dawood Ibrahim Left Pakistan: भारत और पाकिस्तान के बढ़ते हुए तनाव के मद्देनजर एक बड़ी खबर यह आ रही है कि मोन्ट वॉन्टेड अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान छोड़कर भाग निकसा है. खबर है कि वह पिछले कई सालों से पाकिस्तान के कराची में पनाह ले रहा था. खबरों की मानें तो पाकिस्तान ऑपरेशन सिंदूर से इतना बौखला चुका है कि अपने आतंकी आकाओं को छिपाने में लगा हुआ है. ऐसे में पाकिस्तान पर हमला करके उसके आतंकियों समेत दाऊद इब्राहिम को पकड़ने के लिए भारत के पास इस वक्त सुनहरा मौका है. जब तक सीमा पर हो रहा संघर्ष रुक नहीं जाता है जब तक दाऊद इब्राहिम की लोकेशन बदलती रह सकती है और दाऊद व उसके गुर्गे पाकिस्तान में ही छिपे हो सकते हैं.
पाकिस्तान के पहले दुबई था ठिकाना
पाकिस्तान आने से पहले दाऊद इब्राहिम का ठिकाना दुबई हुआ करता था. 1986 में वह पहली बार भारत छोड़कर दुबई भागा था. अब भारतीय कानून में वह करीब 32 साल से भगोड़ा है और दुबई के बाद पाकिस्तान में छिपा बैठा है. दाऊद इब्राहिम 1993 में मुंबई में हुए बम ब्लास्ट में मुख्य आरोपी है. भारत के कई आतंकी हमलों में भी उसका हाथ रहा है. शुरुआती दिनों में वह दुबई में रहा था, लेकिन फिर परिवार समेत पाकिस्तान में आकर छिप गया था. खबरों की मानें तो पाकिस्तान ने दाऊद को पूरी सुरक्षा में रखा है.
किन देशों में छिप सकता है दाऊद
दुबई और पाकिस्तान के अलावा क्रिमिनल्स के लिए सुरक्षित देश लंदन, ब्राजील, फिलीपींस, हॉन्गकॉन्ग और जर्मनी देशों में छिप सकता है. क्रिमिनल्स के लिए सबसे सुरक्षित लंदन और ब्रिटेन हैं. लंदन में पुलिस और न्याय प्रणाली को विश्वसनीय माना जाता है. ऐसे में ये अपराधी ऐसे देशों की तलाश करते हैं, जहां इनको गिरफ्तारी का खतरा न के बराबर होता है. क्योंकि इनकी प्रणालियों में कानूनी जटिलताएं होती हैं, जो कि अपराधियों को सुरक्षित रखती हैं.
दुबई और यूएई भी अपराधियों के लिए है स्वर्ग समान
भारत से अपराध करके भागने वाले क्रिमिनल्स अधिकतर पाकिस्तान, नेपाल, दुबई, कनाडा और यूएई जैसे देशों में भी पनाह लेते हैं. कुछ देशों के साथ भारत की प्रत्यर्पंण संधि कमजोर है, इसलिए वहां से इनको वापस लाना कठिन हो जाता है. पाकिस्तान आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों के लिए छिपने का बेहतरीन ऑप्शन है. इसके अलावा दुबई और यूएई भी भारत के अपराधियों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं. उनकी कानून प्रणाली और प्रत्यर्पण प्रक्रिया भारत के साथ कमजोर है.
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Source: IOCL
























