विधायक बन गए प्रशांत किशोर, हर महीने कितनी मिलेगी सैलरी?
Bankipur By Election Prashant Kishor Victory: बिहार के बांकीपुर उप चुनाव के नतीजे साफ हो चुके हैं और बीजेपी के गढ़ में जनसुराज के प्रशांत किशोर ने सेंध लगा दी है. चलिए जानें कि उनको हर महीने कितनी सैलरी मिलेगी.

- विधायक को आवास, यात्रा, चिकित्सा और पेंशन सुविधाएँ मिलती हैं।
Bankipur By Election Prashant Kishor Victory: बड़ी-बड़ी पार्टियों को चुनाव जीतने का मंत्र देते आए राजनीतिक विश्लेषक से सीधे राजनीति के मैदान में उतरे जन सुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में एक शानदार जीत दर्ज की है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के राज्यसभा जाने के बाद खाली हुई इस सीट पर प्रशांत किशोर ने बीजेपी प्रत्याशी नीरज कुमार को 19,324 से अधिक वोटों से हरा दिया है. इस बड़ी जीत के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि विधायक बनने पर उन्हें हर महीने कितनी सैलरी और क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी.
बांकीपुर चुनाव में प्रशांत किशोर की जीत का पूरा ब्योरा
बिहार की बांकीपुर सीट पर 30 जुलाई को मतदान हुआ था, जहां महज 35 फीसदी से भी कम वोट पड़े थे. कम वोटिंग के चलते नतीजों को लेकर काफी सस्पेंस बना हुआ था, लेकिन वोटों की गिनती शुरू होते ही तस्वीर साफ होने लगी. 32 राउंड की पूरी मतगणना के बाद प्रशांत किशोर ने 19,324 वोटों से मैदान मार लिया. जन सुराज पार्टी की इस जीत ने बिहार के सियासी समीकरणों को पूरी तरह बदल कर रख दिया है. कम मतदान के बावजूद प्रशांत किशोर को 64,151 वोट मिले, जबकि बीजेपी को 44,827 वोटों से ही संतोष करना पड़ा.
बिहार के विधायक की हर महीने कितनी सैलरी?
विधायक बनने के बाद सबसे ज्यादा उत्सुकता इस बात को लेकर रहती है कि आखिर नेताजी के खाते में हर महीने कितनी रकम आएगी. बिहार में एक विधायक की मूल सैलरी (बेसिक पे) सिर्फ 50 हजार रुपये प्रति महीना होती है. लेकिन असल खेल भत्तों का है. 50 हजार की बेसिक सैलरी के साथ 55,000 रुपये का चुनाव क्षेत्र भत्ता, 15,000 रुपये का स्टेशनरी भत्ता और 40,000 रुपये का पर्सनल असिस्टेंट भत्ता मिलता है. इसके अलावा सदन की बैठकों में शामिल होने के लिए 3,000 रुपये रोजाना का मीटिंग अलाउंस और 29,000 रुपये महीना हॉस्पिटैलिटी अलाउंस भी तय है. इन सभी को जोड़ दें तो एक विधायक की कुल मासिक कमाई आसानी से 1.5 लाख रुपये से ऊपर चली जाती है.
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गाड़ियों से लेकर सफर तक के लंबे-चौड़े भत्ते
सैलरी के अलावा विधायकों को मिलने वाली सहूलियतें भी कम नहीं हैं. बिहार के विधायकों को देश में रेल या हवाई सफर करने के लिए सालाना 4 लाख रुपये का बजट दिया जाता है. नई गाड़ी खरीदने का मन हो तो सरकार की तरफ से 25 लाख रुपये तक का व्हीकल लोन बहुत आसान शर्तों पर मिलता है. इतना ही नहीं, हर साल घूमने-फिरने के लिए 1 लाख रुपये अलग से मिलते हैं.
रहने-सहने से लेकर सेहत की सुरक्षा तक का ध्यान
बिहार की राजधानी पटना में विधायक जी को रहने के लिए शानदार सरकारी आवास मिलता है. इसके साथ ही बिजली, पानी और टेलीफोन बिलों पर पूरी छूट या रिम्बर्समेंट की सुविधा भी दी जाती है. सुरक्षा की बात करें तो उनके साथ पुलिस गार्ड हमेशा तैनात रहते हैं. बीमारी या इलाज की सूरत में विधायकों और उनके पूरे परिवार को सरकारी अस्पतालों में बिल्कुल मुफ्त या भारी रियायती दरों पर इलाज का हक दिया गया है.
चुनाव हारने पर कितनी मिलती है पेंशन?
राजनीति की यह नौकरी केवल पद पर रहने तक सीमित नहीं रहती. एक बार विधायक बनने के बाद अगर भविष्य में चुनाव हार भी जाएं, तब भी पेंशन पक्की है. बिहार में पूर्व विधायकों को हर महीने 45,000 रुपये की पेंशन मिलती है. विधायक के जीवित रहने तक तो पेंशन मिलती ही है, उनके न रहने पर परिवार को भी पेंशन का लाभ दिए जाने का नियम है.

देश के किस राज्य में विधायकों की सैलरी सबसे ज्यादा?
भारत में विधायकों की तनख्वाह हर राज्य में एक जैसी नहीं है. साल 2024 के आंकड़े बताते हैं कि देश में सबसे ज्यादा सैलरी तेलंगाना के विधायकों को मिलती है, जहां का आंकड़ा 2.5 लाख रुपये प्रति माह है. महाराष्ट्र, केरल और उत्तर प्रदेश में भी विधायकों की कमाई 2 लाख रुपये महीना से ज्यादा है. दिल्ली में विधायकों को करीब 90,000 रुपये मिलते हैं, जबकि बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में विधायकों को हर महीने 1.25 लाख से लेकर 1.6 लाख रुपये के बीच वेतन-भत्ते दिए जाते हैं.
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