किन देशों से हथियार खरीदता है बांग्लादेश, जानें कहां लुटाता है सबसे ज्यादा पैसा?
भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है. इन राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच बांग्लादेश एक और दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. जो कि उसकी अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में है.

पिछले कुछ समय से बांग्लादेश लगातार अंतरराष्ट्रीय सुर्खियों में बना हुआ है. एक ओर देश के भीतर हिंदू अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर भारत और बांग्लादेश के बीच कूटनीतिक रिश्तों में तनाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा है. चिटगांव समेत कई इलाकों में हिंदुओं के घर जलाए जाने की घटनाओं के वीडियो सामने आए हैं. इन घटनाओं के बाद भारत में गुस्सा देखने को मिला है. भारत सरकार ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई, जबकि बांग्लादेश ने भी दिल्ली स्थित अपने मिशन के बाहर हुए प्रदर्शनों को लेकर भारत से नाराजगी जताई. इसी बीच ढाका में भारतीय उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई गई है.
इन राजनीतिक और सामाजिक उथल-पुथल के बीच बांग्लादेश एक और दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है. जो कि उसकी अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने की दिशा में है. खास बात यह है कि इस बार बांग्लादेश का झुकाव भारत से हटकर पाकिस्तान और चीन समर्थित हथियारों की ओर बढ़ता दिख रहा है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बांग्लादेश किन देशों से हथियार खरीदता है और सबसे ज्यादा पैसा कहां खर्च कर रहा है?
किन देशों से हथियार खरीदता है बांग्लादेश?
बांग्लादेश अपनी सेना को मजबूत बनाने के लिए कई देशों से हथियार और सैन्य उपकरण खरीदता है, जिनमें चीन सबसे बड़ा आपूर्तिकर्ता है. चीन से उसे टैंक, F-7 लड़ाकू विमान, मिसाइल सिस्टम और नौसैनिक जहाज मिलते हैं, जो कम कीमत और बड़ी मात्रा में उपलब्ध होने के कारण उसकी पहली पसंद बने हुए हैं. इसके अलावा रूस से बांग्लादेश ने MiG-29 लड़ाकू विमान और Yak-130 प्रशिक्षण विमान खरीदे हैं, साथ ही कुछ तकनीकी और एयर डिफेंस सहयोग भी मिलता है. तुर्की से उसने आधुनिक TRG-300 टाइगर मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम लिया है और ड्रोन व स्मार्ट हथियारों में भी रुचि दिखाई है.
हाल के वर्षों में पाकिस्तान के साथ सैन्य संपर्क बढ़ा है, जहां से असॉल्ट राइफल, छोटे हथियार, टैंक और बख्तरबंद वाहनों पर बातचीत चल रही है, साथ ही JF-17 लड़ाकू विमान खरीदने में भी दिलचस्पी जताई गई है.इसके अलावा बांग्लादेश फ्रांस से नौसेना से जुड़े उपकरण और रडार सिस्टम लेता है, जबकि ब्रिटेन से उसे सैन्य प्रशिक्षण और कुछ पुराने लेकिन भरोसेमंद रक्षा उपकरण मिलते रहे हैं.
पाकिस्तान से कौन-कौन से हथियार खरीदता है बांग्लादेश?
पाकिस्तान से बांग्लादेश जिन हथियारों में दिलचस्पी दिखा रहा है, उनमें मेन बैटल टैंक (MBT), आर्मर्ड पर्सनल कैरियर (APC), बख्तरबंद लड़ाकू वाहन, असॉल्ट राइफल और छोटे हथियार, चीन के डिजाइन पर बने हथियार, जो पाकिस्तान में तैयार होते हैं, सैन्य लॉजिस्टिक वाहन शामिल हैं. इसके अलावा बांग्लादेश पाकिस्तान के JF-17 थंडर लड़ाकू विमान में भी रुचि दिखा चुका है. यह एक आधुनिक 4.5 जनरेशन का मल्टीरोल फाइटर जेट है, जिसकी रेंज 3,400 किलोमीटर से ज्यादा बताई जाती है.
बांग्लादेश की सैन्य ताकत कितनी है?
ग्लोबल फायर पावर रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश की सैन्य शक्ति दुनिया में 35वें स्थान पर है. हवाई ताकत के मामले में 43वां स्थान. कुल 214 सैन्य विमान, जिनमें 42 लड़ाकू विमान (F-7, MiG-29, Yak-130), 65 हेलीकॉप्टर शामिल हैं. बांग्लादेश के पास अभी एक भी अटैक हेलीकॉप्टर नहीं है.
बांग्लादेश के पास तुर्की का आधुनिक TRG-300 टाइगर MLRS सिस्टम है, जिसे 2021 में करीब 60 मिलियन डॉलर में खरीदा गया था. इस सिस्टम की मारक क्षमता 3 किमी से 100 किमी, 300 मिमी के 4 मिसाइल या 122 मिमी के 40 रॉकेट दागने की क्षमता और कुल 3 बैटरियां बांग्लादेश के पास हैं.
कहां लुटाता है सबसे ज्यादा पैसा?
बांग्लादेश अपनी सेना के लिए सबसे ज्यादा पैसा चीन पर खर्च करता है. हथियारों की खरीद, सैन्य उपकरण, लड़ाकू विमान, टैंक, मिसाइल सिस्टम और नौसैनिक जहाजों का बड़ा हिस्सा चीन से ही लिया जाता है.इसकी वजह यह है कि चीन बांग्लादेश को कम कीमत में बड़ी मात्रा में हथियार, आसान भुगतान शर्तें और तकनीकी सहयोग देता है. चीन के बाद बांग्लादेश रूस, तुर्की और अब पाकिस्तान से भी सैन्य सौदे कर रहा है, लेकिन कुल रक्षा बजट का सबसे बड़ा हिस्सा अभी भी चीन को ही जाता है.
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Source: IOCL





















