क्या बांग्लादेश में सेना करेगी यूनुस सरकार का तख्तापलट? जानिए कितनी ताकतवर है आर्मी
बांग्लादेश में एक बार फिर तख्तापलट की आशंका जताई जा रही है. इसकी वजह उस म्यांमार-बांग्लादेश के बीच उस गलियारे को माना जा रहा है, जिस पर यूसुन सरकार ने सहमति जाता दी है. हालांकि, सेना इससे नाराज है.

Bangladesh Army Power: बांग्लादेश में बीते साल शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद भी कुछ भी ठीक नहीं हुआ है. मौजूदा यूनुस सरकार की अब बांग्लादेश आर्मी से ही ठन गई है. बांग्लादेश आर्मी चीफ जनरल वकार उज जमा ने साफ किया है कि सैन्य मामलों में दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बांग्लादेश की सीमा से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले आर्मी से भी बात करनी होगी. इसके साथ ही आर्मी चीफ ने दिसंबर तक देश में चुनाव कराने की बात भी कही है.
बांग्लादेश आर्मी चीफ के इन बयानों को यूनुस सरकार के लिए सख्त चेतावनी माना जा रहा है. दरअसल, मोहम्मद यूनुस की कार्यवाहक सरकार कई मामलों में लगातार असफल रही है और उसकी पकड़ भी कमजोर होती जा रही है, जिसके चलते बांग्लादेश में एक बार फिर तख्तापलट की आशंका जताई जा रही है. ऐसे में चलिए जानते हैं बांग्लादेश आर्मी की नाराजगी की वजह क्या है और बांग्लादेश की आर्मी कितनी पॉवरफुल है?
ये कॉरीडोर है तनाव की वजह
बीते दिनों मोहम्मद यूनुस के विदेशी मामलों के सलाहकार तौहीद हुसैन ने एकतरफा घोषणा करते हुए कहा था कि अंतरिम सरकार ने संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रस्तावित राखिन गलियारे पर सहमति व्यक्ति की है. यह गलियारा बांग्लादेश को म्यांमार से जोड़ रहा था, जिसके जरिए म्यांमार में मौजूद रोहिंग्याओं तक जरूरी सामान की सप्लाई पहुंचाए जाने की योजना है और इसे मानवीय गलियारा कहा जा रहा है. बांग्लादेश की आर्मी ने इस पर आपत्ति जताई है. आर्मी चीफ का कहना है कि इस मानवीय गलियारे के खुलने से सीमावर्ती इलाकों में घुसपैठ बढ़ जाएगी और इससे देश में अराजकता और आतंकी गतिविधियों का भी खतरा बढ़ जाएगा. सबसे बड़ी नाराजगी वजह यह है कि सीमा से जुड़ा फैसला लेने से पहले यूनुस सरकार ने सेना से बातचीत तक नहीं की ओर एकतरफा फैसला ले लिया गया.
बांग्लादेश की आर्मी कर सकती है तख्तापलट?
बांग्लादेश में पिछले साल तख्तापलट देखा गया था, जहां विद्रोही गुटों ने शेख हसीना सरकार को उजाड़ फेंका था. छात्रों और विपक्षी दलों के समर्थन से यहां इतना उग्र प्रदर्शन हुआ कि स्थिति सेना के हाथ से भी निकल गई थी, जिसके बाद शेख हसीना को जान बचाकर भागना पड़ा और भारत में शरण लेनी पड़ी थीं. अब एक बार फिर बांग्लादेश में ऐसी ही स्थिति दिख रही है, जहां सेना और सरकार के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है. मौजूदा स्थिति को देखें तो यूनुस सरकार ने केवल अंतरराष्ट्रीय संबंधों बल्कि देश में भी अपनी पकड़ बनाए रखने में नाकामयाब साबित हुई है और धीरे-धीरे लोगों का भरोसा उठता जा रहा है. ऐसे में स्थिति का फायदा उठाते हुए सेना यहां तख्तापलट कर सकती है.
कितनी मजबूत है बांग्लादेश की आर्मी
बांग्लादेश आर्मी की बात करें तो ग्लोबल फायर इंडेक्स में 145 देशों में लिस्ट में बांग्लादेश 35वें नंबर पर आता है. बांग्लादेश की आर्मी में 1,60,000 जवान हैं. वहीं बांग्लादेश की एयर फोर्स में मात्र 17,400 सैन्य कर्मी ही हैं. बांग्लादेश के पास अपनी नौसेना भी है, जिसमें 25100 जवान हैं. बांग्लादेश की आर्मी के बाद 320 टैंक, 110 रॉकेट आर्टिलरी, 11,584 सैन्य वाहन हैं. बांग्लादेश की एयर फोर्स के पास 42 फाइटर जेट, 214 एयरक्राफ्ट, 65 हेलीकॉप्टर भी हैं. इसके अलावा नेवी के पास एक भी एयरक्राफ्ट कैरियर नहीं है. हालांकि, दो सबमरीन बांग्लादेश नेवी में शामिल हैं.
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Source: IOCL























