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Ayatollah Khamenei: मशहद में दफनाए जाएंगे अयातुल्ला खामेनेई! जानिए यहां और कौन कौनसी हस्तियां हैं दफ्न

ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में स्थित इमाम रजा श्राइन दुनिया भर के शिया मुसलमानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक है. यहां अयातुल्ला खामेनेई को दफ्न करने की खबरें हैं.

ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आई है. रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें ईरान के पवित्र शहर मशहद स्थित इमाम रजा श्राइन में दफनाया जाएगा. यह वही धार्मिक परिसर है जिसे शिया मुसलमानों के सबसे पवित्र स्थलों में गिना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि ईरान के इतिहास, राजनीति और शिया परंपरा की कई बड़ी हस्तियों का अंतिम विश्राम स्थल भी है. आइए जानते हैं कि इस ऐतिहासिक परिसर में किन-किन नामचीन शख्सियतों की कब्रें मौजूद हैं.

इमाम रजा श्राइन क्यों है खास?

ईरान के उत्तर-पूर्वी शहर मशहद में स्थित इमाम रजा श्राइन दुनिया भर के शिया मुसलमानों के लिए सबसे महत्वपूर्ण तीर्थस्थलों में से एक है. यह परिसर शिया इस्लाम के आठवें इमाम, इमाम अली अल-रिजा की मजार के आसपास विकसित हुआ था. हर साल लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन और इबादत के लिए पहुंचते हैं. सोने से सजे इसके गुंबद और विशाल प्रांगण इसे ईरान की सबसे प्रतिष्ठित धार्मिक पहचान बनाते हैं.

यहां दफ्न हैं शिया इस्लाम के आठवें इमाम

इस पूरे परिसर का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र इमाम रजा की मजार है. शिया समुदाय में उनका विशेष स्थान है और इसी वजह से मशहद दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक तीर्थस्थलों में शामिल हो चुका है. माना जाता है कि इमाम रजा की मजार के निकट दफन होना बड़े सम्मान की बात मानी जाती है.

पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी भी यहीं हैं दफ्न

ईरान के पूर्व राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी, जिनकी 2024 में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी, उन्हें भी इसी पवित्र परिसर में दफनाया गया था. रईसी को ईरान की राजनीति और धार्मिक व्यवस्था में बेहद प्रभावशाली नेता माना जाता था. उनकी कब्र पर आज भी बड़ी संख्या में लोग श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं.

हारून अल-रशीद की कब्र भी इसी परिसर में

इतिहास में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह जानना रोचक हो सकता है कि अब्बासी खिलाफत के सबसे प्रसिद्ध शासकों में गिने जाने वाले हारून अल-रशीद भी इसी परिसर से जुड़े हुए हैं. उनका मकबरा भी इस क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को और बढ़ाता है.

विद्वानों, सैन्य अधिकारियों और शाही परिवारों का विश्राम स्थल

इमाम रजा श्राइन में कई इस्लामी विद्वान, धार्मिक नेता, सैन्य अधिकारी और ईरान के विभिन्न शाही राजवंशों से जुड़े लोग भी दफ्न हैं. इनमें प्रसिद्ध विद्वान शेख बहाई, काजार साम्राज्य के युवराज अब्बास मिर्जा और कई अन्य ऐतिहासिक हस्तियां शामिल हैं. यही वजह है कि इस परिसर को सिर्फ धार्मिक ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है.

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खामेनेई के दफन होने से और बढ़ेगा महत्व

अगर अयातुल्ला अली खामेनेई को वास्तव में इमाम रजा श्राइन में दफनाया जाता है, तो यह परिसर आधुनिक ईरानी इतिहास में और भी महत्वपूर्ण स्थान हासिल कर लेगा. खामेनेई पिछले कई दशकों से ईरान की राजनीति और धार्मिक व्यवस्था के सबसे प्रभावशाली चेहरे रहे हैं. ऐसे में उनका अंतिम विश्राम स्थल बनने के बाद मशहद का यह पवित्र परिसर एक बार फिर वैश्विक चर्चा का केंद्र बन सकता है.

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शेख इंजमाम उल हक एबीपी लाइव में बतौर कॉपी एडिटर अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. वह फीचर सेक्शन में खबरों की कांट छांट और उन्हें तराशने का बेहतरीन हुनर रखते हैं. 4 साल से पत्रकारिता की दुनिया में कार्यरत शेख इंजमाम विकिपीडिया एंव इंडिया न्यूज जैसे संस्थानों में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. इन सभी जगहों पर उन्होंने महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं.

शेख इंजमाम ने नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई पूरी की, जहां उन्होंने हिंदी जर्नलिज्म में एमए एमफिल किया. इसके अलावा उन्होंने कोटा से अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी की, जो उनका जन्म स्थल भी है.

शेख इंजमाम को टीवी इंटरव्यू देखना, फिल्में देखना काफी पसंद है. शेख इंजमाम पत्रकारिता के अलावा साहित्य और इतिहास की भी गहरी समझ रखते हैं.

शेख इंजमाम ट्रेंडिंग और वायरल खबरों पर अच्छी पकड़ रखते हैं. उन्हें फीचर और डिजिटल स्टोरीटेलिंग का भी अनुभव है. शेख इंजमाम हिंदी भाषा और कॉपी एडिटिंग में विशेषज्ञता रखते हैं और लगातार इसे बेहतर कर रहे हैं. राजनीतिक, राष्ट्रीय और राज्य की खबरें भी उनसे बच नहीं पाती हैं.

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