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Salary And Facilities For Astronauts: एस्ट्रोनॉट्स को क्या-क्या सुविधाएं देता है नासा, कितनी मिलती है इनको सैलरी?

Salary And Facilities For Astronauts: एस्ट्रोनॉट्स का काम बड़ा ही रोमांचक लेकिन खतरनाक होता है. ज्यादातर एस्ट्रोनॉट्स चाहते हैं कि वो नासा के साथ काम करें. पर क्या आप जानते हैं कि नासा इनको कितनी सैलरी और क्या सुविधाएं देता है.

Salary And Facilities For Astronauts: अंतरिक्ष की बात आते ही दिमाग में सुनीता विलियम्स और कल्पना चावला जैसे नाम कौंधने लगते हैं. सुनीती विलियम्स पिछले काफी समय से अंतरिक्ष में हैं और पिछले नौ महीने से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर अपने साथी बैरी विलमोर के साथ फंसी हुई हैं. दोनों 5 जून 2024 को बोइंग स्टारलाइनर से उड़ान भरकर अंतरिक्ष में पहुंचे थे. लेकिन तकनीकी खराबी के वो वापस नहीं आ पा रहे थे, हालांकि अब नासा ने पुष्टि कर दी है कि ये दोनों एस्ट्रोनॉट्स 16 मार्च को धरती पर लौटेंगे. एक्ट्रोनॉट का करियर बहुत ही रोमांचक और चुनौतियों से भरा हुआ होता है, जो कि सबके बस की बात नहीं है. आज हम आपको बताते हैं कि नासा इन एस्ट्रोनॉट्स को कितनी सैलरी देता है और उनको क्या सुविधाएं मिलती हैं.

ग्रेड पे के हिसाब से मिलती है सैलरी

नासा दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी है. हर एस्ट्रोनॉट का सपना होता है कि वो नासा के साथ काम करे और कई बड़े मिशन का हिस्सा बने जो कि दुनिया के लिए जरूरी हो. रिपोर्ट्स की मानें नासा में सैलरी अमेरिकी सरकार के ग्रेड पे अनुसार दी जाती है. मतलब कि सिविलियन एस्ट्रोनॉट्स को अमेरिकी सरकार के ग्रेड पे जीएस-13 और जीएस-15 के हिसाब से तनख्वाह मिलती है. 

एस्ट्रोनॉट्स की सैलरी

रिपोर्ट्स की मानें तो 2024 जीएस दरों के अनुसार $84362 भारतीय रुपयों में 70,79,910 रुपये से $115,079 यानि 96,57,429 रुपये तक सैलरी है. हालांकि नासा की वेबसाइट पर 2024 के अंतरिक्ष यात्री की सैलरी को 152,258 डॉलर भारतीय रुपयों में 1,27,75,968.78 रुपये प्रति वर्ष बताया गया है. 

ग्रेड पे के हिसाब से बात करें तो जीएस-13 में 81,216 से लेकर 105,579 डॉलर सालाना सैलरी का प्रावधान है. महीने की सैलरी की बात करें तो ये 8798.25 डॉलर है. 

वहीं जीएस-14 में इसमें 95,973 से लेकर 124, 764 डॉलर सालाना तनख्वाह मिलती है. महीने के हिसाब से ये 10,397 डॉलर है. 

जीएस-15 के पेआउट में सबसे एक्सपीरियंस वाले एस्ट्रोनॉट्स आते हैं. इनका काम बहुत ज्यादा स्किल वाला होता है. ये लोग नासा के सबसे कठिन मिशन का हिस्सा बनते हैं. इनकी सैलरी सालाना 146,757 डॉलर होती है. 

क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं

सुविधाओं की बात करें तो अगर हम सुनीता विलियम्स का ही उदाहरण लेकर देखें तो वो रिटायर्ड अमेरिकी नेवी कैप्टन और भारतीय मूल की एस्ट्रोनॉट हैं. एक्सपीरियंस के लिहाज से वो जीएस-15 ग्रेड में आती हैं. उनको मिलने वाली सुविधाओं में एडवांस ट्रेनिंग, परिवार और दोस्तों से बातचीत के लिए पैकेज, हेल्थ इंश्योरेंस, साइकोलॉजिकल सपोर्ट, यात्रा भत्ता और मिशन के दौरान होने वाली किसी घटना के लिए इंश्योरेंस प्रोटेक्शन भी देते हैं.

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