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Satish Shah: गुजरात के इस इलाके के रहने वाले थे एक्टर सतीश शाह, जानें वहां किस जाति के लोग रहते हैं सबसे ज्यादा?

Satish Shah: भारतीय टेलीविजन के मशहूर अभिनेता सतीश शाह का निधन हो गया है. आइए जानते हैं सतीश शाह कहां के रहने वाले थे और कैसा था उनका फिल्मी सफर.

Satish Shah: बॉलीवुड और टेलीविजन जगत ने अपने सबसे प्रिय अभिनेताओं में से एक सतीश शाह को खो दिया है. 25 अक्टूबर को 74 वर्ष की आयु में किडनी की बीमारी से जूझने के बाद सतीश शाह का निधन हो गया. सतीश शाह अपनी बेजोड़ हास्य शैली और शानदार भूमिकाओं के लिए पहचाने जाते थे. उनका सारा भाई वर्सेस साराभाई में इंद्रवदन साराभाई का किरदार लोगों के बीच काफी ज्यादा लोकप्रिय हुआ. आइए जानते हैं सतीश शाह कहां के रहने वाले थे.

कहां के रहने वाले थे सतीश शाह 

सतीश शाह का जन्म मुंबई में हुआ था लेकिन कच्छ से उनके पैतृक संबंध थे. सतीश शाह का परिवार गुजरात के कच्छ जिले के तटीय शहर मांडवी से था. शाह परिवार तीन पीढ़ियों से वही रह रहा है.

कच्छ क्षेत्र के प्रमुख समुदाय 

अहीर और रबारी कच्छ के सबसे ज्यादा आबादी वाले समुदायों में से हैं. इन दोनों समूह की सांस्कृतिक परंपराएं काफी ज्यादा समृद्ध हैं. अहीर समुदाय अपनी देहाती जीवनशैली और लोक संगीत के लिए पहचाने जाते हैं जबकि रबारी समुदाय पारंपरिक रूप से चरवाहे हैं, जो अपने रंगीन परिधानों और जटिल कढ़ाई के लिए मशहूर है. इसी के साथ कच्छ का एक और महत्वपूर्ण समूह कच्छ मेमन है. यह एक मुस्लिम व्यापारिक समुदाय है जो कच्छी भाषा बोलते हैं. यह समुदाय गुजरात और उसके बाहर व्यापार और वाणिज्य में अपने योगदान के लिए पहचाना जाता है. 

इन स्थानीय समूह के अलावा कोली समुदाय का गुजरात में एक प्रमुख स्थान है. कोली राज्य की लगभग 24% आबादी बनाते हैं और कच्छ और सौराष्ट्र के तटीय क्षेत्रों में उनकी अच्छी खासी पकड़ है. वे मुख्य रूप से मछली पकड़ने, कृषि और समुद्री व्यापार में शामिल हैं.

सतीश शाह का फिल्मी करियर 

1951 की 25 जून को मुंबई में जन्मे सतीश शाह ने 1972 में डिजाइनर मधु शाह से विवाह किया. सतीश शाह ने भारतीय सिनेमा और टेलीविजन में दशकों से एक बड़ा योगदान दिया है. उन्होंने भारतीय फिल्म और टेलिविज़न संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया और उसके बाद अपने करियर की शुरुआत की. 1980 के दशक में 'ये जो है जिंदगी' से शोहरत मिली जहां उन्होंने 55 अलग-अलग किरदारों को काफी शानदार तरीके से निभाया. हालांकि उनके करियर को उड़ान 'साराभाई वर्सेस साराभाई' से मिली. इस धारावाहिक में उन्होंने इंद्रवदन साराभाई का किरदार निभाया. कई सालों बाद भी इस शो के दृश्य और संवाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड करते रहते हैं.

ये भी पढ़ें: BCCI के बाद ये है दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड, जानें रोहित-कोहली के मुकाबले इनकी मैच फीस कितनी?

स्पर्श गोयल को कंटेंट राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग में चार साल का अनुभव है.  इन्होंने अपने करियर की शुरुआत नमस्कार भारत से की थी, जहां पर लिखने की बारीकियां सीखते हुए पत्रकारिता और लेखन की दुनिया में कदम रखा. इसके बाद ये डीएनपी न्यूज नेटवर्क, गाजियाबाद से जुड़े और यहां करीब दो साल तक काम किया.  इस दौरान इन्होंने न्यूज राइटिंग और स्क्रीनराइटिंग दोनों में अपनी पकड़ मजबूत की.

अब स्पर्श एबीपी के साथ अपनी लेखनी को निखार रहे हैं. इनकी खास रुचि जनरल नॉलेज (GK) बीट में है, जहां ये रोज़ नए विषयों पर रिसर्च करके अपने पाठकों को सरल, रोचक और तथ्यपूर्ण ढंग से जानकारी देते हैं.  

लेखन के अलावा स्पर्श को किताबें पढ़ना और सिनेमा देखना बेहद पसंद है.  स्क्रीनराइटिंग के अनुभव की वजह से ये कहानियों को दिलचस्प अंदाज़ में पेश करने में भी माहिर हैं.  खाली समय में वे नए विषयों पर रिसर्च करना और सोशल मीडिया पर अपडेट रहना पसंद करते हैं.

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