रिलीज से पहले ही कानूनी पचड़े में 'दृश्यम 3', अमेजन प्राइम ने धमकाया- किसी और OTT से डील किया तो एक्शन लेंगे
Drishyam 3 Digital Rights Controversy: मोहनलाल की फिल्म 'दृश्यम 3' (Drishyam 3) की रिलीज पर डिजिटल राइट्स की तलवार लटकी हुई है. मूवी रिलीज से पहले ही कानूनी पचड़े में फंसती दिख रही है.

Drishyam 3 Digital Rights Controversy: सिनेमा जगत में कई बार ऐसी फिल्में रिलीज होती हैं, जिनकी ना केवल कहानियां बल्कि सस्पेंस और किरदार तक दर्शकों के दिलों में घर कर जाती हैं. इसी में से एक फिल्म 'दृश्यम' है. इसकी फ्रेंचाइजी ना केवल साउथ में बल्कि हिंदी में भी हिट रही है. ऐसे में इन दिनों मोहनलाल की फिल्म 'दृश्यम 3' को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. रिलीज से पहले ही फिल्म कानूनी पचड़े में फंसती नजर आ रही है. चलिए बताते हैं पूरा मामला.
कंपनी का दावा- एग्रीमेंट के तहत मिले राइट्स
दरअसल, मामला तब गरमा गया जब ई-कॉमर्स और ओटीटी के बड़े प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम की ओर से फिल्म 'दृश्यम 3' को लेकर एक आधिकारिक पब्लिक नोटिस जारी किया गया है. इस नोटिस में कंपनी की ओर से साफ तौर से फिल्म के मेकर्स को धमकाते हुए कहा गया कि फिल्म के सभी डिजिटल राइट्स सिर्फ अमेजन के पास है और उसे ये राइट्स आशीर्वाद सिनेमा के साथ हुए एग्रीमेंट के तहत मिले हैं.
किसी भी पक्ष के पास राइट्स नहीं
अमेजन की ओर से दावा किया गया कि उसके पास 'दृश्यम 3' के एसवीओडी (सब्सक्रिप्शन वीडियो ऑन डिमांड), टीवीओडी (ट्रांजेक्शनल वीडियो ऑन डिमांड), एवीओडी (एड-आधारित वीडियो ऑन डिमांड), एफवीओडी (फ्री वीडियो ऑन डिमांड) या ईएसटी (इलेक्ट्रॉनिक सेल-थ्रू) सभी राइट्स अकेले के हैं. कंपनी की ओर से भी क्लीयर किया गया कि अब आशीर्वाद सिनेमा या उससे जुड़े किसी भी पक्ष के पास इसके राइट्स नहीं हैं.
View this post on Instagram
अमेजन ने दी चेतावनी
इसके साथ ही अमेजन की ओर से 'दृश्यम 3' के मेकर्स को चेतावनी भी दी गई. कंपनी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति या फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म उनकी परमिशन के बिना डिजिटल राइट्स से जुड़ी कोई डील करता है तो इसके लिए उसे जोखिम उठाना पड़ सकता है. कंपनी ने कहा कि वह नुकसान, खर्च या फिर कानूनी परिणाम के लिए खुद जिम्मेदार होगा. अमेजन की ओर से कहा गया कि वह अधिकारों की रक्षा के लिए कानूनी कदम उठाएगा.
क्या होता डिजिटल राइट्स?
बहरहाल, अगर डिजिटल राइट्स के बारे में बात की जाए कि इसका मतलब कानूनी अधिकारों से है. इसमें स्ट्रीमिंग राइट्स, डाउनलोड और रेंटल राइट्स, डीआरएम (डिजिटल राइट्स मैनेजमेंट) समेत सोशल मीडिया और वेब साइट राइट्स होते हैं.
डिजिटल राइट्स के तहत किसी भी फिल्म को इंटरनेट, ओटीटी प्लेटफॉर्म्स, मोबाइल ऐप्स या फिर डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज किया जाता है. किसी भी फिल्म के राइट्स उसके मेकर्स के पास होते हैं. अगर कोई एग्रीमेंट साइन किया गया होता है, जिसमें फिल्म के ओटीटी राइट्स भी लिखे होते हैं तो फिर उसे मेकर्स भी चाहकर किसी तीसरे को नहीं बेच सकता है. इसके लिए दूसरी पार्टी की सहमति लेना अनिवार्य है.
बिना क्लीयरेंस के क्या होंगी दिक्कतें?
अगर एग्रीमेंट साइन होने के बाद भी कोई मेकर्स बिना दूसरी पार्टी की सहमति के उसे किसी दूसरे को स्ट्रीमिंग राइट्स दे देता है तो इसके लिए उसे कानूनी कार्यवाही से गुजरना पड़ सकता है और इसके लिए भारी हर्जाना भी भुगतना पड़ सकता है. वहीं, उस फिल्म या फिर वीडियो को हटाने का भी आदेश मिल सकता है. भारत में पायरेसी और बिना अनुमति के डिजिटल प्रसारण पर सिनेमाटोग्राफ अधिनियम के तहत 3 साल की सजा और 50,000 से 2 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL


























