सोनू सूद से एक शख्स ने लगाई बिहार चुनाव में इस पार्टी का टिकट दिलवाने की गुहार, अभिनेता ने दिया ये दिलचस्प जवाब
सोनू सूद से जो भी सोशल मीडिया के जरिए मदद की गुहार लगाता है वह सबकी सहायता करने का पूरा प्रयास करते हैं. एक सोशल मीडिया यूजर ने उनसे अजीबोगरीब डिमांड कर दी है.

बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद ने लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को उनके घर तक पहुंचाने का नेक काम किया. अभिनेता के इस कदम की सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हुई. सोनू सूद के मदद करने का सिलसिला अभी थमा नहीं है, वह लगातार सोशल मीडिया के जरिये लोगों की मदद करते आ रहे हैं. हालांकि कई बार सोशल मीडिया यूजर्स उनसे अजीबोगरीब डिमांड कर देते हैं. इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला. जिसका अभिनेता ने अपने खास अंदाज में जवाब दिया.
दरअसल, अंकित नामक एक सोशल मीडिया यूजर ने सोनू सूद को ट्विटर पर टैग करते हुए लिखा, ''सर, इस बार हमें बिहार के (भागलपुर) से विधानसभा चुनाव लड़ना है और जीतकर सेवा करना है. बस सोनू सर, आप सिर्फ मुझे भाजपा से टिकट दिला दो''
बस, ट्रेन और प्लेन की टिकट के इलावा मुझे कोई टिकट दिलवाना नहीं आता मेरे भाई। ???????? https://t.co/qULDxegoLW
— sonu sood (@SonuSood) September 16, 2020
एक्टर ने भी सोशल मीडिया यूजर का मजेदार अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने रिप्लाई करते हुए लिखा, ''बस, ट्रेन और प्लेन की टिकट के इलावा मुझे कोई टिकट दिलवाना नहीं आता मेरे भाई.'' इसके साथ उन्होंने हाथ जोड़ने वाला इमोजी भी बनाया. सोनू सूद का ये जवाब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है और लोगों को खूब पसंद आ रहा है. लोग उनके ट्विट को रि-ट्वीट कर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
सोनू सूद ने एबीपी न्यूज़ के साथ हुई खास बातचीत में बताया था कि आखिर उन्हें ये सब करने का आडिया कैसे आया. सोनू ने बताया था कि उन्हें कोई तरीका नहीं मालूम था कि इतने सारे लोगों की मदद कैसे की जाए लेकिन वो घर से निकले और कदम अपने आप बढ़ते चले गए, सभी रास्ते खुलते गए. कैसे इतने सारे लोगों की मदद करने के सवाल पर सोनू सूद ने एबीपी न्यूज़ से कहा, पहले 100-200 लोगों को खाना बंटने से शुरू किया फिर 400-500 लोगों को खाना बांटा फिर 1000 लोगों और फिर एक दिन में 45,000 लोगों की भूख मिटाई.
बस सेवा पर बात करते हुए सोनू सूद ने बताया था कि वो चौक पर खड़े थे लोगों को खाना बांटने के लिए तभी एक परिवार वहां से गुजर रहा था जो पैदल कर्नाटक जा रहा था. उनसे बात करते पर सोनू सूद को पता चला कि 10 दिनों तक वो पैदल चल कर अपने घर पहुंचंगे. इसके बाद सोनू सूद ने श्रमिको को बस के जरिए उनके घर तक पहुंचाने का काम शुरू किया.
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Source: IOCL



























