The Raja Saab First Review: आ गया प्रभास की 'द राजा साब' का फर्स्ट रिव्यू, क्लाइमेक्स है दमदार, संजय दत्त हैं सरप्राइज पैकेज
The Raja Saab: प्रभास की 'द राजा साब' जल्द ही रिलीज होने वाली है. वहीं सेंसर बोर्ड से इसे हरी झंडी मिल गई है. इस फिल्म का सेंसर रिव्यू भी आ गया है. जानते हैं ये फिल्म कैसी है?

'द राजा साब' प्रभास की मच अवेटेड अपकमिंग फिल्म है. इसका निर्देशन यंग फिल्म मेकर मारुति ने किया है और ये फिल्म संक्रांति के मौके पर 9 जनवरी, 2026 को रिलीज होने जा रही है. दिलचस्प बात ये है कि इस हॉरर फिल्म में प्रभास एक अलग अंदाज में नजर आएंगे जिसे लेकर फैंस में काफी एक्साइटमेंट है. फिल्म में संजय दत्त, बोमन ईरानी, मालविका मोहनन, निधि अग्रवाल और रिद्धि कुमार भी अहम भूमिका निभाते दिखेंगे. इन सबके बीच ‘द राजा साब’ का फर्स्ट रिव्यू भी आ गया है.
'द राजा साब' का फर्स्ट रिव्यू आया सामने
उमैर संधू ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में 'द राजा साहब' को मास ओरिएंटेड एंटरटेनिंग फिल्म बताया और कहा कि प्रभास ने अपने अभिनय से सबका दिल जीत लिया. उन्होंने अभिनेता संजय दत्त का भी जिक्र किया और उन्हें 'सरप्राइज पैकेज' बताते हुए दोनों अभिनेताओं के बीच के क्लैश वाले सीन की खास तौर पर तारीफ की. संधू की पोस्ट के अनुसार, फिल्म के आखिरी हिस्से, खासकर क्लाइमेक्स, उन्हें बेहद पसंद आए.उन्होंने आगे बताया कि विजुअल इफेक्ट्स और निर्देशन भी उन्हें दमदार लगे. संधू ने अपनी पोस्ट को खत्म करते हुए दर्शकों को फिल्म को फेस्टिवल रिलीज की तरह देखने की सलाह दी और इसे 5 में से 3.5 स्टार दिए.

सेंसर बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी दे दी है
'द राजा साहब' ने हाल ही में सभी सेंसर फॉर्मेलिटीज पूरी कर ली हैं. वहीं तेलुगु फिल्मबीट की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म देखी है और अपना रिएक्शन भी दिया है. सब कुछ जांचने के बाद सेंसर बोर्ड ने फिल्म पर पूर्ण संतुष्टि जताई है और इसे यूए (16+) सर्टिफिकेशन मिला है. खबरों के मुताबिक, सेंसर बोर्ड ने कुछ सीन्स और डायलॉग्स में छोटे-मोटे बदलाव सुझाए थे. टीम ने फौरन उन बदलावों को लागू कर दिया. इसके बाद, फिल्म को बिना किसी ऑब्जेक्शन के मंजूरी मिल गई.
एक लंबी और एंटरटेनिंग फिल्म
'द राजा साहब' प्रभास के करियर में एक नए जॉनर की शुरुआत करती है. एडिटिंग इस तरह से की गई है कि फिल्म का मज़ा बरकरार रहता है.फिल्म निर्माता यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि दर्शक हर पल को एंजॉय करें, प्री-क्लाइमेक्स और क्लाइमेक्स मिलाकर लगभग 45 मिनट तक चलते हैं. फिल्म की कुल ड्यूरेशन लगभग 3 घंटे 10 मिनट है, यानी लगभग 190 मिनट. निर्माताओं का मानना है कि दर्शक शुरू से अंत तक फिल्म से जुड़े रहेंगे. फिल्म के लिए बनाए गए सेट और वीएफएक्स ग्राफिक्स बेहद इम्प्रेसिव हैं. ये एलीमेंट्स फिल्म को एक ग्रैंड और मैजिकल एहसास देते हैं.
कहानी और किरदार
कहानी राजसाब के इर्द-गिर्द घूमती है, जिनका किरदार प्रभास ने निभाया है. वे एक शाही परिवार से हैं. आर्थिक तंगी के कारण वे और उनकी दादी गंगादेवी, जिन्हें गंगाव्वा भी कहा जाता है, सादा जीवन जीते हैं. राजसाब अपने पुश्तैनी महल में एंट्री करते हैं. घर बेहद प्राचीन और रहस्यमय लगता है. घर से बाहर निकलने के लिए दादाजी के साइन की जरूरत होती है. महल के अंदर जो कुछ घटित होता है, वही कहानी का मेन पॉइंट है. राजसाब अपनी खोई हुई प्रॉपर्टी कैसे वापस पाते हैं और अपने दादाजी का विश्वास कैसे जीतते हैं, ये की पॉइंट्स हैं. फिल्म दादा और पोते के बीच और दादी और पोते के बीच इमोशनल कनेक्शन को भी दर्शाती है. मालविका मोहनन भैरवी की भूमिका में हैं. रिद्धि कुमार अनीता की भूमिका में हैं. संजय दत्त और निधि अग्रवाल भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आते हैं.
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Source: IOCL






















