13 साल की उम्र में सिर से उठा पिता का साया, घर चलाने के लिए बेचते थे केबल TV कनेक्शन, सिंगर शान का छलका दर्द
शान आज इंडस्ट्री के सबसे मशहूर और पसंदीदा सिंगर्स में गिने जाते हैं. लेकिन सफलता पाने से पहले उन्होंने जिंदगी में कई मुश्किल दौर देखे, जिनका जिक्र उन्होंने हाल ही में एक इंटरव्यू में किया.

'तन्हा दिल', 'चांद सिफारिश', 'जब से तेरे नैना' और 'बम बम बोले' जैसे कई सुपरहिट गानों को अपनी आवाज दे चुके शान आज इंडस्ट्री के सबसे पसंदीदा सिंगर्स में गिने जाते हैं. लेकिन सफलता के इस मुकाम तक पहुंचने से पहले उन्हें जिंदगी में कई संघर्षों का सामना करना पड़ा था. शान ने हाल ही में अपनी जिंदगी के सबसे मुश्किल दौर को याद किया. उन्होंने बताया कि महज 13 साल की उम्र में उनके पिता का निधन हो गया था, जिसके बाद परिवार की मदद के लिए उन्हें कई छोटे-मोटे काम करने पड़े.
शान का छलका दर्द
ह्यूमन्स ऑफ बॉम्बे को दिए इंटरव्यू में शान ने पिता को खोने के दर्द और कम उम्र में आई जिम्मेदारियों के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि उस मुश्किल दौर ने उन्हें जिंदगी को अलग नजरिए से देखना सिखाया. पिता के निधन को याद करते हुए शान ने बताया कि उस वक्त वे सिर्फ 13 साल के थे. उन्होंने कहा, 'मैं ऐसा इंसान नहीं हूं जो लंबे समय तक दुख में डूबा रहे. पापा का निधन गुरुवार को हुआ था और शनिवार तक मैं फिर से बास्केटबॉल खेल रहा था.'
शान ने आगे कहा कि 40 साल बाद भी वो अक्सर अपने पिता को सपनों में देखते हैं. सिंगर ने कहा, 'आज मैं उस उम्र से भी 10 साल बड़ा हो चुका हूं, जितनी उम्र में मेरे पिता दुनिया छोड़ गए थे. जैसे-जैसे मेरी उम्र बढ़ रही है, मेरी यादों में पापा हमेशा जवान बने हुए हैं.'

मां के लिए कही ये बात
शान ने बताया कि पिता के निधन के बाद उनकी मां ही पूरे परिवार का सहारा बनीं. उन्होंने कहा कि उनकी बहन ने भी कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया था, क्योंकि वो नहीं चाहते थे कि घर की सारी जिम्मेदारी सिर्फ उनकी मां पर रहे. शान ने बताया कि उनके पिता फिल्मों में काम करते थे, लेकिन पैसों को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं थे. वहीं उनकी मां ने पूरी मजबूती के साथ परिवार को संभाला. अपनी मां को याद करते हुए शान ने कहा, 'वो बहुत मजबूत और आत्मसम्मान वाली महिला थीं. उन्होंने अकेले दम पर हम दोनों बच्चों की परवरिश की.'
घर चलाने के लिए करते थे ये काम
कम उम्र में ही जिम्मेदारियां बढ़ने के बाद शान ने पढ़ाई के साथ-साथ कमाई के रास्ते तलाशने शुरू कर दिए थे. उन्होंने बताया कि बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने से लेकर केबल टीवी कनेक्शन बेचने तक, उन्होंने कई छोटे-मोटे काम किए. उस समय केबल टेलीविजन नया-नया शुरू हुआ था और वो कनेक्शन बेचकर कमीशन कमाते थे. शान ने ये भी खुलासा किया कि उन्होंने 'लुक्स' नाम की एक बुटीक में कपड़े बेचने का काम भी किया था.

शान ने बताया कि बचपन में जिंगल्स गाने के बावजूद उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि सिंगिंग ही उनका करियर बन जाएगी. शान ने बताया कि उस दौर में बच्चों की आवाज, खासकर लड़कियों की आवाज़ को ज्यादा पसंद किया जाता था. ऐसे में 12-13 साल की उम्र में उनकी आवाज बदलने के बाद उन्हें कुछ समय के लिए गाने का काम मिलना बंद हो गया था.
हालांकि 16-17 साल की उम्र में उन्हें फिर से गाने के मौके मिलने लगे, लेकिन तब भी वो इसे सिर्फ पैसे कमाने का जरिया ही मानते थे. ट्यूशन पढ़ाने, बुटीक में काम करने और कॉलेज की पढ़ाई के बीच वो कभी-कभी गाना भी गाते थे. शान ने कहा कि उस वक्त उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन वह देश के सबसे लोकप्रिय प्लेबैक सिंगर्स में गिने जाएंगे.
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शान का करियर
बता दें, शान ने 1989 में फिल्म 'परिंदा' से प्लेबैक सिंगिंग में कदम रखा. 1995 में उनका पहला रीमिक्स एल्बम 'क्यू-फंक' आया. साल 2000 में उनका सुपरहिट सोलो एल्बम 'तन्हा दिल' रिलीज़ हुआ. इस एल्बम ने उन्हें स्टार बना दिया. उन्होंने फिल्मों में पहला बड़ा गाना 'प्यार में कभी-कभी' फिल्म का 'मुसु हांसी' गाया था.























