'नैना की कहानी मेरी भी कहानी है', 'दो दीवाने सहर में' के रिलीज होते ही संदीपा धर का छलका दर्द
Sandeepa Dhar: हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'दो दीवाने सहर में' की एक्ट्रेस संदीपा धर ने अपने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट शेयर किया है. साथ ही कैप्शन में खुद के किरदार को लेकर कई बातें बताई है.

20 फरवरी को सिनेमाघरों में रिलीज हुई रोमांटिक फिल्म 'दो दीवाने सहर में' सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं, बल्कि खुद को पहचानने की यात्रा भी है. फिल्म के रिलीज होते ही एक्ट्रेस संदीपा धर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया, जिसने दर्शकों का ध्यान खींच लिया है. उन्होंने अपने किरदार 'नैना' को सिर्फ एक रोल नहीं, बल्कि अपनी पर्सनल जिंदगी से जुड़ा अनुभव बताया. संदीपा ने इंस्टाग्राम पर फिल्म के कुछ बिहाइंड द सीन (BTS) शेयर किए हैं, जिसमें वो अपने किरदार में डूबी नजर आईं. उनके साथ फिल्म के लीड एक्टर सिद्धांत चतुर्वेदी और एक्ट्रेस मृणाल ठाकुर भी दिखाई दिए.
अपने किरदार को लेकर नैना ने कहा
उन्होंने पोस्ट के साथ एक लंबा कैप्शन लिखा, "वो आ गई है. नैना अब आपकी है. मैं लगभग एक साल से इस किरदार के साथ जी रही हूं. सच कहूं तो इसने मुझे उन बातों के बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया, जिनसे मैं हमेशा बचना चाहती थी. हमने कितनी बार किसी की पसंद बनने के लिए खुद को बदला है? कितनी बार पूरी कोशिश करने के बाद भी लगा कि हम काफी नहीं हैं? कितनी बार आईने में खुद को देखकर सिर्फ अपनी कमियां ही नजर आई हैं? नैना की कहानी मेरी भी कहानी है. शायद आपकी भी हो."
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हमें खुद की कीमत जाननी चाहिए...
इसके आगे संदीपा ने लिखा, "मेरे पास हर सवाल का जवाब नहीं है. मैं भी अभी सीख रही हूं, समझ रही हूं. लेकिन एक बात जरूर जानती हूं कि हमें बार-बार उन लोगों से अपनी अहमियत साबित करने की जरूरत नहीं है, जो हमें कभी समझ ही नहीं पाएंगे. हमें अपनी कीमत खुद जाननी चाहिए. अगर कभी आपको लगा हो कि आप काफी नहीं हैं, तो ये कहानी आपके लिए है. अगर आपने कभी किसी के लिए खुद को बदलते-बदलते अपना असली रूप खो दिया हो, तो ये कहानी आपके लिए है. आइए, हम सब मिलकर खुद को फिर से ढूंढें."
कमियां ही इंसान को खास बनाती हैं
बता दें, फिल्म में प्यार और रिश्तों को एक अलग नजरिए से दिखाया गया है. यहां परफेक्ट दिखने से ज्यादा जरूरी है खुद को समझना और वैसे ही खुद को एक्सेप्ट करना. सिद्धांत चतुर्वेदी का किरदार एक ऐसे युवक का है, जिसकी बोलने की एक खास शैली है और इसी वजह से लोग उसे जज करते हैं. लेकिन कमियां ही इंसान को खास बनाती हैं. फिल्म का निर्देशन रवि उडयावर ने किया और इसे संजय लीला भंसाली के साथ प्रेरणा सिंह, उमेश कुमार बंसल और भरत कुमार ने प्रोड्यूस किया है.
Source: IOCL























