मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हैं रणदीप हुड्डा, अस्पताल ने बयान जारी कर कहा- परेशानी की कोई बात नहीं
बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा एक सर्जरी के लिए मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती हुए हैं. उनकी हालत ठीक है. उनका कोरोना टेस्ट भी हुआ, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है.

बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा को बुधवार सुबह मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल के बाहर स्पॉट किया गया था. वह अस्पताल में भर्ती होने गए थे. प्राप्त जानकारी के मुताबिक रणदीप को एक सर्जरी करवानी थी. यह सर्जरी काफी लंबे वक्त से रुकी हुई थी. रणदीप की सर्जरी के बारे में सुनते ही फैंस उन्हें लेकर परेशान हो गए और सोशल मीडिया पर उनकी सलामती की दुआ भी मांगने लगे.
लोगों की परेशानी को देखते हुए अस्पताल के अधिकारी ने बताया की रणदीप हुड्डा ठीक है. इसमें कोई परेशानी की बात नहीं है. ब्रीच कैंडी अस्पताल ने ई टाइम्म को बताया कि रणदीप हुड्डा ठीक हैं और उनकी सर्जरी को लेकर कोई परेशान की बात नहीं है. वह अस्पताल के डी-साउथ वार्ड में भर्ती हैं. अस्पताल में रणदीप के परिवार का करीबी सदस्य भी उनके साथ है.
कोरोना रिपोर्ट आई नेगेटिव
बता दें कि रणदीप हुड्डा अस्पताल में मास्क लगाकर पहुंचे थे. उन्होंने कैप भी पहना हुआ था. कहा जा रहा है कि वह लंबे वक्त इस सर्जरी को करवाना चाहते लेकिन लॉकडाउन की वजह से इसे टालना पड़ा और इस दिन को चुना. अस्पताल में सर्जरी करवाने से पहले उन्होंने अपना कोरोना टेस्ट भी करवाया, जिसकी रिपोर्ट नेगेटिव आई है.
लॉकडाउन के बीच ये स्टार्स हुए अस्पताल में भर्ती
गौरतलब है कि कोरोना वायरस महामारी के वजह से लॉकडाउन में बॉलीवुड के कई सेलेब्स को अस्पताल में भर्ती होना पड़ा. अमिताभ बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय और आराध्या कोरोना वायरस संक्रमण पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल पहुंचे थे. वहीं बीते दिनों संजय दत्त भी अस्पताल पहुंचे. उन्हें फेफड़े के कैंसर का पता चला है.
पर्यावरण सुरक्षा अभियान से जुड़े रणदीप
कुछ दिन पहले रणदीप ने सोशल मीडिया पर समुद्र तट की सफाई करने का एक वीडियो शेयर किया था. उन्होंने बताया था कि वह 'रीस्टार्ट रिस्पॉन्सिबल' नाम से चल रहे एक अभियान का हिस्सा हैं. उन्होंने इसके बारे में कहा, "यह अभियान मेरे दिल के करीब है, क्योंकि हम लोगों को कोई ऐसी प्रतिज्ञा लेने के लिए नहीं कह रहे हैं जिसका कोई विशेष नतीजा न मिले. हमारे अभियान का उद्देश्य लोगों को ऐसे कदम उठाने के लिए प्रेरित करना है, जो उनकी रोजमर्रा की जिंदगी में आसानी से जुड़ सकते हैं. इन छोटे कदमों का पर्यावरण पर समग्र प्रभाव बहुत बड़ा होगा."























