राजपाल यादव के मुश्किल दौर पर कॉमेडियन शंभू शिखर का छलका दर्द, बोले- 'पूरा परिवार है परेशान'
अभिनेता राजपाल यादव अभी अपने काफी मुश्किल दौर से गुजर रहे उनके हालत को देख कॉमेडियन शंभू शिखर का छलका दर्द, कहा "वे जल्द ही बाहर निकल आएंगे और हमें फिर से हंसाएंगे."

मशहूर हास्य कलाकार शंभू शिखर ने हाल ही में अभिनेता राजपाल यादव की मौजूदा हालत को लेकर आईएएनएस के साथ बातचीत की. उन्होंने बताया कि वह और उनका पूरा परिवार इस बात को लेकर काफी समय से परेशान थे.
उन्होंने कहा, "मैं राजपाल यादव को अच्छी तरह से जानता हूं, और अभी मैं अगस्त में 7-8 दिन साथ रहा था. उस दौरान राजपाल इस समस्या को लेकर बहुत परेशान थे. उनकी पत्नी भी इस मुश्किल से बाहर निकलने की पूरी कोशिश कर रही थीं. उनके परिवार में दो बच्चे हैं. फिलहाल, वे बहुत मुश्किल के दौर से गुजर रहे हैं, लेकिन बहुत से लोग उनकी मदद कर रहे हैं. अगर भगवान की कृपा रही तो वे जल्द ही बाहर निकल आएंगे और हमें फिर से हंसाएंगे."
शंभू ने आगे बताया कि एक कलाकार की जिंदगी में इस तरह के उतार-चढ़ाव आते रहते हैं. उन्होंने अभिनेता अमिताभ बच्चन का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, "एक समय था, जब अमिताभ बच्चन दिवालिया हो गए थे और उनका बंगला बिकने की कगार पर था, तो कलाकारों की जिंदगी कभी-कभी असंतुलित हो जाती है, लेकिन वे अपनी मेहनत से वापसी करते हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि राजपाल भी जल्द ही इन सब मुश्किलों से बाहर निकल आएंगे."
View this post on Instagram
उन्होंने मनोरंजन जगत में युवा कलाकारों को काम न मिलने पर कहा, "इस पर मैं ज्यादा नहीं बोलता, लेकिन मैं यह कहना चाहूंगा कि अगर किसी में टेलेंट है तो काम जरूर मिलता है. आज नहीं तो कल."
उन्होंने आगे कहा, "कई लोग विलेन की भूमिका भी सही से निभा नहीं पाते और सीधे हीरो बनने का सपना लेकर आते हैं. देखिए, चुनौतियां तो आती रहती हैं, लेकिन मेहनत करने वाले को काम जरूर मिलता है. यह कोई जादुई दुनिया तो नहीं है कि कोई रील वायरल हो गई और व्यक्ति रातोंरात स्टार बना गया."
उन्होंने आगे फिल्म बनने के प्रोसेस का उदाहरण देते हुए कहा, "एक फिल्म बनाने में 2.5 से 3 साल का समय लगता है. यहां हर कोई कड़ी मेहनत करता है और पसीना बहाता है. हर कलाकार को अपनी काबिलियत के हिसाब से काम मिलता है. कुछ बहुत प्रतिभाशाली लोग भी हैं, जिन्हें काम नहीं मिल पाता, लेकिन लगातार कोशिश करने से सफलता जरूर मिलती है."
Source: IOCL

























