कनाडा में सुपुर्द-ए-खाक हुए कादर खान, नमाज़े जनाज़ा में शामिल हुए फैंस, नम आंखों से परिवार ने दी विदाई
कादर खान को अंतिम विदाई देने उनके फैंस की भारी भीड़ उमड़ी. परिवार ने आज उन्हें नम आंखों से विदाई दी. सोशल मीडिया पर उनके अंतिम संस्कार की कुछ तस्वीरें और वीडियो देखने को मिली हैं.

Kader Khan Funeral : बॉलीवुड अभिनेता कादर खान को आज कनाडा के टोरंटो में सुपुर्दे खाक कर दिया गया. उनके नमाज़े जनाज़ा में बड़ी संख्या में फैंस शरीक हुए. परिवार ने उन्हें नम आंखों से विदाई दी. सोशल मीडिया पर उनकी आखिरी रस्म की कुछ तस्वीरें और वीडियो देखने को मिले हैं.
पिता को अंतिम विदाई देते वक्त उनके तीनों बेटे भी अपने आंसुओं को रोक नहीं पाए. सोशल मीडिया पर एक वीडियो देखने को मिली है जिसमें कादर खान के बेटे सरफराज प्रेयर मीट में अपने पिता की यादें शेयर करते दिख रहे हैं.
सरफराज ने नमाज़े जनाज़ा में शामिल सभी फैंस को धन्यवाद देते हुए कहा कि उनके पिता ने कभी भी अपने तीनों बेटों और फैंस में ज्यादा फर्क नहीं जताया. सरफराज ने कहा कि उनके पिता अपने सभी फैंस से बहुत प्यार करते थे.
View this post on InstagramFuneral prayer of Br. #KaderKhan #ripkaderkhan #kaderkhansaab #Bollywood #comedian #actor
आपको बता दें कि कादर खान ने 31 दिसम्बर (टोरंटो के समयनुसार) को अंतिम सांस ली. सांस लेने की समस्या और वृद्धावस्था से संबंधित कई बीमारियों के कारण वह लगभग चार महीने से अस्पताल में भर्ती थे.
अफगानिस्तान के काबुल में पश्तून परिवार में 22 अक्टूबर 1937 को जन्मे कादर खान की शुरुआती शिक्षा नगरपालिका के स्कूल में हुई जिसके बाद उन्होंने मुंबई के जोगेश्वरी स्थित सरकारी इस्माइल युसुफ कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई की. पढ़ने और फिल्मों के शौकीन कादर खान के पास फिल्म-निर्माण, अभिनय, पटकथा लेखन, कहानी-संवाद और अन्य विषयों की पुस्तकों का एक विशाल संग्रह था. उन्हें उर्दू में महारत हासिल थी.

वर्ष 1973 में फिल्म 'दाग' से अभिनय करियर शुरू करने वाले कादर खान ने 35 सालों के अपने फिल्मी करियर में 300 से अधिक फिल्मों में यादगार किरदार निभाए. उन्होंने 250 से अधिक फिल्मों में हिंदी और ऊर्दू संवाद भी लिखे जिसकी शुरुआत 1974 की फिल्म 'रोटी' से हुई.
हास्य व चरित्र किरदारों में कादर खान की यादगार फिल्मों में 'दाग', 'अदालत', 'बैराग', 'नटवरलाल', 'सुहाग', 'धन दौलत', 'नसीब', 'आहिस्ता आहिस्ता', 'सत्ता', 'राज', 'देश प्रेमी', 'हिम्मतवाला', 'कुली', 'घर एक मंदिर', 'जॉन जानी जनार्दन', 'तवायफ', 'लोहा', 'शहंशाह', 'वर्दी', 'बाप नंबरी बेटा दस नंबरी', 'प्यार का देवता', 'साजन', 'बोल राधा बोल', 'कुली नंबर वन', 'साजन चले ससुराल', 'दूल्हे राजा', 'आंटी नंबर वन' और 'सूर्यवंशम' सहित कई फिल्में शामिल हैं.
उन्होंने 'जवानी दीवानी', 'बेनाम', 'रोटी', 'अमर अकबर एंथनी', 'सुहाग', 'मिस्टर नटवरलाल', 'याराना', 'लावारिस', 'गंगा जमुना सरस्वती', 'खुद्दार' और 'आंटी नंबर वन' सहित कई फिल्मों के संवाद लिखे.
खलनायक के किरदार को भी शानदार तरीके से निभाने वाले कादर खान ने 1981 में 'शमा' नाम से फिल्म प्रोड्यूस भी की थी.
Source: IOCL



























