'भूत बंगला' एक्टर Asrani कैसे बने थे कॉमेडी के बादशाह? इन कलाकारों से सीखी कॉमिक टाइमिंग
Asrani: कॉमेडी के उस्ताद कहे जाने वाले असरानी भले ही अब हमारे बीच ना हो, लेकिन उनकी फिल्में अब भी सिनेमाघरों में रिलीज हो रही हैं, जिनकी शूटिंग उन्होंने पहले ही कर ली थी.

'हम अंग्रेजों के जमाने के जेलर हैं' ये मशहूर डायलॉग सुनते ही दिमाग में कॉमेडी के उस्ताद कहे जाने वाले असरानी की झलक आंखों के सामने आ जाती है. असरानी ने साल 1967 में आई फिल्म 'हरे कांच की चूड़ियां' से डेब्यू किया था. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और कई सफल फिल्मों का हिस्सा रहे. असरानी भले ही अब हमारे बीच ना हो, लेकिन उनकी फिल्में अब भी सिनेमाघरों में रिलीज हो रही हैं, जिनकी शूटिंग उन्होंने पहले ही कर ली थी.
'भूत बंगला' नहीं है असरानी की आखिरी फिल्म
असरानी को इन दिनों अक्षय कुमार की हॉरर फिल्म 'भूत बंगला' में देखा जा रहा है. वो खिलाड़ी कुमार के साथ अपकमिंग फिल्म 'हैवान' में भी काम कर चुके हैं. 'भूत बंगला' की रिलीज के साथ असरानी की कॉमेडी की फैंस जमकर तारीफ कर रहे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अभिनेता ने कॉमेडी कहां से सीखी?
इन सितारों से ली प्रेरणा
'शोले', 'चुपके चुपके', 'बावर्ची', 'अभिमान', 'नमक हराम', और 'परिचय' जैसी फिल्मों में दर्शकों को हंसाने वाले असरानी के लिए कॉमेडी सिर्फ अभिनय नहीं बल्कि इमोशन थे, जिसे सीखने के लिए बहुत लोगों से प्रेरणा ली. वो अपने करियर के शुरुआती दौर में किशोर कुमार, महमूद, और जॉनी वॉकर को देखकर कॉमेडी को समझते थे. वो किशोर कुमार के बड़े प्रशंसक थे और उनकी फिल्मों की शूटिंग देखकर उन्होंने कॉमिक टाइमिंग का महत्व समझा.
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अपने एक इंटरव्यू में असरानी ने जिक्र किया था कि दर्शकों को हंसाने के लिए कॉमिक टाइमिंग को जानना बहुत जरूरी है. अगर उस वक्त डायलॉग बोल दिया तो ठीक, समय निकल जाने के बाद चुटकुला मर जाता है और यह किशोर कुमार और महमूद से बेहतर कोई नहीं जानता है. पहले कॉमेडी चेहरे बनाकर होती थी, लेकिन आज की कॉमेडी बदल गई है और कॉमिक टाइमिंग महत्वपूर्ण हैं.
जॉनी वॉकर ने सीखी कॉमिक टाइमिंग
असरानी ने जॉनी वॉकर के साथ एक फिल्म में काम किया था और इस फिल्म के जरिए अभिनेता ने सेट पर काफी कुछ सीखा. उन्होंने बताया था कि जॉनी वॉकर ऐसे एक्टर थे, जो सुबह 4 बजे उठ जाते थे और व्यायाम करके सीधा सेट पर पहुंचते थे. वो कभी भी शूटिंग पर लेट नहीं पहुंचे और मुझे भी समझाया कि कभी भी प्रोड्यूसर का पैसा दांव पर मत लगाओं. उस दिन के बाद में मैं आज तक किसी भी सेट पर लेट नहीं पहुंचा. अभिनेता के लिए, जॉनी वॉकर एक शिक्षक की तरह थे, जो पर्दे पर कॉमेडी बड़ी सहजता से करते थे और उनकी कॉमिक टाइम इतनी कमाल थी कि हर सीन शानदार होता था.
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निधन के बाद इन फिल्मों में दिखे असरानी
असरानी का निधन 84 साल की उम्र में हुआ था. दरअसल, वो लंबे वक्त से बीमार चल रहे थे. पिछले साल अक्टूबर में उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने पर जुहू स्थित एक आरोग्य निधि अस्पताल में एडमिट कराया गया था. हालांकि 20 अक्टूबर को उन्होंने इस दुनिया को अलविदा कह दिया. निधन के बाद असरानी को कपिल शर्मा स्टारर 'किस किस को प्यार करूं 2' में देखा गया. इसके अलावा वो धर्मेंद्र और अगस्त्य नंदा की फिल्म 'इक्कीस' में भी नजर आए. 'भूत बंगला' के बाद असरानी फिल्म 'हैवान' में दिखेंगे.























