'डॉन 3' विवाद: रणवीर सिंह के सपोर्ट में आईं पूनम ढिल्लों, एक्टर के पिता ने जताया आभार
Poonam Dhillon Statement: 'डॉन 3' विवाद के बीच रणवीर सिंह को बड़ी राहत मिली है. इस बीच CINTAA अध्यक्ष पूनम ढिल्लों ने खुलासा किया कि रणवीर के पिता ने उनका धन्यवाद किया हैं.

हाल ही में फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने रणवीर सिंह के खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन निर्देश वापस ले लिया हैं. इसी बीच इस मामले पर सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) की अध्यक्ष पूनम ढिल्लों ने खुलकर बात की. उन्होंने बताया कि रणवीर सिंह के पिता जगजीत सिंह भवनानी ने समर्थन के लिए उनका धन्यवाद किया और कहा कि फरहान अख्तर या एक्सेल एंटरटेनमेंट के खिलाफ उनके मन में कोई नाराजगी नहीं है.
पूनम ढिल्लों ने दिया बयान
वैरायटी इंडिया से बातचीत में पूनम ढिल्लों ने कहा, रणवीर के पिता ने हमारे समर्थन के लिए मुझे धन्यवाद दिया. हमने उनसे स्थिति को समझने के लिए बात की. उन्होंने बताया कि उनकी एक्सेल एंटरटेनमेंट के साथ लगातार बातचीत चल रही थी और वे फरहान अख्तर तथा एक्सेल की पूरी टीम के करीब हैं. उनकी तरफ से किसी के लिए कोई नाराजगी या दुश्मनी नहीं है.'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने उनसे पूछा था कि क्या CINTAA किसी तरह उनकी मदद कर सकता है. लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने हमें इसलिए शामिल नहीं किया क्योंकि वो हमें परेशान नहीं करना चाहते थे और वो खुद ही मामले को सुलझाने की प्रक्रिया में थे. तकनीकी रूप से उन्हें हमारी मदद की जरूरत नहीं थी. मुझे खुशी है कि ये मामला पॉजिटिव तरीके से सुलझ गया.'
क्या था पूरा मामला?
बता दें कि साल 2023 में फरहान अख्तर ने घोषणा की थी कि 'डॉन 3' में रणवीर सिंह, शाहरुख खान की जगह लीड रोल निभाने वाले थे. हालांकि फिल्म में देरी के कारण रणवीर सिंह और फरहान अख्तर के बीच मतभेद की खबरें सामने आने लगीं. मामला तब और बढ़ गया जब FWICE ने रणवीर के खिलाफ नॉन-कोऑपरेशन का निर्देश जारी करते हुए फिल्म निर्माताओं से उनके साथ काम न करने की अपील की. हालांकि अब उन्होंने अपना फैसला वापस ले लिया.
इस विवाद के बीच रणवीर सिंह ने FWICE को कानूनी नोटिस भी भेजा था. FWICE अध्यक्ष बी.एन. तिवारी के मुताबिक, नोटिस में रणवीर ने उनके खिलाफ जारी नॉन-कोऑपरेशन निर्देश को चुनौती दी थी और 48 घंटे के भीतर उसे वापस लेने की मांग की थी. हालांकि तिवारी का दावा है कि फेडरेशन ने कानूनी नोटिस मिलने से पहले ही अपना फैसला वापस लेने का निर्णय कर लिया था. फिलहाल यह पूरा विवाद सुलझ चुका है.
























