अमिताभ बच्चन की वजह से राजपाल यादव फंसे मुश्किल में! जानें क्यों चिढ़ गए थे लोन देने वाले माधव अग्रवाल
Rajpal Yadav Madhav Agarwal Fued: क्या आप जानते हैं कि राजपाल यादव और उन्हें लोन देने वाले माधव अग्रवाल के बीच झगड़े की वजह अमिताभ बच्चन हैं? आइये बताते हैं कैसे.

बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव हाल ही में अंतरिम जमानत पर जेल से बाहर निकले हैं. जेल से आने के बाद उन्होंने अपनी भतीजी की शादी भी अटेंड की. जहां से उनके कई वीडियोज सामने आए हैं. इसी बीच एक्टर को लेकर कई सारी बातें भी सामने आ रही हैं. हाल ही में एक ऐसी बात सामने आई है जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया है. राजपाल यादव और उन्हें लोन देने वाले बिजनेसैन माधव अग्रवाल के बीच खींचतान, अमिताभ बच्चन की वजह से हुई है! आइये बताते हैं कैसे.
राजपाल के वकील ने क्या बताया?
राजपाल यादव के वकील भास्कर ने हाल ही में एचटी सिटी के साथ बातचीत की. इस बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि, 'सितंबर में अमिताभ बच्चन फिल्म के म्यूजिक लॉन्च इवेंट में आए थे और माधव उनके साथ स्टेज शेयर करना चाहते थे. राजपाल की टीम ने इसके लिए मना कर दिया क्योंकि बच्चन साहब ने इस ईवेंट में आने के लिए कोई चार्ज नहीं लिया था. इससे शिकायतकर्ता नाराज हो गए. उन्होंने उस समझौते के आधार पर सितंबर 2012 में दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की और अपने बकाया भुगतान होने तक फिल्म पर रोक लगाने की मांग की. मामला दिसंबर 2012 तक खिंचता रहा, जब उन्होंने 60, 60, 350 रुपये का पहला चेक जमा किया, जिसे स्वीकार कर लिया गया.'
एग्रीमेंट और विवाद
वकील ने आगे ये भी बताया कि, माधव अग्रवाल ने फिल्म के लिए राजपाल यादव को 5 करोड़ रुपये का लोन दिया था. दोनों के बीच कई एग्रीमेंट हुए और बाद में राजपाल यादव ने पांच चेक जारी किए थे. लेकिन विवाद बढ़ता गया और साल 2016 में कोर्ट ने 10.40 करोड़ रुपये की देनदारी तय की. इस दौरान राजपाल यादव की तरफ से करीब 1.90 करोड़ रुपये भी चुकाए गए. इतना ही नहीं वकील ने ये भी बताया कि शिकायतकर्ता यानी गोपाल अग्रवाल ने पुराने एग्रीमेंट के आधार पर चेक को फिर से इस्तेमाल भी किया, जबकि नए एग्रीमेंट के बाद पुराना एग्रीमेंट खत्म माना जाता है.
कानूनी लड़ाई अब भी जारी
साल 2018 में कोर्ट ने राजपाल यादव को मामले का दोषी ठहराते हुए 11.5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया और तीन महीने की सजा भी सुनाई. हालांकि राजपाल यादव की टीम ने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी है. अब ये मामला अदालत में लंबित है और कानूनी लड़ाई जारी है.
Source: IOCL



























