राहुल गांधी को रास आई अरविंद केजरीवाल की राजनीति? ये इशारे बता रहे कांग्रेस MP दिल्ली CM की राह पर
Rahul Gandhi Politics Style: कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की राजनीतिक शैली को लेकर इन दिनों चर्चाएं हो रही हैं.

Rahul Gandhi Politics Path: लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों के बाद से कांग्रेस पार्टी में नई ऊर्जा भर गई है. विपक्ष के नेता राहुल गांधी इन दिनों फ्रंट फुट पर बैटिंग करते नजर आ रहे हैं. वो लोकसभा के अंदर और बाहर एक मुखर नेता के रूप में उभर कर सामने आए हैं. इन सब के बीच एक बहस ये भी छिड़ गई है कि क्या राहुल गांधी आम आदमी पार्टी के संयजोक अरविंद केजरीवाल के नक्शेकदम पर चलने लग गए हैं?
दरअसल, गुरुवार-शुक्रवार (1-2 अगस्त) की रात को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) उनके यहां पर रेड करने वाला है और ये जानकारी विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से उनके पास आई है. उनके इस पोस्ट में अरविंद केजरीवाल की राजनीति की झलक भी देखने को मिलती है जो कई बार इसी तरह का दावा कर चुके हैं.
अरविंद केजरीवाल ने कब-कब की ऐसी भविष्यवाणियां?
दिल्ली के मुख्यमंत्री ने सबसे पहले इस तरह की भविष्यवाणी सत्येंद्र जैन को लेकर की थी जब उन्होंने कहा था कि उन्हें कभी भी गिरफ्तार करके जेल में डाला जा सकता है. इसके बाद उन्होंने मनीष सिसोदिया को लेकर कहा था कि ईडी की टीम उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है, फिर उन्होंने संजय सिंह को लेकर भी इसी तरह का दावा किया था. इतना ही नहीं सीएम केजरीवाल ने खुद को लेकर भी कहा था कि अगर ईडी में दम है तो उन्हें गिरफ्तार करके दिखाए.
राहुल गांधी ने छोड़ा एक तीर और निशाने दो?
वहीं, राहुल गांधी ने ये पोस्ट करके एक तीर से दो निशाने साधे हैं, पहला तो ये कि अगर ईडी ऐसा करती है तो राहुल गांधी इसे प्रतिशोध की कार्रवाई करार देंगे और अगर ऐसा नहीं होता है तो इसे एक राजनीतिक जीत करार दिया जा सकता है. इन सभी बातों से बड़ी बात ये कि अगर ईडी छापेमारी करती है तो राहुल गांधी के विश्वसनीय सूत्रों के दावों को विश्वसनीयता मिलेगी.
राहुल गांधी ने कही थी अरविंद केजरीवाल को फॉलो करने की बात
अब से लगभग 11 साल पहले 2013 में राहुल गांधी ने कहा था कि वो अरविंद केजरीवाल की सफलता से सीखेंगे. उस वक्त आम आदमी पार्टी ने सभी चुनावी पंडितों की भविष्यवाणियों को गलत साबित करते हुए 28 सीटें जीती थीं. ऐसे में इस बात की चर्चा फिर से होने लगी है कि क्या राहुल गांधी ने अरविंद केजरीवाल से सीखते हुए अपनी राजनीति का अंदाज बदल लिया है?
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