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शिवसेना से रिश्ते सुधारने की कवायद शुरू, फडणवीस सरकार ने बाल ठाकरे के स्मारक के लिए 100 करोड़ की दी मंजूरी
शिवाजी पार्क का शिवसेना के इतिहास में काफी महत्व है क्योंकि पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने अपनी पहली रैली इसी मैदान में की थी. उन्होंने उसके बाद पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को भी इसी मैदान में साल दर साल संबोधित किया.

मुंबई: बीजेपी नीत महाराष्ट्र सरकार ने शिवसेना के दिवंगत संस्थापक बाल ठाकरे के स्मारक के निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट को मंगलवार को मंजूरी दी. इसे आम चुनाव से पहले सहयोगी शिवसेना के साथ संबंधों में सुधार के प्रयास के तौर पर देखा जा रहा है. राज्य मंत्रिमंडल ने स्मारक के निर्माण के लिये धन मंजूर करने का फैसला ठाकरे की जयंती की पूर्व संध्या पर किया है. शिवसेना ने इसपर खुशी जताई. हालांकि, उसने कहा कि सरकार के इस फैसले का आगामी चुनावों के लिये दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की संभावना से कोई लेना-देना नहीं है. सूत्रों के अनुसार महानगर का नगर निकाय बुधवार को स्मारक के निर्माण के लिये भूमि का कब्जा ट्रस्ट को सौंपेगा. मंत्रिमंडल की बैठक के बाद वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने यहां संवाददाताओं को बताया कि बीजेपी और उसके सहयोगी दल शिवसेना के बीच ''मधुर संबंध है और रहेगा.'' उन्होंने कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में दोनों दलों के बीच समझौता होने की ''काफी संभावना''है क्योंकि बीजेपी गठबंधन के पक्ष में है. केंद्र और महाराष्ट्र सरकार में बीजेपी की सहयोगी शिवसेना दोनों सरकारों की अक्सर आलोचना करती रही है. पिछले साल, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने आगामी चुनाव अकेले लड़ने की घोषणा की थी. बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने कहा, ''दिवंगत बाला साहेब ठाकरे केवल शिवसेना के नहीं बल्कि इस गठबंधन के नेता थे. बालासाहेब सभी राजनीति दलों के लिए महत्वपूर्ण व्यक्ति रहेंगे. इसलिए आज मंत्रिमंडल ने उनके स्मारक के लिए 100 करोड़ रुपये को मंजूरी दे दी है, जिससे युवकों को प्रेरणा मिलेगी.'' उन्होंने बताया कि मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (एमएमआरडीए) धन प्रदान करेगा और बीजेपी नेतृत्व वाली राज्य सरकार इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करेगी. उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों पार्टियां चुनाव से पहले गठबंधन करने में सक्षम होंगी. मंत्रिमडल के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिवसेना विधायक अनिल परब ने कहा कि सरकार को इसके लिये बधाई दी जानी चाहिए. हालांकि, इसका गठबंधन की संभावना पर असर नहीं होगा क्योंकि स्मारक के निर्माण का फैसला सरकार ने पांच साल पहले किया था. दिवंगत बाल ठाकरे के स्मारक के निर्माण के लिये निर्धारित जमीन को नगर निकाय बुधवार को यहां एक कार्यक्रम में उस ट्रस्ट को सौंपेगा जिसका गठन उसके निर्माण के लिये किया गया है. शिवसेना बाल ठाकरे की जयंती के मौके पर शहर के मेयर के बंगले में एक कार्यक्रम का आयोजन कर रही है. मेयर के बंगले को स्मारक के हिस्से के तौर पर संग्रहालय में तब्दील किया जाएगा. सूत्रों ने बताया कि इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस, शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे, मेयर विश्वनाथ महादेश्वर,बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) के प्रमुख अजय मेहता और बीजेपी सांसद पूनम महाजन समेत बाला ‘साहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक न्यास’ के सदस्यों के हिस्सा लेने की उम्मीद है. सूत्रों ने बताया कि कुछ नेता चाहते हैं कि स्मारक के भूमिपूजन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी आमंत्रित किया जाए. भूमि पूजन का कार्यक्रम इस महीने के अंत में होने की संभावना है. न्यास के सदस्य और वास्तुकार शशि प्रभु ने कहा कि उद्धव ठाकरे समेत अन्य न्यासी बुधवार को भूखंड पर आएंगे और स्मारक के लिये निर्धारित जमीन का कब्जा स्वीकार करेंगे. उन्होंने कहा, ''यह स्मारक के निर्माण का रास्ता साफ करेगा.'' उन्होंने कहा कि स्मारक के निर्माण का काम अगले महीने शुरू होने की संभावना है. एक अधिकारी ने कहा कि चूंकि स्मारक की जमीन तटीय नियमन क्षेत्र में आती है इसलिये इसके लिये पर्यावरण मंत्रालय से मंजूरी लेने की जरूरत होगी. उन्होंने कहा, ''यह धरोहर स्थल है. हमें सभी संबंधित एजेंसियों से मंजूरी मिलने की उम्मीद है.''प्रस्तावित स्मारक के लिये जो जमीन चुनी गई है उसमें फिलहाल मुंबई के मेयर का बंगला है. यह मध्य मुंबई के दादर इलाके में शिवाजी पार्क में स्थित है. चार एकड़ में फैला यह बंगला धरोहर स्थल है और इसका निर्माण 1928 में किया गया था. 'बाला साहेब ठाकरे राष्ट्रीय स्मारक न्यास' को पिछले साल तकरीबन 11500 वर्गमीटर जमीन आवंटित की गई थी. इसने स्मारक के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया था. वृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने न्यास को जमीन का कब्जा पिछले साल नवंबर में सौंपा था. शिवाजी पार्क का शिवसेना के इतिहास में काफी महत्व है क्योंकि पार्टी के संस्थापक बाल ठाकरे ने अपनी पहली रैली इसी मैदान में की थी. उन्होंने उसके बाद पार्टी की वार्षिक दशहरा रैली को भी इसी मैदान में साल दर साल संबोधित किया. जन्मदिन विशेष: नेताजी सुभाषचंद्र बोस इस महिला से लगा बैठे थे दिल, जानें क्या लिखा था खत में ममता की रैली में एक बार भी नहीं बोला गया 'भारत माता की जय', सिर्फ होता रहा मोदी-मोदी : अमित शाह
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