Marksheet: खो गई है सालों पुरानी मार्कशीट? जानिए नई निकलवाने की प्रक्रिया
Application For Lost Marksheet: अगर आपकी भी घर की साफ-सफाई और अनजाने में स्कूल मार्कशीट खो जाती है, ऐसे में आप कुछ कानूनी तरीकों से अपनी डुप्लीकेट मार्कशीट निकलवा सकते हैं.

Application For Lost Marksheet: 10वीं और 12वीं की मार्कशीट सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि पढ़ाई का सबसे अहम सबूत होती है. नौकरी के फॉर्म भरने से लेकर एडमिशन तक, हर जगह इसकी जरूरत पड़ती है. लेकिन कई बार शिफ्टिंग, घर बदलने या सालों पुराने दस्तावेज संभालकर न रखने की वजह से मार्कशीट खो जाती है. अगर आपके साथ भी ऐसा हुआ है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. केंद्रिय शिक्षा बोर्ड और यूनिवर्सिटी डुप्लीकेट मार्कशीट जारी करने की सुविधा देते हैं. आइए जानते हैं इसकी पूरी प्रक्रिया.
सबसे पहले करें एफआईआर दर्ज
मार्कशीट खोने का पता चलते ही सबसे पहला काम है नजदीकी पुलिस थाने में जाकर एफआईआर या डेली डायरी रिपोर्ट दर्ज कराना. इसमें बताना होता है कि आपकी कौन सी क्लास की, किस साल की मार्कशीट खो गई है. यह रिपोर्ट आगे पूरे आवेदन का सबसे जरूरी दस्तावेज बनती है, इसलिए इसकी कॉपी संभालकर रखें. इसके बाद नोटरी से 10 रुपये के स्टांप पेपर पर एक एफिडेविट यानी शपथ पत्र बनवाना होता है, जिसमें यह लिखा होता है कि आपकी मार्कशीट खो गई है और आप डुप्लीकेट कॉपी के लिए आवेदन कर रहे हैं. क्योंकि यह दस्तावेज कानूनी तौर पर आपके दावे को पुख्ता करता है.
CBSE बोर्ड के लिए DADS पोर्टल
अगर आपने CBSE बोर्ड से 10वीं या 12वीं की पढ़ाई की है, तो अब पूरा प्रोसेस काफी आसान हो गया है. CBSE ने इसके लिए एक खास ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है, जिसे Duplicate Academic Document System यानी DADS कहा जाता है. 2009 के बाद पास हुए ज्यादातर स्टूडेंट्स के लिए यह पोर्टल एफआईआर के बिना भी काम कर देता है, जिससे काफी समय और पैसा बच जाता है. इस पोर्टल पर जाकर स्टूडेंट को अपनी डिटेल्स भरनी होती हैं, जरूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करने होते हैं और तय फीस ऑनलाइन जमा करनी होती है.
प्रोसेसिंग में लगता है कितना समय
आवेदन और फीस जमा करने के बाद आमतौर पर 15 से 30 वर्किंग डे के भीतर डुप्लीकेट मार्कशीट प्रोसेस होकर भेज दी जाती है. इस दौरान स्टूडेंट अपने एप्लिकेशन रेफरेंस नंबर से आवेदन का स्टेटस भी ट्रैक कर सकते हैं. अगर मार्कशीट 2009 से पहले की है या पोर्टल पर कोई दिक्कत आ रही है, तो मैनुअल तरीके से फॉर्म भरकर डीडी या पोस्टल ऑर्डर के जरिए फीस भरें है और पूरा दस्तावेज पैकेट सीबीएसई रीजनल ऑफिस भेज दें.
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डिजिलॉकर चेक करें
अगर मार्कशीट हाल के सालों की है, तो आवेदन से पहले एक बार डिजिलॉकर एप या वेबसाइट जरूर चेक कर लें. कई बोर्ड अपने रिजल्ट अब डिजिटल फॉर्मेट में डिजिलॉकर पर भी अपलोड करते हैं, जहां से मार्कशीट की डिजिटल कॉपी तुरंत डाउनलोड की जा सकती है और कई जगहों पर यह ओरिजिनल जितनी ही मान्य होती है.
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