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अमेरिका ने विदेशी छात्रों के लिए सख्त किए वीजा नियम, इससे भारतीय स्टूडेंट्स के लिए क्या-क्या दिक्कतें बढ़ेंगी?

अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने दशकों से लागू उस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत छात्र अपने कोर्स की अवधि तक बिना तय समय सीमा के अमेरिका में रह सकते थे.

अमेरिका ने विदेशी छात्रों, एक्सचेंज विजिटर्स और पत्रकारों के लिए वीजा नियमों में बड़ा बदलाव किया है. अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग ने दशकों से लागू उस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है, जिसके तहत छात्र अपने कोर्स की अवधि तक बिना तय समय सीमा के अमेरिका में रह सकते थे. नए नियम लागू होने के बाद एफ, जे और आई वीजा धारकों के लिए रहने की अवधि तय कर दी गई है. इस फैसले का सबसे ज्यादा असर भारतीय छात्रों पर पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका में पढ़ने वाले अंतरराष्ट्रीय छात्रों में भारतीयों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है.

अमेरिकी सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य इमिग्रेशन सिस्टम को मजबूत बनाना, वीजा के दुरुपयोग के राेकना और राष्ट्रीय सुरक्षा बेहतर करना है. वहीं शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे लंबे समय वाले कोर्स करने वाले विदेशी छज्ञत्रों के सामने अतिरिक्त प्रक्रिया और चुनौतियां बढ़ सकती है. 

क्या बदला है नए वीजा नियमों में?

नए नियमों के तहत F स्टूडेंट और J एक्सचेंज विजिटर और I पत्रकार वीजा धारकों को अब अनिश्चित अवधि तक रहने की अनुमति नहीं मिलेगी. एफ और जे धारकों को उनके कोर्स की अवधि तक, लेकिन अधिकतम 4 साल के लिए ही अमेरिका में रहने की अनुमति होगी. इसके अलावा पढ़ाई के पूरी करने के बाद अमेरिका छोड़ने, किसी दूसरे इंस्टीट्यूट में ट्रांसफर लेने या वीजा स्टेटस बदलने के लिए मिलने वाली 60 दिन की ग्रेस पीरियड भी घटाकर 30 दिन कर दी गई है. पत्रकारों के लिए आई वीजा की अधिकतम अवधि 240 दिन तय की गई है, जबकि चीनी नागरिकों के लिए यह सीमा 90 दिन होगी. 

पुराने नियमों में क्या थी व्यवस्था? 

अब तक विदेशी छात्रों पर ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस नियम लागू था. इसके तहत छात्र तब तक अमेरिका में रह सकते थे, जब तक वह किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे हो और वीजा की शर्तों का पालन कर रहे हो. इस व्यवस्था में रहने की कोई अंतिम तारीख नहीं होती थी. इस कारण छात्र जरूरत पड़ने पर कोर्स बदल सकते थे, यूनिवर्सिटी ट्रांसफर कर सकते थे, हायर एजुकेशन में एडमिशन ले सकते थे और ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग तथा एसटीईएम ओपीटी जैसे कार्यक्रम भी पूरा कर सकते थे. 

अब आगे पढ़ाई जारी रखने के लिए क्या करना होगा? 

अगर किसी छात्र का कोर्स 4 साल से ज्यादा का है, तो उसे अमेरिका में रहने के लिए यूएस सिटीजनशिप एंड इमीग्रेशन सर्विस से औपचारिक रूप से एक्सटेंशन ऑफ स्टेट के लिए आवेदन करना होगा. इस प्रक्रिया में बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन, बैकग्राउंड जांच और दूसरी सुरक्षा जांच शामिल होंगी. पहले जहां वीजा अवधि बढ़ाने में यूनिवर्सिटी की बड़ी भूमिका होती थी, वहीं अब अंतिम निर्णय सीधे अमेरिकी संघीय एजेंसियां लेंगी. 

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भारतीय छात्रों पर क्या होगा असर?

अमेरिका भारतीय छात्रों के लिए सबसे पसंदीदा हायर एजुकेशन वाली जगह में से एक है. ओपन डोर्स रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 शैक्षणिक क्षेत्र में अमेरिका के कॉलेज और विश्वविद्यालय में 3.63 लाख से ज्यादा भारतीय पढ़ रहे थे, जो वहां के कुल अंतरराष्ट्रीय छात्रों का लगभग 31 प्रतिशत है. इनमें बड़ी संख्या में ऐसे छात्रों की है जो पीएचडी रिसर्च आधारित मास्टर्स और लंबे अकेडमिक कार्यक्रमों में एडमिशन लिए हुए है. नए नियम लागू होने के बाद ऐसे छात्रों को पढ़ाई जारी रखने के लिए एक्स्ट्रा सरकारी मंजूरी लेनी होगी. इससे आवेदन प्रक्रिया लंबी हो सकती है और प्रशासनिक औपचारिकताएं बढ़ सकती है.

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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