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Rajpal Yadav Education: छोटे शहर का छात्र कैसे बना बड़ा अभिनेता? जानें तिहाड़ जेल में बंद राजपाल यादव की पढ़ाई की दास्तान

अभिनेता राजपाल यादव एक मामले को लेकर तिहाड़ जेल में हैं. उनकी मदद के लिए कई लोग अब सामने आए हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं उन्होंने कहां से पढ़ाई-लिखाई की है.

बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव इन दिनों एक चेक बाउंस मामले को लेकर चर्चा में हैं. पिछले हफ्ते गुरुवार को उन्होंने तिहाड़ जेल में सरेंडर किया. दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक आत्मसमर्पण का समय दिया था, जिसके बाद 5 फरवरी को वह जेल पहुंचे. इस खबर के बाद सोशल मीडिया पर उनके आर्थिक हालात को लेकर कई तरह की बातें हो रही हैं. कुछ लोगों ने उनकी मदद की बात भी कही है. अभिनेता सोनू सूद ने अपने एक आने वाले प्रोजेक्ट के लिए साइनिंग अमाउंट देने की जानकारी दी, वहीं तेज प्रताप यादव ने भी आर्थिक मदद का एलान किया.

राजपाल यादव का जन्म 16 मार्च 1971 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में हुआ था. उनकी शुरुआती पढ़ाई भी यहीं से हुई. स्कूल के दिनों से ही उन्हें नाटक और मंच से लगाव था. वह स्कूल के कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे और अभिनय में दिलचस्पी दिखाते थे. 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने नौकरी भी की, लेकिन उनका मन अभिनय में ही बसता था.

नौकरी छोड़ चुनी अभिनय की राह

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 12वीं के बाद उन्होंने ऑर्डनेंस क्लॉथ फैक्ट्री में काम किया. यह एक स्थिर नौकरी थी, लेकिन उनका सपना कुछ और था. बचपन से ही अभिनेता बनने की इच्छा उनके मन में थी. यही कारण था कि उन्होंने नौकरी छोड़ दी और अपने सपने को पूरा करने के लिए कदम बढ़ाया. यह फैसला आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने जोखिम उठाया.

लखनऊ में ली ट्रेनिंग

साल 1992 में राजपाल यादव लखनऊ पहुंचे. यहां उन्होंने भारतेंदु नाट्य एकेडमी में दाखिला लिया. यह एक मशहूर संस्थान है, जहां अभिनय की विधिवत शिक्षा दी जाती है. उन्होंने यहां दो साल तक अभिनय की ट्रेनिंग ली. इस दौरान उन्होंने मंच पर कई तरह के किरदार निभाए और अभिनय की बारीकियां सीखी.

नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में पढ़ाई

लखनऊ में ट्रेनिंग के बाद भी उन्होंने सीखना नहीं छोड़ा. वह दिल्ली के नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) पहुंचे. यह देश का एक बड़ा और प्रतिष्ठित संस्थान है. साल 1994 से 1997 तक उन्होंने यहां अभिनय की पढ़ाई की. एनएसडी में उन्हें मंच, संवाद, भाव और किरदार की गहराई को समझने का मौका मिला. यही शिक्षा आगे चलकर उनके करियर की मजबूत नींव बनी.

1999 में मिली पहली फिल्म

साल 1999 में उन्होंने फिल्म ‘दिल क्या करे’ से अपने करियर की शुरुआत की. इसके बाद साल 2000 में फिल्म ‘जंगल’ में उन्हें बड़ा मौका मिला. इस फिल्म में उनके अभिनय की काफी सराहना हुई. उन्हें फिल्मफेयर में बेस्ट नेगेटिव रोल का पुरस्कार भी मिला. इसके बाद उन्होंने कई हिट फिल्मों में काम किया और अपनी अलग पहचान बनाई.

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