जामिया में कश्मीरी छात्रों के उत्पीड़न की निंदा, खाने की शिकायत के बाद विवाद बढ़ा
जामिया के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने मेस के खाने और व्यवस्था को लेकर की थी शिकायत, जिसके बाद हुआ बड़ा हंगामा JKSA ने कथित मारपीट, धमकी और उत्पीड़न पर की जांच की मांग की

जामिया मिल्लिया इस्लामिया के जम्मू-कश्मीर गर्ल्स हॉस्टल में मेस के खाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब छात्रों की सुरक्षा और प्रशासन के व्यवहार तक पहुंच गया है. जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन यानी JKSA ने छात्राओं के साथ कथित मारपीट, धमकी और परेशान किए जाने की निंदा की है. एसोसिएशन के मुताबिक, छात्राएं काफी समय से मेस के खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर शिकायत कर रही थीं. छात्रों का आरोप है कि शिकायतों पर सही कार्रवाई नहीं की गई और विरोध करने पर उन्हें डराने की कोशिश की गई.
खाने को लेकर पहले से शिकायत कर रही थीं छात्राएं
हॉस्टल की छात्राएं काफी समय से मेस के खाने को लेकर अपनी परेशानी बता रही थीं. छात्रों का आरोप है कि कई बार खाने में कीड़े, कांच के टुकड़े और दूसरी बाहरी चीजें मिलीं. उनका कहना है कि शिकायत करने के बाद भी मेस की व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं किया गया. एसोसिएशन ने यह भी कहा कि छात्रों के मुताबिक एक ही मेस ठेकेदार लंबे समय से काम कर रहा है और उसके खिलाफ पहले भी शिकायतें सामने आती रही हैं. छात्रों ने बताया कि साल 2023 में भी इसी तरह की समस्याओं को लेकर विरोध हुआ था. इसके बावजूद स्थिति में पर्याप्त बदलाव नहीं किया गया.
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शिकायत करने पर धमकी देने का आरोप
एसोसिएशन का कहना है कि जब छात्राओं ने अपनी समस्याएं हॉस्टल प्रशासन के सामने रखीं तो उन्हें कथित तौर पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई. छात्रों के अनुसार, कुछ मामलों में उनके माता-पिता को भी कार्रवाई के बारे में बताया गया. इसमें हॉस्टल से बाहर किए जाने की चेतावनी देने का आरोप भी शामिल है. इसके बाद छात्रों ने सेंटेनरी गेट पर धरना दिया और अपनी मांगों पर जल्द कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन के दौरान डीन ऑफ स्टूडेंट्स वेलफेयर, प्रोवोस्ट और डिप्टी प्रॉक्टर की टीम ने छात्रों से बातचीत की. बातचीत में मेस ठेकेदार को बदलने, महिला मेस कर्मचारियों की नियुक्ति, हॉस्टल प्रशासन की जिम्मेदारी तय करने और शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर कार्रवाई नहीं करने जैसी मांगों पर सहमति की बात कही .
छात्रों ने आश्वासन पूरा नहीं होने का लगाया आरोप
बातचीत के बाद भी छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी सभी मांगों को जमीन पर लागू नहीं किया गया. उनका दावा है कि पुराने ठेकेदार को हटाने के बजाय अलग नाम से फिर मेस का काम दिए जाने की बात सामने आई. छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि महिला कर्मचारियों की जगह दूसरे पुरुष कर्मचारियों को काम पर रखा गया. इसको लेकर सवाल पूछने पर उन्हें दोबारा डराने-धमकाने का सामना करना पड़ा. JKSA ने जामिया के कुलपति से इस मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है. एसोसिएशन ने छात्रों के साथ कथित मारपीट और धमकी के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है. साथ ही जांच पूरी होने तक छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील भी की गई है.
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