एक्सप्लोरर

Weather Scientist Course: मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए कितना पढ़ना-लिखना जरूरी, जानें किस कोर्स से होगा फायदा?

वायुमंडल के वैज्ञानिक अध्ययन को मौसम विज्ञान कहा जाता है. इसमें मौसम की प्रक्रियाओं, जलवायु परिवर्तन, वायुमंडलीय संरचना और पृथ्वी की सतह के साथ उसके संबंधों को समझा जाता है.

Weather Scientist Course: मौसम का हाल जानने के लिए लोग हर दिन टीवी मोबाइल और मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखते हैं. भारी बारिश, बाढ़, गर्मी, ठंड,  चक्रवात, आंधी जैसे हालात में मौसम वैज्ञानिकों की भूमिका और भी अहम हो जाती है. ऐसे में अक्सर यह सवाल उठता रहता है कि आखिर मौसम की सटीक भविष्यवाणी करने वाले लोग कौन होते हैं और मौसम वैज्ञानिक के बनने के लिए कितनी पढ़ाई करनी पड़ती है. दरअसल मौसम विज्ञान यानी मीटियोरोलॉजी एक ऐसा क्षेत्र है, जिसमें पृथ्वी के वायुमंडल, जलवायु, तापमान, हवा, बारिश, तूफान और मौसम में होने वाले बदलाव का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाता है. यह विषय केवल मौसम बताने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए प्राकृतिक बदलाव, कृषि विमानन, पर्यावरण और आपदा प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी का भी विश्लेषण किया जाता है. ऐसे में चलिए अब आपको बताते हैं कि मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए कितना पढ़ा-लिखा होना जरूरी है और इसके लिए कौन सा कोर्स फायदेमंद होता है.

क्या होता है मौसम विज्ञान? 

वायुमंडल के वैज्ञानिक अध्ययन को मौसम विज्ञान कहा जाता है. इसमें मौसम की प्रक्रियाओं, जलवायु परिवर्तन, वायुमंडलीय संरचना और पृथ्वी की सतह के साथ उसके संबंधों को समझा जाता है. मौसम विज्ञान भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित जैसे विषयों पर आधारित होता है. मौसम वैज्ञानिक पृथ्वी के वातावरण उसके प्रभाव और भविष्य में होने वाले बदलाव का अध्ययन करते हैं. यही वजह है कि आज के समय में मौसम विभाग, रिसर्च संस्थानों, एयरलाइंस, कृषि क्षेत्र और टीवी चैनलों में मौसम विशेषज्ञ की लगातार मांग बढ़ रही है. 

मौसम वैज्ञानिक बनने के लिए क्या पढ़ाई जरूरी?

अगर कोई छात्र मौसम वैज्ञानिक बनना चाहता है तो सबसे पहले उसे 12वीं साइंस स्ट्रीम से पास करनी होती है. इसके लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ्स विषय जरूरी माने जाते हैं. कई संस्थानों में बायोलॉजी के साथ भी एडमिशन मिल जाता है, लेकिन गणित और विज्ञान में अच्छी पकड़ होना जरूरी होता है. 12वीं के बाद छात्रमीटियोरोलॉजी या एटमॉस्फेरिक साइंस से जुड़े कोर्स कर सकते हैं. इसके लिए बीएससी, बीटेक या डिप्लोमा के कोर्स उपलब्ध है. वहीं रिसर्च और हायर पदों पर पहुंचने के लिए पोस्ट ग्रेजुएट और पीएचडी भी की जा सकती है. 

कौन-कौन से कोर्स कर सकते हैं स्टूडेंट?

मौसम विज्ञान में कई तरह के स्पेशलाइजेशन मौजूद है, इनमें बीएससी इन मीटियोरोलॉजी, बीटेक इन मीटियोरोलॉजी, बीटेक इन एटमॉस्फेरिक साइंस, एमएससी इनमीटियोरोलॉजी, एमटेक इन मीटियोरोलॉजी, पीएचडी इन मीटियोरोलॉजी कोर्स शामिल है. इसके अलावा फिजिकलमीटियोरोलॉजी, क्लाइमेट मीटियोरोलॉजी, एग्रीकल्चर मीटियोरोलॉजी, एविएशनमीटियोरोलॉजी, सैटेलाइटमीटियोरोलॉजी और डायनामिक मीटियोरोलॉजी जैसे विषय में भी पढ़ाई की जा सकती है. 

ये भी पढ़ें-MEXT Scholarship 2027: भारतीय रिसर्च के लिए जापान में फ्री पढ़ाई का सुनहरा अवसर, जानें कैसे कर सकते हैं आवेदन?

क्या होता है मौसम वैज्ञानिक का काम?

अक्सर लोगों को लगता है कि मौसम वैज्ञानिक सिर्फ बारिश या गर्मी की जानकारी देते हैं, लेकिन उनका काम इससे कहीं ज्यादा बड़ा होता है. मौसम वैज्ञानिक वायुमंडल, जलवायु परिवर्तन, चक्रवात, वायु दबाव, बारिश, धूंध, समुद्री गतिविधि और पर्यावरणीय बदलाव पर रिसर्च करते हैं. इस क्षेत्र में फिजिकल मीटियोरोलॉजी होती है. इसमें सौर ऊर्जा, वायुमंडलीय संरचना और पृथ्वी की प्रक्रियाओं पर रिसर्च किया जाता है. वहीं क्लाइमेटोलॉजी में किसी क्षेत्र की जलवायु और लंबे समय तक होने वाले मौसम में बदलाव पर रिसर्च किया जाता है. ऐसे ही एग्रीकल्चर मीटियोरोलॉजी में फसलों पर मौसम के प्रभाव और कृषि उत्पादन का विश्लेषण किया जाता है.

ये भी पढ़ें-PM SHRI Schools: क्या है पीएम श्री स्कूल, जिसे पश्चिम बंगाल में खोलने पर विचार कर रही सरकार?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

NIOS ने जारी की 10-12वीं की डेटशीट, अक्टूबर से दिसंबर तक होंगे एग्जाम
NIOS ने जारी की 10-12वीं की डेटशीट, अक्टूबर से दिसंबर तक होंगे एग्जाम
दिल्ली में कल स्कूल खुलेंगे या नहीं? CJP प्रोटेस्ट के बीच जानें जवाब
दिल्ली में कल स्कूल खुलेंगे या नहीं? CJP प्रोटेस्ट के बीच जानें जवाब
CBSE स्पेशल परीक्षा की डेटशीट जारी, 12 अक्टूबर से मिलेंगे एडमिट कार्ड
CBSE स्पेशल परीक्षा की डेटशीट जारी, 12 अक्टूबर से मिलेंगे एडमिट कार्ड
ध्रुव राठी के पास कौन-कौन सी डिग्री? CJP प्रदर्शन के बीच भारत पहुंचे यूट्यूबर
ध्रुव राठी के पास कौन-कौन सी डिग्री? CJP प्रदर्शन के बीच भारत पहुंचे यूट्यूबर

वीडियोज

वो दरिंदों के जाल में फंस गई थी !
बिना मंजूरी प्रदर्शन से ज्ञानेश का इस्तीफा हो जाएगा?
Delhi में मेट्रो-रेल बंद करने पर SC ने लगाई फटकार
10 अक्टूबर को लेकर दिल्ली में कैसा 'डर' ?
विपक्ष ने राष्ट्रपति मुर्मू को सौंपा ज्ञापन

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'नतीजे एक बार फिर दिखाते हैं कि...', उप चुनावों में बीजेपी की जीत पर क्या बोले पीएम मोदी
'नतीजे एक बार फिर दिखाते हैं कि...', उप चुनावों में बीजेपी की जीत पर क्या बोले पीएम मोदी
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
मध्य प्रदेश HC ने रद्द किया 27% OBC आरक्षण, कोटा फिर 14 फीसदी हुआ
CJP को प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर पर नहीं मिली परमिशन, क्या है दिल्ली पुलिस की दलील
CJP को प्रोटेस्ट के लिए जंतर-मंतर पर नहीं मिली परमिशन, क्या है दिल्ली पुलिस की दलील
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
11 छक्के 6 चौके, एबी डिविलियर्स ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 277 के स्ट्राइक रेट से ठोका शतक
'दृश्यम 3' 250 करोड़ के पार, 'सिंघम अगेन' का रिकॉर्ड तोड़ बनी अजय देवगन की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म
'दृश्यम 3' 250 करोड़ के पार, 'सिंघम अगेन' का रिकॉर्ड तोड़ बनी अजय देवगन की दूसरी हाईएस्ट ग्रॉसिंग फिल्म
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
'...तो शायद मैं ये पुरस्कार शेयर कर लूं', नोबेल शांति पुरस्कार विजेता ने लिए ट्रंप के मजे
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
नंदीग्राम जीत के बाद BJP ने 75816 वोट मार्जिन से फतह किया रेजीनगर उप-चुनाव
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
तमिलनाडु उपचुनाव में TVK की जीत से भड़के स्टालिन, CM विजय पर निकाली भड़ास
Embed widget