ईरान में तबाही के बाद ट्रंप के टारगेट पर ये देश, तैनात कर दिया अमेरिकी युद्धपोत, बोले - 'उनकी नजरें...'
ईरान के साथ संघर्ष के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर सख्त तेवर दिखाए हैं और कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का बड़ा युद्धपोत कैरेबियन सागर पहुंच गया है.

ईरान के साथ संघर्ष के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नजरें क्यूबा पर हैं. ट्रंप ने क्यूबा को लेकर सख्त तेवर दिखाए हैं और कार्रवाई करने की चेतावनी दी है. उधर बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना का बड़ा युद्धपोत यूएसएस निमिट्ज (USS Nimitz) कैरेबियन सागर पहुंच गया है. यूएस दक्षिणी कमान (Southcom) ने बुधवार (20 मई) को इस तैनाती की जानकारी दी.
क्यूबा पर ट्रंप की नजरें
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को साफ किया कि उनकी सरकार क्यूबा की हर गतिविधि पर बारीकी से नजर रख रही है और वहां के हालात को लेकर अलर्ट है. उन्होंने बयान ऐसे समय में आया जब अमेरिकी न्याय विभाग ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो पर हत्या समेत कई गंभीर आरोप लगाए.
Welcome to the Caribbean, Nimitz Carrier Strike Group!
— U.S. Southern Command (@Southcom) May 20, 2026
The aircraft carrier USS Nimitz (CVN 68), the embarked Carrier Air Wing 17 (CVW-17), USS Gridley (DDG 101) and USNS Patuxent (T-AO 201) are the epitome of readiness and presence, unmatched reach and lethality, and strategic… pic.twitter.com/83mfzSIKzd
क्या है पूरा मामला?
अमेरिका के न्याय विभाग ने क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो और 5 अन्य लोगों के खिलाफ हत्या और अमेरिकी नागरिकों की हत्या की साजिश रचने के आरोप में अभियोग (इंडाइटमेंट) सार्वजनिक किया है. मामला 1996 में मानवीय सहायता संगठन ब्रदर्स टू द रेस्क्यू के 2 विमानों को क्यूबा की वायुसेना द्वारा मार गिराए जाने से जुड़ा है, जिसमें 4 लोगों की मौत हुई थी.
राउल कास्त्रो पर ये आरोप
मियामी की संघीय अदालत में दायर अभियोग के अनुसार, 94 वर्षीय राउल कास्त्रो, जो उस समय क्यूबा के रक्षा मंत्री थे, पर सैन्य कार्रवाई की योजना और उसे मंजूरी देने में भूमिका निभाने का आरोप है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी नागरिकों की जान लेने की साजिश का हिस्सा थी.
मामले की घोषणा मियामी में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कार्यवाहक अटॉर्नी जनरल टॉड ब्लांश और दक्षिणी फ्लोरिडा के अमेरिकी अटॉर्नी जेसन ए. रेडिंग क्विन्योनेस ने की. उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा के सैन्य पायलटों और अन्य अधिकारियों ने 24 फरवरी 1996 को अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ रहे दो नागरिक विमानों को मार गिराया था.
ब्रदर्स टू द रेस्क्यू संगठन समुद्र के रास्ते क्यूबा से भागने वाले लोगों की खोज और सहायता का काम करता था. घटना के बाद तत्कालीन क्यूबाई नेता फिदेल कास्त्रो ने विमानों को गिराने की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया था कि संगठन ने हवाना के ऊपर सरकार विरोधी पर्चे गिराए थे.
3 दशकों से चल रही कार्रवाई की मांग
पिछले 3 दशकों से क्यूबा-अमेरिकी समुदाय, निर्वासित कार्यकर्ता और मृतकों के परिजन राउल कास्त्रो के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग कर रहे थे. संगठन के संस्थापक जोस बसुल्टो ने कहा कि '30 वर्षों तक न्याय में हुई देरी स्वयं सबसे बड़ा अन्याय रही है'.
क्यूबा सरकार ने नहीं दी प्रतिक्रिया
क्यूबा सरकार ने ताजा आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि इससे पहले हवाना का कहना रहा है कि उसने इन उड़ानों को रोकने के लिए लंबे समय तक कूटनीतिक प्रयास किए थे.
विशेषज्ञों के अनुसार, यह अभियोग ऐसे समय में सामने आया है जब क्यूबा गंभीर आर्थिक और ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है. हाल ही में सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ ने भी क्यूबा का दौरा किया था, जहां उन्होंने आर्थिक सुधारों और रूस तथा चीन की खुफिया गतिविधियों को लेकर क्यूबाई नेतृत्व के साथ चर्चा की थी.

























