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Khan sir life story: कभी कमाते थे 40 रुपये आज करोड़ों के हैं मालिक, जानिए कैसे फैजल खान बन गए खान सर

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में 1993 में जन्में खान सर आर्थिक तंगी से जुड़े परिवार से नाता रखते है. खान सर के पिता ठेकेदार का काम करते थे, जबकि उनकी मां घर का काम का संभालती थी.

Khan sir life story: खान सर बिहार समेत देशभर के फेमस शिक्षक और यूट्यूबर है. वहीं हाल ही में उनके कोचिंग सेंटर पर हुई फायरिंग के चलते वह एक बार फिर चर्चा में आ गए. लेकिन इस मामले में अब नया ट्विस्ट सामने आया है. दरअसल पटना में खान सर के कोचिंग सेंटर पर 2 जून की रात हुई हुई फायरिंग मामले में नया वीडियो सामने आया है. वीडियो में दावा किया गया है कि विवाद के दौरान फायरिंग खान सर के गार्ड ने ही की थी. यह वीडियो सामने आने के बाद पुलिस खान सर के कोचिंग सेंटर पहुंची और दोनों गार्ड से पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. ऐसे में चलिए आज हम आपको बताते हैं कि कभी खान सर महज 40 रुपये कमाते थे और आज करोड़ों के मालिक है. ऐसे ही फैजल खान, खान सर कैसे बन गए. 

कौन है खान सर?

फैजल खान जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, वह प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग के क्षेत्र में भारत के सबसे प्रभावशाली शिक्षकों में से एक बनकर उभरे हैं. पटना स्थित उनके संस्थान खान जीएस रिसर्च सेंटर, यूपीएससी, बीपीएससी, एसएससी, रेलवे और नीट जैसी सरकारी संस्थाओं की तैयारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए एक प्रमुख केंद्र बन गया है. अपनी सरल शिक्षण विधियां और सहज हास्य के लिए जाने जाने वाले खान सर ने छात्रों के साथ विशेष रूप से छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले छात्रों के साथ एक मजबूत संबंध बनाया है. 

खान सर का शुरुआती जीवन और संघर्ष 

उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में 1993 में जन्में खान सर आर्थिक तंगी से जुड़े परिवार से नाता रखते है. खान सर के पिता ठेकेदार का काम करते थे, जबकि उनकी मां घर का काम का संभालती थी. खान सर का जीवन काफी सफर और कठिनाईयों से भरा हुआ था. बचपन से ही उनका सपना शिक्षा और जन सेवा के माध्यम से बेहतर भविष्य का निर्माण करना था. कई युवा छात्रों की तरह खान सर भी सेना में शामिल होने की आशा रखते थे और  उन्होंने इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया. हालांकि वे सेना में शामिल नहीं हो पाएं. इसके बाद उन्होंने अपनी शुरुआत शिक्षक करियर में की. 

बार-बार की असफलताओं के बाद भी नहीं रुके खान सर 

फैजल खान ने सबसे पहले सैनिक स्कूल में एडमिशन लेने की कोशिश की, बाद में उन्होंने पॉलीटेक्निक संस्थानों में आवेदन किया और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी में एडमिशन पाने का प्रयास किया. लेकिन इनमें से कोई भी प्रयास सफल नहीं हुआ. बार-बार असफलता के बाद हार मानने की जगह खान सर ने अलग रास्ता चुना और टीचिंग करियर को चुना. एक छात्र से शुरू हुआ यह सफर बहुत जल्दी ही बहुत बड़ा हो गया. बताया जाता है कि उनके पहले छात्र ने कक्षा में टॉप किया, जिससे उनकी शिक्षण संस्थानों में चर्चा होने लगी और भी छात्र मार्गदर्शन के लिए उनसे संपर्क करने लगे. पढ़ाने के बाद भी आर्थिक परेशानियां ने उनका पीछा नहीं छोड़ा, एक दिन घंटों पढ़ाने के बाद भी उन्हें केवल 40 रुपये मिलते थे. यह रकम 90 रुपये के बस किराए के लिए पर्याप्त नहीं थी. कोई और ऑप्शन ना होने पर वह पैदल ही अपने घर चले जाते थे.

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विपरीत परिस्थिति के बावजूद शुरू किया कोचिंग सेंटर 

बताया जाता है कि एक दिन गंगा किनारे बैठे खान सर ने फैसला किया कि वह अपना खुद का कोचिंग सेंटर शुरू करेंगे. दोस्तों के सहयोग से उन्होंने एक छोटा सा क्लासरूम खोल, लेकिन यह सब आसान नहीं था. उन्होंने बताया कि एक रात उनके कोचिंग सेंटर पर बम से हमला हुआ, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अगले दिन वापस आकर देखा है कि छात्र उनके कोचिंग सेंटर में सफाई में मदद कर रहे थे. वहीं बाद में खान सर के लोकप्रियता उनके यूट्यूब चैनल की बढ़ती लोकप्रियता के साथ तेजी से बढ़ी. खान सर के अभी 44 मिलियन से ज्यादा सब्सक्राइबर है. 

खान सर की कुल संपत्ति का अनुमान 

ऑनलाइन एजुकेशन के अलावा खान सर पटना और दिल्ली में खान जीएस रिसर्च सेंटर और खान ग्लोबल स्टडीज के तहत ऑफलाइन कोचिंग सेंटर भी चलाते हैं. यह संस्थान अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सेवाएं देते हैं. वहीं खान सर ने सार्वजनिक रूप से अपनी कमाई की पुष्टि नहीं की है. लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उनकी कोचिंग, डिजिटल आय और अन्य संपत्तियों के आधार पर उनकी कुल संपत्ति 5 करोड़ रुपये से 41 करोड़ रुपये के बीच होने का अनुमान है. 

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कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

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