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Best Institute for Journalism: माखनलाल, IIMC या फिर जामिया, कहां से पढ़ाई कर आप बन सकते हैं अच्छे पत्रकार? यहां जानिए

Best Institute for Journalism:अगर आप भी पत्रकार बनने का ख्वाब देखते हैं तो आपके लिए ये जानना बेहद जरूरी है कि आप पत्रकारिता की पढ़ाई किस संस्थान से कर सकते हैं जानिए सिर्फ एक क्लिक में.

Best Institute for Journalism: आज की इस बदलती और तकनीकी से भरी दुनिया में पत्रकारिता भी पूरी तरह बदल चुकी है. अब पत्रकारिता केवल खबरें पढ़ने या छापने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को प्रभावित करने, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर अपनी जगह बनाने और तीखे सवालों के जरिए सच को सामने लाने का सबसे सशक्त माध्यम बन चुकी है. ऐसे में अगर आप भी एक निडर, निष्पक्ष और सफल पत्रकार बनना चाहते हैं, तो आपके मन में भी जो सबसे पहला और बड़ा सवाल यही आता होगा कि आखिर इसकी पढ़ाई कहां से की जाए.
 
वैसे, भारत में जब भी बेहतरीन मीडिया संस्थानों की बात होती है, तो तीन नाम सबसे ऊपर आते हैं माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भारतीय जनसंचार संस्थान , और जामिया मिलिया इस्लामिया. ये तीनों ही संस्थान हर साल देश को बेहतरीन एंकर्स, रिपोर्टर्स, एडिटर्स और मीडिया स्कॉलर्स देते हैं. वहीं, आपके करियर के लक्ष्यों, बजट फ्रेंडली और रुचि के हिसाब से इनमें से कौन सा संस्थान आपके लिए सबसे बेस्ट रहेगा, यह समझ लेना बेहद जरूरी है. आइए, जान लेते हैं इन तीनों संस्थानों के बारे में ए टू जेड जानकारी.

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आईआईएमसी

अगर आपका सपना भी देश के बड़े न्यूज चैनलों, बड़े अखबारों या डिजिटल मीडिया हाउसेज में सीधे एंट्री पाने का है, तो भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) आपके लिए सबसे बढ़िया ऑप्शन है. इसे भारत में पत्रकारिता का सबसे प्रतिष्ठित संस्थान माना जाता है. इस संस्थान में पढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यहां थ्योरी से ज्यादा प्रैक्टिकल काम और फील्ड रिपोर्टिंग पर जोर दिया जाता है. इसके साथ ही मीडिया इंडस्ट्री के बड़े-बड़े दिग्गज यहां बतौर गेस्ट लेक्चरर आते हैं, जिससे छात्रों को सीधे नेटवर्किंग का मौका मिलता है. साथ ही यहां का प्लेसमेंट रिकॉर्ड बेहद शानदार है और लगभग हर बड़ा मीडिया ग्रुप कैंपस सिलेक्शन के लिए यहां आता है. पहले यहां केवल एक साल के पीजी डिप्लोमा कोर्स ही मिलते थे, लेकिन साल 2024 से तीन मास्टर्स के कोर्स भी शुरू किए गए थे जिससे  इस संस्थान को  मानद विश्वविद्यालय का दर्ज प्राप्त हुआ है.  इसलिए अगर आप कम समय में सीधे मेनस्ट्रीम मीडिया में कदम रखना चाहते हैं, तो आईआईएमसी आपके लिए बढ़िया ऑप्शन बन सकता है. 

जामिया मिलिया इस्लामिया

जामिया मिलिया इस्लामिया का एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर मीडिया की दुनिया में एक बहुत बड़ा नामी संस्थान है. अगर आप पत्रकारिता को केवल एक नौकरी की तरह नहीं, बल्कि एक गंभीर कला, रिसर्च और डॉक्यूमेंट्री मेकिंग के रूप में देखना चाहते हैं, तो जामिया से बेहतर कोई  और जगह हो ही नहीं सकती है. यहां के मॉडर्न स्टूडियो लैब्स, बेहतरीन कैमरा इक्विपमेंट्स और विशाल मीडिया लाइब्रेरी छात्रों को इंटरनेशनल लेवल की ट्रेनिंग देती है. जामिया से निकले पत्रकार अक्सर खोजी पत्रकारिता, सिनेमा, डॉक्यूमेंट्री और बड़े राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया घरानों में उच्च पदों पर काम करते हैं. यहां आपको फुलटाइम मास्टर्स (एमए) की डिग्री मिलती है, जो मीडिया की थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों समझ को बेहद मजबूत बनाती है. 

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय

इस सूची में अगला नंबर माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय का है. यह एशिया के सबसे बड़े और पुराने मीडिया विश्वविद्यालयों में से एक है. इस संस्थान की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जमीनी और क्षेत्रीय पत्रकारिता के लिए सबसे मजबूत बेस तैयार करता है.  अगर आप हिंदी पत्रकारिता, क्षेत्रीय मीडिया या सेंट्रल मीडिया के बड़े मीडिया नेटवर्क्स में अपनी धाक जमाना चाहते हैं, तो ये एक बढ़िया ऑप्शन है. यहां फीस अन्य बड़े संस्थानों की तुलना में काफी किफायती है, जिससे हर वर्ग के छात्र का पत्रकार बनने का सपना पूरा हो सकता है. इसके अलावा, यहां 12वीं के बाद सीधे ग्रेजुएशन और ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट-ग्रेजुएशन दोनों के बेहतरीन ऑप्शन  उपलब्ध हैं, जो आपको मीडिया की बेसिक समझ से लेकर एक्सपर्ट लेवल तक ले जाते हैं. 

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​खबरों के खेल को समझना और उसके पीछे छिपे हर पहलू की नब्ज पकड़ना मेरी खूबी है और जुनून भी.दुनिया को करीब से जानने और जियोपॉलिटिक्स जैसे गंभीर विषयों पर लिखने-पढ़ने के कीड़े ने स्कूल के दिनों में ही काट लिया था. इस सफर की शुरुआत कानपुर के केवी ओईएफ से स्कूलिंग के बाद हुई, जिसे रफ्तार मिली पूरब के ऑक्सफोर्ड वाले तमगे से लैस इलाहाबाद विश्वविद्यालय से, जहां मैंने अंग्रेजी और राजनीति शास्त्र में बीए (BA) किया.

पॉलिटिक्स और दुनियादारी  के इसी कौतूहल को शब्दों का मंच देने के लिए मैंने पत्रकारिता का रुख किया और साल 2025 में देश के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान आईआईएमसी में दाखिला लिया.आईआईएमसी के उन लाल गलियारों से पत्रकारिता के ककहरे और बारीकियों को बखूबी सीखने के बाद मैं  फिलहाल एबीपी नेटवर्क के साथ बतौर प्रशिक्षु पत्रकार जुड़कर अपने सीखने के सिलसिले को नया आसमान दे रहा हूं.

मिजाज से ठेठ कनपुरिया हूं तो दुनिया के किसी भी कोने में रहूं ,अपने जैसे दो-चार को ढूंढ ही लेता हूं और संयोग से अगर कोई कानपुर-उन्नाव का मिल जाए तो फिर महफिल जमनी तय ही समझो. काम से इतर मुझे लजीज खाने का शौक है. फुर्सत के पलों में किताबें पढ़ना पसंद है और मौका मिलते ही पिच पर चौके-छक्के जड़ने यानी क्रिकेट खेलने का शौक भी बखूबी रखता हूं.सीखने-सिखाने और खबरों के सफर को जीने का यह कनपुरिया अंदाज आगे भी यूं ही जारी रहेगा.

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