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B.Ed छात्रों के लिए सरकारी स्कॉलरशिप का सुनहरा मौका, सालाना इतने हजार तक मिल सकती है सहायता

केंद्र और राज्य सरकारें बीएड छात्रों को ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क और अन्य खर्चों के लिए स्कॉलरशिप देती हैं, आइए पूरी डिटेल्स जानते हैं...

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  • आवेदन के लिए आय, जाति और शैक्षणिक दस्तावेज जरूरी हैं.

शिक्षक बनने का सपना देख रहे बीएड छात्रों के लिए ये खबर बेहद काम की है. केंद्र और राज्य सरकारें बीएड छात्रों को आर्थिक सहायता देने के लिए कई छात्रवृत्ति (Scholarship) योजनाएं चला रही हैं. इन योजनाओं के तहत योग्य छात्रों को ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क और रखरखाव भत्ता जैसी सुविधाएं प्रदान की जाती हैं.

इन स्कॉलरशिप का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना और शिक्षण क्षेत्र में अधिक युवाओं को प्रोत्साहित करना है. अधिकांश छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए आवेदन राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) और संबंधित राज्यों के छात्रवृत्ति पोर्टलों के माध्यम से किया जा सकता है.

किन छात्रों को मिलता है लाभ?

सरकारी छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (EBC) के छात्रों को दिया जाता है. हालांकि, कुछ योजनाएं सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए भी उपलब्ध हैं.अधिकांश योजनाओं में आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए. इसके अलावा छात्र का किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में बीएड पाठ्यक्रम में नामांकित होना अनिवार्य है.

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना
यह देश की सबसे प्रमुख छात्रवृत्ति योजनाओं में से एक है. इसके तहत SC, ST, OBC और EBC वर्ग के छात्रों को ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क और अन्य शैक्षणिक खर्चों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है.

PMSS

यह योजना पूर्व सैनिकों (Ex-Servicemen) और पूर्व तटरक्षक बल कर्मियों के बच्चों के लिए संचालित की जाती है. बीएड सहित कई पेशेवर पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे छात्र इस योजना का लाभ उठा सकते हैं.

राज्य सरकारों की विशेष छात्रवृत्ति योजनाएं
कई राज्य सरकारें भी अपने छात्रों के लिए अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाएं चलाती हैं. उदाहरण के लिए महाराष्ट्र सरकार का MahaDBT पोर्टल पात्र डीएड और बीएड छात्रों को 100 प्रतिशत तक शैक्षणिक लाभ प्रदान करता है. इसी तरह अन्य राज्यों में भी सामाजिक न्याय, पिछड़ा वर्ग कल्याण और जनजातीय विभागों के माध्यम से छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं.

आवेदन के लिए जरूरी पात्रता

किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया हो. परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये या उससे कम हो. छात्र संबंधित श्रेणी (SC/ST/OBC/EBC) से संबंधित हो, यदि योजना में यह शर्त लागू हो. राज्य स्तरीय योजनाओं के लिए संबंधित राज्य का स्थायी निवासी होना आवश्यक हो सकता है.

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आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

  • हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक की मार्कशीट
  • आधार कार्ड
  • आय प्रमाण पत्र
  • जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)
  • बीएड कॉलेज से प्राप्त फीस रसीद
  • बोनाफाइड प्रमाण पत्र
  • आधार से लिंक बैंक खाते की पासबुक

कैसे करें आवेदन?

छात्र राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) पर जाकर अपना पंजीकरण कर सकते हैं. पोर्टल पर उपलब्ध "Scholarship Eligibility Check" सुविधा के माध्यम से यह भी पता लगाया जा सकता है कि कौन-कौन सी योजनाएं उनके लिए उपलब्ध हैं. इसके अलावा उम्मीदवारों को अपने राज्य की आधिकारिक छात्रवृत्ति वेबसाइट या सामाजिक कल्याण विभाग के पोर्टल पर भी नजर रखनी चाहिए, क्योंकि कई योजनाओं के आवेदन राज्य स्तर पर स्वीकार किए जाते हैं.

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रजनी उपाध्याय बीते करीब छह वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली रजनी ने आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. बचपन से ही पढ़ने-लिखने में गहरी रुचि थी और यही रुचि उन्हें मीडिया की दुनिया तक ले आई.

अपने छह साल के पत्रकारिता सफर में रजनी ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम किया. उन्होंने न्यूज, एंटरटेनमेंट और एजुकेशन जैसे प्रमुख वर्टिकल्स में अपनी पहचान बनाई. हर विषय में गहराई से उतरना और तथ्यों के साथ-साथ भावनाओं को भी समझना, उनकी पत्रकारिता की खासियत रही है. उनके लिए पत्रकारिता सिर्फ खबरें लिखना नहीं, बल्कि समाज की धड़कन को शब्दों में ढालने की एक कला है.

रजनी का मानना है कि एक अच्छी स्टोरी सिर्फ हेडलाइन नहीं बनाती, बल्कि पाठकों के दिलों को छूती है. वर्तमान में वे एबीपी लाइव में कार्यरत हैं, जहां वे एजुकेशन और एग्रीकल्चर जैसे अहम सेक्टर्स को कवर कर रही हैं.

दोनों ही क्षेत्र समाज की बुनियादी जरूरतों से जुड़े हैं और रजनी इन्हें बेहद संवेदनशीलता और जिम्मेदारी के साथ संभालती हैं. खाली समय में रजनी को संगीत सुनना और किताबें पढ़ना पसंद है. ये न केवल उन्हें मानसिक सुकून देते हैं, बल्कि उनकी रचनात्मकता को भी ऊर्जा प्रदान करते हैं.

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