एक्सप्लोरर

73% छात्र 12वीं से पहले ही छोड़ रहे पढ़ाई, संसदीय समिति की रिपोर्ट में खुलासा 

करीब 73% छात्र 12वीं की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते हैं. रिपोर्ट के अनुसार, प्राथमिक स्तर की तुलना में माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्तर पर स्कूलों की संख्या कम है.

School Dropout Report: देश में शिक्षा के बढ़ते स्तर के साथ स्कूल और छात्रों की संख्या में लगातार बड़ी गिरावट सामने आ रही है. संसदीय समिति की एक रिपोर्ट के अनुसार, करीब 73 प्रतिशत छात्र 12वीं की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते हैं. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि प्राथमिक स्तर की तुलना में माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्तर पर स्कूलों की संख्या काफी कम है.

समिति ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूलों की संख्या बढ़ाने और मौजूदा स्कूलों को अपग्रेड करने की जरूरत बताई है. स्कूल ड्रॉप आउट को लेकर यह जानकारी कमेटी ऑन एस्टिमेट्स 2026-27 की 18वीं लोकसभा की दसवीं रिपोर्ट में सामने आई है. 

ड्रॉपआउट को लेकर क्या कहते हैं आंकड़े?

संसदीय समिति की रिपोर्ट छात्र नामांकन में बड़ा अंतर सामने आया है. UDISE 2024-25 के आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक कक्षाओं में 6,18,45,033 छात्र नामांकित हैं. वहीं कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों की संख्या 4,08,93,978 है. माध्यमिक स्तर पर यह संख्या घटकर 2,36,68,220 रह जाती है और हायर सेकेंडरी स्तर पर सिर्फ 1,64,17,949 छात्र रह जाते हैं. इन आंकड़ों के आधार पर समिति ने कहा है कि करीब 73 प्रतिशत छात्र हायर सेकेंडरी की पढ़ाई पूरी करने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते हैं. 

प्राथमिक के बाद स्कूलों की संख्या में भी कमी 

समिति ने UDISE 2024-25 के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि देश में कुल 10,92,671 सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल है. इनमें 9,11,032  स्कूल प्राथमिक स्तर के हैं. वहीं से कक्षा 6 से 8वीं तक के अपर प्राइमरी स्तर पर 4,12,805 स्कूल है. माध्यमिक स्तर पर यह संख्या घटकर 1,61,808 रह जाती है, जबकि हायर सेकेंडरी स्तर पर देश में सिर्फ 90,866 स्कूल है. यानी जैसे-जैसे शिक्षा का स्तर आगे बढ़ता है, स्कूलों की संख्या में बड़ा अंतर दिखाई देता है. समिति ने कहा कि शिक्षा के स्तर के बढ़ने के साथ स्कूलों की संख्या में इस तरह की भारी गिरावट चिंता का विषय है. समिति के अनुसार एक करोड़ से ज्यादा सरकारी स्कूलों के बीच बड़ी संख्या केवल प्राथमिक स्तर के स्कूलों की है. 

ये भी पढ़ें-सरकार ने किया स्कॉलरशिप योजनाओं का विस्तार, 2025-26 में दी गई 1.09 करोड़ स्कॉलरशिप

माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूल बढ़ाने की सिफारिश 

संसदीय समिति ने शिक्षा मंत्रालय से माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्तर पर स्कूलों की संख्या बढ़ाने को प्राथमिकता देने की सिफारिश की है. समिति का कहना है कि मौजूदा प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों को पूरी तरह हायर सेकेंडरी स्कूलों में अपग्रेड करने पर ध्यान दिया जाना चाहिए. इससे अलग-अलग क्षेत्र और समुदायों के छात्रों को आसपास ही उच्च कक्षाओं का तक पढ़ाई हासिल करने की सुविधा मिलेगी और पढ़ाई बीच में छोड़ने वाले छात्रों की संख्या में कमी आ सकती है. समिति ने यह भी कहा कि शिक्षा संविधान की समवर्ती सूची में आती है और अधिकांश स्कूल राज्य सरकार तथा केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में है. इसलिए शिक्षा मंत्रालय को राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर माध्यमिक और हायर सेकेंडरी स्कूलों की संख्या बढ़ाने की दिशा में काम करना चाहिए.

दिव्यांग छात्रों के लिए भी सुविधाओं की कमी 

रिपोर्ट में दिव्यांग छात्रों के लिए स्कूलों में उपलब्ध सुविधाओं को लेकर भी चिंता जताई गई है. समिति ने कहा है कि देश के आधे से ज्यादा स्कूलों में दिव्यांग छात्रों के अनुकूल जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं है. UDISE 2024-25 के अनुसार, देश में कुल 14,71,437 स्कूलों में से सिर्फ 5,33,143 स्कूलों में सीडब्ल्यूएसएन टॉयलेट है. वहीं केवल 8,08,466 स्कूलों में रैंप के साथ हेंडरेल उपलब्ध है. समिति ने कहा है कि आंकड़ों से पता चलता है कि देश के आधे से ज्यादा स्कूल अभी भी दिव्यांग छात्रों के लिए अनुकूल बुनियादी ढांचे से वंचित हैं.

ये भी पढ़ें-IIT Delhi AI Course: IIT दिल्ली ने शुरू किए नए AI कोर्स, जानें कितनी है फीस और कैसे करें आवेदन?

Education Loan Information:
Calculate Education Loan EMI

कविता गाडरी बीते कुछ साल से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता की दुनिया से जुड़ी हुई है. राजस्थान के जयपुर से ताल्लुक रखने वाली कविता ने अपनी पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय भोपाल से न्यू मीडिया टेक्नोलॉजी में मास्टर्स और अपेक्स यूनिवर्सिटी जयपुर से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन में की है. 
पत्रकारिता में अपना सफर उन्होंने राजस्थान पत्रिका से शुरू किया जहां उन्होंने नेशनल एडिशन और सप्लीमेंट्स जैसे करियर की उड़ान और शी न्यूज के लिए बाय लाइन स्टोरी लिखी. इसी दौरान उन्हें हेलो डॉक्टर शो पर काम करने का मौका मिला. जिसने उन्हें न्यूज़ प्रोडक्शन के लिए नए अनुभव दिए. 

इसके बाद उन्होंने एबीपी नेटवर्क नोएडा का रुख किया. यहां बतौर कंटेंट राइटर उन्होंने लाइफस्टाइल, करंट अफेयर्स और ट्रेडिंग विषयों पर स्टोरीज लिखी. साथ ही वह कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लगातार सक्रिय रही. कविता गाडरी हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में दक्ष हैं. न्यूज़ राइटिंग रिसर्च बेस्ड स्टोरीटेलिंग और मल्टीमीडिया कंटेंट क्रिएशन उनकी खासियत है. वर्तमान में वह एबीपी लाइव से जुड़ी है जहां विभिन्न विषयों पर ऐसी स्‍टोरीज लिखती है जो पाठकों को नई जानकारी देती है और उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ती है.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

बिहार बोर्ड ने 10वीं-12वीं परीक्षा के लिए बढ़ाई रजिस्ट्रेशन तारीख, देखें अपडेट
बिहार बोर्ड ने 10वीं-12वीं परीक्षा के लिए बढ़ाई रजिस्ट्रेशन तारीख, देखें अपडेट
IIM में दाखिले का घटा क्रेज, CAT 2026 के लिए मात्र 2.84 लाख रजिस्ट्रेशन
IIM में दाखिले का घटा क्रेज, CAT 2026 के लिए मात्र 2.84 लाख रजिस्ट्रेशन
अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?
अग्निवीर के पहले बैच को कहां मिलेगी नौकरी, किस राज्य में क्या नियम?
ओडिशा में इंजीनियरों के लिए 758 पदों पर भर्ती, 22 अक्टूबर से भरें फॉर्म
ओडिशा में इंजीनियरों के लिए 758 पदों पर भर्ती, 22 अक्टूबर से भरें फॉर्म
Advertisement

वीडियोज

CJP का 'चलो दिल्ली' मार्च...पूरी तरह फ्लॉप!
फसल तबाह...कौन देगा सहारा? महाराष्ट्र से राजस्थान...परेशान किसान
'वोट चोरी' पर सियासत...हल है हिरासत!
सख्ती का असर...'जंतर-मंतर 2.0' बेअसर!
SIR पर लड़ाई...मीर जाफर तक कैसे आई? बड़ा विश्लेषण
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
'हिरासत नहीं किडनैपिंग...', रिहा होने के बाद ध्रुव राठी का पहला वीडियो, क्या-क्या कहा?
'हिरासत नहीं किडनैपिंग...', रिहा होने के बाद ध्रुव राठी का पहला वीडियो, क्या-क्या कहा?
दिल्ली में प्रदर्शन की बीच पुलिस का एक्शन, 20 से ज्यादा FIR दर्ज
दिल्ली में प्रदर्शन की बीच पुलिस का एक्शन, 20 से ज्यादा FIR दर्ज
टीम इंडिया को मिल गया अगला वीरेंदर सहवाग, दिग्गज ने खुद बताया नाम
टीम इंडिया को मिल गया अगला वीरेंदर सहवाग, दिग्गज ने खुद बताया नाम
'चैंबर से हिरासत में लिया, चलती बस में फेंका', SC में प्रोटेस्ट को लेकर सुनवाई, क्या बोले जज
'चैंबर से हिरासत में लिया, चलती बस में फेंका', SC में प्रोटेस्ट को लेकर सुनवाई, क्या बोले जज
दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच पति सिद्धार्थ मल्होत्रा संग क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रहीं कियारा आडवाणी, वेकेशन की तस्वीरें वायरल
दूसरी प्रेग्नेंसी के बीच पति सिद्धार्थ संग क्वालिटी टाइम स्पेंड कर रहीं कियारा, तस्वीरें वायरल
सुप्रीम कोर्ट में लगे शेम-शेम के नारे तो जज ने लगाई फटकार, वकीलों ने प्रदर्शन पर क्या कहा?
सुप्रीम कोर्ट में लगे शेम-शेम के नारे तो जज ने लगाई फटकार, वकीलों ने प्रदर्शन पर क्या कहा?
12वीं तक पढ़ाई पूरी करना लड़कियों के लिए अब भी चुनौती, रिपोर्ट में खुलासा
12वीं तक पढ़ाई पूरी करना लड़कियों के लिए अब भी चुनौती, रिपोर्ट में खुलासा
इलेक्ट्रिक SUV खरीदने का मौका, Harrier EV पर लाखों की बचत
इलेक्ट्रिक SUV खरीदने का मौका, Harrier EV पर लाखों की बचत
Embed widget