US Fed Meeting Interest Rates: यूएस फेड ने ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव, लेकिन महंगाई ने बढ़ाई पॉवेल की चिंता
US Federal Reserve on Interest Rate: अमेरिकी अर्थव्यवस्था अपेक्षा से मजबूत बनी हुई है, खासकर रोजगार बाजार. वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताएं भी फेड के रुख को सतर्क बनाए हुए हैं.

US Fed Reserve Meeting: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने अपनी दो-दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक के बाद ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं करने का फैसला लिया है. फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल के नेतृत्व में केंद्रीय बैंक ने नीति दरों को 3.50 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत के दायरे में ही बनाए रखा है. यह फैसला ऐसे समय में आया है जब इससे पहले फेड 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती कर चुका था और बाजार को आगे और राहत की उम्मीद थी. हालांकि, फेड का मानना है कि अभी महंगाई, रोजगार बाजार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े आंकड़ों पर और स्पष्टता जरूरी है.
फेड ने दरें क्यों नहीं बदलीं?
यूएस फेड चीफ ने कहा कि महंगाई पर काबू पूरी तरह से नहीं पाया जा सका है और टैरिफ की वजह से कीमतों के ऊपर काफी दबाव बना हुआ है. साथ ही, उन्होंने कहा कि अभी नीतिगत स्तर पर स्थिरता रखना ही बिल्कुल सही कदम होगा.
गौरतलब है कि यूएस फेड के इस फैसले के पीछे की बड़ी वजह ये है कि महंगाई अभी पूरी तरह काबू में नहीं आई है, इसलिए जल्दबाजी में कटौती से बचा गया. अमेरिकी अर्थव्यवस्था अपेक्षा से मजबूत बनी हुई है, खासकर रोजगार बाजार. वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताएं भी फेड के रुख को सतर्क बनाए हुए हैं.
महंगाई और रोजगार का दबाव
ऐसा माना जा रहा है कि यूएस फेड के इस फैसले से डॉलर मजबूत बना रह सकता है, जिससे उभरते बाजारों पर दबाव पड़ सकता है. शेयर बाजारों में सीमित उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है, क्योंकि निवेशक आगे के संकेतों का इंतजार करेंगे. साथ ही, भारत जैसे देशों में विदेशी निवेश और रुपये की चाल पर भी इसका असर पड़ सकता है.
कुल मिलाकर, फेड ने यह साफ कर दिया है कि वह आगे के फैसले आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर रखेगा. यानी आने वाले महीनों में महंगाई और रोजगार से जुड़े डेटा यह तय करेंगे कि ब्याज दरों में कटौती होगी या नहीं.
Source: IOCL























